डूरंड कप 2026: ईस्ट बंगाल ने मोहन बागान को 4-1 से रौंदा, 22 साल बाद 17वाँ खिताब
सारांश
मुख्य बातें
ईस्ट बंगाल एफसी ने 23 अगस्त 2026 को कोलकाता के विवेकानंद युवा भारती क्रीड़ांगन में खेले गए 135वें डूरंड कप के फाइनल में चिर प्रतिद्वंद्वी मोहन बागान सुपर जायंट को 4-1 से पराजित कर ऐतिहासिक खिताब अपने नाम किया। इस जीत के साथ ईस्ट बंगाल ने डूरंड कप में अपना 17वाँ खिताब जीता और मोहन बागान के सर्वाधिक खिताबों के रिकॉर्ड की बराबरी कर ली। 22 वर्षों के लंबे इंतजार का यह अंत भारतीय फुटबॉल इतिहास के सबसे रोमांचक डर्बी फाइनलों में से एक बन गया।
मैच का घटनाक्रम
10वें मिनट में कप्तान मोहम्मद बासिम राशिद के सटीक पास पर बिपिन सिंह ने गोल दागकर ईस्ट बंगाल को पहली बढ़त दिलाई। महज दो मिनट बाद 12वें मिनट में एडमंड लालरिंडिका ने बॉक्स के बाहर से जबरदस्त शॉट लगाते हुए स्कोर 2-0 कर दिया।
22वें मिनट में एडमंड ने स्वयं आक्रमण की शुरुआत की और शानदार कौशल से तीसरा गोल दागकर बढ़त 3-0 कर दी। मोहन बागान ने 33वें मिनट में मनवीर सिंह के गोल से वापसी की कोशिश की और स्कोर 3-1 हुआ, लेकिन 44वें मिनट में एडमंड ने हैट्रिक पूरी कर ईस्ट बंगाल को 4-1 की अजेय बढ़त दे दी।
दूसरे हाफ में मोहन बागान ने कई बदलाव कर लगातार दबाव बनाए रखा, लेकिन ईस्ट बंगाल की सुदृढ़ रक्षा पंक्ति ने कोई गोल नहीं खाया और अंततः रेड एंड गोल्ड ब्रिगेड ने 4-1 की यादगार जीत दर्ज की।
एडमंड लालरिंडिका — मैच के नायक
मिज़ोरम के एडमंड लालरिंडिका फाइनल के निर्विवाद नायक रहे। उन्होंने एक ही मैच में तीन गोल दागकर हैट्रिक पूरी की और अपनी टीम को खिताब दिलाने में केंद्रीय भूमिका निभाई। उनके प्रदर्शन को देखते हुए उन्हें गोल्डन बॉल पुरस्कार से सम्मानित किया गया और साथ में एक एसयूवी की चाबी भी भेंट की गई।
व्यक्तिगत पुरस्कार
टूर्नामेंट के व्यक्तिगत पुरस्कारों में मोहन बागान के गोलकीपर विशाल कैथ को गोल्डन ग्लव, नॉर्थईस्ट यूनाइटेड एफसी के अलाउद्दीन अजराई को गोल्डन बूट और ईस्ट बंगाल के एडमंड लालरिंडिका को गोल्डन बॉल दिया गया। सभी व्यक्तिगत पुरस्कार विजेताओं को ₹3 लाख का चेक प्रदान किया गया।
रक्षा मंत्री की प्रतिक्रिया
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह फाइनल मुकाबले के दौरान स्टेडियम में मौजूद रहे। मैच के बाद उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर ईस्ट बंगाल को बधाई देते हुए लिखा, 'आज कोलकाता में डूरंड कप का फाइनल मुकाबला देखा। मैं ईस्ट बंगाल क्लब को कप जीतने पर बधाई देता हूँ। उनकी अटूट दृढ़ता और बेहतरीन टीमवर्क ने उन्हें जीत और गौरव दिलाया है। एडमंड लालरिंडिका की हैट्रिक और टीम के शानदार प्रदर्शन ने 22 साल के इंतजार का बेहतरीन अंत किया। फाइनल में भारतीय फुटबॉल की सच्ची भावना देखने को मिली। रेड एंड गोल्ड ब्रिगेड को बहुत-बहुत बधाई।'
ऐतिहासिक संदर्भ
यह ऐसे समय में आया है जब भारतीय फुटबॉल में कोलकाता डर्बी की प्रतिष्ठा लगातार बढ़ रही है। गौरतलब है कि ईस्ट बंगाल का आखिरी डूरंड कप खिताब 2004 में आया था — यानी दो दशक से अधिक का सूखा आज समाप्त हुआ। दोनों क्लब अब 17-17 खिताबों के साथ संयुक्त रूप से इस प्रतिष्ठित टूर्नामेंट के सबसे सफल दल बन गए हैं। डूरंड कप, जो 1888 से खेला जा रहा है, एशिया के सबसे पुराने फुटबॉल टूर्नामेंटों में से एक है, और इस फाइनल ने उसकी विरासत को एक नई ऊँचाई दी।