24 अगस्त 2026
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डूरंड कप 2026: ईस्ट बंगाल ने मोहन बागान को 4-1 से रौंदा, 22 साल बाद 17वाँ खिताब

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डूरंड कप 2026: ईस्ट बंगाल ने मोहन बागान को 4-1 से रौंदा, 22 साल बाद 17वाँ खिताब

सारांश

22 साल का इंतजार, एक रात में खत्म। एडमंड लालरिंडिका की धमाकेदार हैट्रिक के दम पर ईस्ट बंगाल ने कोलकाता डर्बी के सबसे बड़े मंच पर मोहन बागान को 4-1 से रौंदा और 135वाँ डूरंड कप जीतकर खिताबों की बराबरी कर ली — दोनों क्लब अब 17-17 पर।

मुख्य बातें

ईस्ट बंगाल एफसी ने 23 अगस्त 2026 को 135वाँ डूरंड कप फाइनल 4-1 से जीता।
एडमंड लालरिंडिका ने हैट्रिक लगाई — गोल 12वें, 22वें और 44वें मिनट में।
ईस्ट बंगाल का यह 17वाँ डूरंड कप खिताब ; मोहन बागान के रिकॉर्ड की बराबरी।
ईस्ट बंगाल का पिछला खिताब 2004 में था — 22 साल के इंतजार का अंत।
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह मैच में उपस्थित रहे और एक्स पर बधाई दी।
व्यक्तिगत पुरस्कार: गोल्डन बॉल — एडमंड लालरिंडिका ; गोल्डन ग्लव — विशाल कैथ ; गोल्डन बूट — अलाउद्दीन अजराई ; हर विजेता को ₹3 लाख का चेक।

ईस्ट बंगाल एफसी ने 23 अगस्त 2026 को कोलकाता के विवेकानंद युवा भारती क्रीड़ांगन में खेले गए 135वें डूरंड कप के फाइनल में चिर प्रतिद्वंद्वी मोहन बागान सुपर जायंट को 4-1 से पराजित कर ऐतिहासिक खिताब अपने नाम किया। इस जीत के साथ ईस्ट बंगाल ने डूरंड कप में अपना 17वाँ खिताब जीता और मोहन बागान के सर्वाधिक खिताबों के रिकॉर्ड की बराबरी कर ली। 22 वर्षों के लंबे इंतजार का यह अंत भारतीय फुटबॉल इतिहास के सबसे रोमांचक डर्बी फाइनलों में से एक बन गया।

मैच का घटनाक्रम

10वें मिनट में कप्तान मोहम्मद बासिम राशिद के सटीक पास पर बिपिन सिंह ने गोल दागकर ईस्ट बंगाल को पहली बढ़त दिलाई। महज दो मिनट बाद 12वें मिनट में एडमंड लालरिंडिका ने बॉक्स के बाहर से जबरदस्त शॉट लगाते हुए स्कोर 2-0 कर दिया।

22वें मिनट में एडमंड ने स्वयं आक्रमण की शुरुआत की और शानदार कौशल से तीसरा गोल दागकर बढ़त 3-0 कर दी। मोहन बागान ने 33वें मिनट में मनवीर सिंह के गोल से वापसी की कोशिश की और स्कोर 3-1 हुआ, लेकिन 44वें मिनट में एडमंड ने हैट्रिक पूरी कर ईस्ट बंगाल को 4-1 की अजेय बढ़त दे दी।

दूसरे हाफ में मोहन बागान ने कई बदलाव कर लगातार दबाव बनाए रखा, लेकिन ईस्ट बंगाल की सुदृढ़ रक्षा पंक्ति ने कोई गोल नहीं खाया और अंततः रेड एंड गोल्ड ब्रिगेड ने 4-1 की यादगार जीत दर्ज की।

एडमंड लालरिंडिका — मैच के नायक

मिज़ोरम के एडमंड लालरिंडिका फाइनल के निर्विवाद नायक रहे। उन्होंने एक ही मैच में तीन गोल दागकर हैट्रिक पूरी की और अपनी टीम को खिताब दिलाने में केंद्रीय भूमिका निभाई। उनके प्रदर्शन को देखते हुए उन्हें गोल्डन बॉल पुरस्कार से सम्मानित किया गया और साथ में एक एसयूवी की चाबी भी भेंट की गई।

व्यक्तिगत पुरस्कार

टूर्नामेंट के व्यक्तिगत पुरस्कारों में मोहन बागान के गोलकीपर विशाल कैथ को गोल्डन ग्लव, नॉर्थईस्ट यूनाइटेड एफसी के अलाउद्दीन अजराई को गोल्डन बूट और ईस्ट बंगाल के एडमंड लालरिंडिका को गोल्डन बॉल दिया गया। सभी व्यक्तिगत पुरस्कार विजेताओं को ₹3 लाख का चेक प्रदान किया गया।

रक्षा मंत्री की प्रतिक्रिया

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह फाइनल मुकाबले के दौरान स्टेडियम में मौजूद रहे। मैच के बाद उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर ईस्ट बंगाल को बधाई देते हुए लिखा, 'आज कोलकाता में डूरंड कप का फाइनल मुकाबला देखा। मैं ईस्ट बंगाल क्लब को कप जीतने पर बधाई देता हूँ। उनकी अटूट दृढ़ता और बेहतरीन टीमवर्क ने उन्हें जीत और गौरव दिलाया है। एडमंड लालरिंडिका की हैट्रिक और टीम के शानदार प्रदर्शन ने 22 साल के इंतजार का बेहतरीन अंत किया। फाइनल में भारतीय फुटबॉल की सच्ची भावना देखने को मिली। रेड एंड गोल्ड ब्रिगेड को बहुत-बहुत बधाई।'

ऐतिहासिक संदर्भ

यह ऐसे समय में आया है जब भारतीय फुटबॉल में कोलकाता डर्बी की प्रतिष्ठा लगातार बढ़ रही है। गौरतलब है कि ईस्ट बंगाल का आखिरी डूरंड कप खिताब 2004 में आया था — यानी दो दशक से अधिक का सूखा आज समाप्त हुआ। दोनों क्लब अब 17-17 खिताबों के साथ संयुक्त रूप से इस प्रतिष्ठित टूर्नामेंट के सबसे सफल दल बन गए हैं। डूरंड कप, जो 1888 से खेला जा रहा है, एशिया के सबसे पुराने फुटबॉल टूर्नामेंटों में से एक है, और इस फाइनल ने उसकी विरासत को एक नई ऊँचाई दी।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि एक क्लब की पुनर्स्थापना की कहानी है — जो पिछले कुछ वर्षों में प्रशासनिक उठापटक और मैदान पर अस्थिर प्रदर्शन से जूझता रहा। एडमंड लालरिंडिका जैसे उभरते भारतीय खिलाड़ी का इतने बड़े मंच पर हैट्रिक लगाना यह भी संकेत देता है कि घरेलू फुटबॉल में नॉर्थईस्ट की प्रतिभा अब केवल सहायक भूमिका में नहीं, बल्कि मुख्य भूमिका में है। हालाँकि, असली सवाल यह है कि क्या ईस्ट बंगाल इस गति को ISL में भी बनाए रख सकता है, जहाँ दोनों कोलकाता क्लबों का प्रदर्शन अक्सर डर्बी की भावना के अनुरूप नहीं रहा। डूरंड कप की यह जीत उत्सव के लिए है, लेकिन दीर्घकालिक प्रतिस्पर्धात्मकता की परीक्षा अभी बाकी है।
RashtraPress
24 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

डूरंड कप 2026 किसने जीता?
ईस्ट बंगाल एफसी ने 23 अगस्त 2026 को कोलकाता में मोहन बागान सुपर जायंट को 4-1 से हराकर 135वाँ डूरंड कप जीता। यह ईस्ट बंगाल का 17वाँ डूरंड कप खिताब है।
एडमंड लालरिंडिका ने डूरंड कप फाइनल में कितने गोल किए?
एडमंड लालरिंडिका ने फाइनल में हैट्रिक लगाई — 12वें, 22वें और 44वें मिनट में तीन गोल दागे। उन्हें टूर्नामेंट का गोल्डन बॉल पुरस्कार और एक एसयूवी भी दी गई।
ईस्ट बंगाल का आखिरी डूरंड कप खिताब कब था?
ईस्ट बंगाल ने इससे पहले 2004 में डूरंड कप जीता था। 2026 की जीत 22 साल के इंतजार के बाद आई है।
डूरंड कप 2026 में व्यक्तिगत पुरस्कार किसे मिले?
गोल्डन बॉल ईस्ट बंगाल के एडमंड लालरिंडिका को, गोल्डन ग्लव मोहन बागान के गोलकीपर विशाल कैथ को और गोल्डन बूट नॉर्थईस्ट यूनाइटेड एफसी के अलाउद्दीन अजराई को दिया गया। प्रत्येक विजेता को ₹3 लाख का चेक प्रदान किया गया।
राजनाथ सिंह का डूरंड कप फाइनल से क्या संबंध है?
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह फाइनल मैच के दौरान विवेकानंद युवा भारती क्रीड़ांगन में व्यक्तिगत रूप से उपस्थित रहे। मैच के बाद उन्होंने एक्स पर ईस्ट बंगाल को बधाई दी और एडमंड लालरिंडिका की हैट्रिक की सराहना की।
राष्ट्र प्रेस
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