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ईस्ट बंगाल ने 22 साल बाद जीता डूरंड कप, लालरिंडिका की हैट्रिक से मोहन बागान को 4-1 से रौंदा

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ईस्ट बंगाल ने 22 साल बाद जीता डूरंड कप, लालरिंडिका की हैट्रिक से मोहन बागान को 4-1 से रौंदा

सारांश

22 साल का इंतजार एक हैट्रिक ने खत्म कर दिया। एडमंड लालरिंडिका ने 44 मिनट में तीन गोल ठोककर कोलकाता डर्बी फाइनल का फैसला कर दिया और ईस्ट बंगाल को 135वाँ डूरंड कप दिला दिया — साथ ही मोहन बागान के 17 खिताबों की बराबरी भी।

मुख्य बातें

ईस्ट बंगाल एफसी ने 135वें डूरंड कप के फाइनल में मोहन बागान सुपर जायंट को 4-1 से हराया।
22 साल बाद खिताब — इससे पहले ईस्ट बंगाल ने 2004 में डूरंड कप जीता था।
एडमंड लालरिंडिका ने पहले हाफ के 44 मिनट में हैट्रिक ( 11', 22', 44' ) लगाई; टीएच बिपिन सिंह ने 10वें मिनट में पहला गोल किया।
मोहन बागान के मनवीर सिंह ने 33वें मिनट में एकमात्र जवाबी गोल किया।
दोनों क्लबों के नाम अब बराबर 17-17 डूरंड कप खिताब ।
गोल्डन बॉल : लालरिंडिका (ईस्ट बंगाल); गोल्डन ग्लव : विशाल कैथ (मोहन बागान); गोल्डन बूट : अलाएद्दीन अजराई (नॉर्थईस्ट यूनाइटेड); सभी को ₹3 लाख का पुरस्कार।

ईस्ट बंगाल एफसी ने 22 अगस्त 2026 को 135वें डूरंड कप के फाइनल में मोहन बागान सुपर जायंट को 4-1 से पराजित कर ऐतिहासिक खिताब अपने नाम किया — 22 साल के लंबे इंतजार का अंत। इससे पहले ईस्ट बंगाल ने यह प्रतिष्ठित ट्रॉफी 2004 में उठाई थी। इस जीत के सूत्रधार रहे एडमंड लालरिंडिका, जिन्होंने पहले हाफ के महज 44 मिनट में शानदार हैट्रिक ठोककर मैच का फैसला कर दिया।

मुख्य घटनाक्रम

कोलकाता के विवेकानंद युवा भारती क्रीड़ांगन में खेले गए इस कोलकाता डर्बी फाइनल में ईस्ट बंगाल ने शुरुआत से ही आक्रामक रुख अपनाया। 10वें मिनट में टीएच बिपिन सिंह ने पहला गोल दागकर स्कोरबोर्ड खोला। ठीक एक मिनट बाद 11वें मिनट में एडमंड लालरिंडिका ने नेट हिलाया और फिर 22वें मिनट में अपना दूसरा गोल दागकर टीम को 3-0 की मजबूत बढ़त दिला दी।

33वें मिनट में मोहन बागान के मनवीर सिंह ने एक गोल करते हुए वापसी की उम्मीद जगाई, लेकिन 44वें मिनट में लालरिंडिका ने अपना तीसरा गोल दागकर हैट्रिक पूरी की और पहले हाफ का स्कोर 4-1 कर दिया।

दूसरा हाफ और अनुशासनात्मक कार्रवाई

दूसरा हाफ गोलरहित रहा, लेकिन मैदान पर तनाव और आक्रामकता बनी रही। 58वें मिनट में मोहन बागान के टेकचम अभिषेक सिंह और 59वें मिनट में ईस्ट बंगाल के थोउनाओजाम जैक्सन सिंह को येलो कार्ड मिले। पहले हाफ में दानी रामिरेज (ईस्ट बंगाल, 29वां मिनट) और लालेंगमाविया राल्टे (मोहन बागान, 42वां मिनट) को भी येलो कार्ड दिखाए गए थे। अंतिम अतिरिक्त समय में मोहन बागान के अल्बर्टो रोड्रिगेज मार्टिन को 90+5वें मिनट में येलो कार्ड मिला। फुल-टाइम पर स्कोर 4-1 ही रहा।

ऐतिहासिक बराबरी

इस खिताब के साथ ईस्ट बंगाल ने डूरंड कप ट्रॉफियों की संख्या में मोहन बागान की बराबरी कर ली। दोनों क्लबों के नाम अब 17-17 खिताब हैं — भारतीय फुटबॉल के सबसे पुराने और सबसे तीखे प्रतिद्वंद्वियों के बीच यह संतुलन और भी ऐतिहासिक महत्व रखता है। यह ऐसे समय में आया है जब भारतीय क्लब फुटबॉल में ISL और डूरंड कप की प्रतिस्पर्धा तेज़ होती जा रही है।

व्यक्तिगत पुरस्कार

टूर्नामेंट के व्यक्तिगत पुरस्कारों में गोल्डन बॉल मैच के नायक एडमंड लालरिंडिका (ईस्ट बंगाल एफसी) को मिला, जिसके साथ उन्हें एक एसयूवी की चाबी भी प्रदान की गई। गोल्डन ग्लव मोहन बागान के विशाल कैथ को और गोल्डन बूट नॉर्थईस्ट यूनाइटेड एफसी के अलाएद्दीन अजराई को मिला। सभी पुरस्कार विजेताओं को ₹3 लाख का चेक भी दिया गया।

आगे क्या

ईस्ट बंगाल का यह खिताब आगामी ISL सीजन से पहले टीम के मनोबल को ऊँचा उठाएगा। गौरतलब है कि यह जीत कोलकाता डर्बी के सबसे बड़े मंच पर आई है, जो भारतीय फुटबॉल प्रशंसकों के लिए एक यादगार पल बन गई है।

संपादकीय दृष्टिकोण

जो ISL और डूरंड दोनों मंचों पर निर्णायक भूमिका निभा रहे हैं। ईस्ट बंगाल की यह जीत उस क्लब के लिए राहत की साँस है जो पिछले कुछ वर्षों में ISL में अपेक्षित प्रदर्शन नहीं कर सका था। असली सवाल यह है कि क्या यह डूरंड की सफलता ISL में भी निरंतरता में बदल पाएगी — क्योंकि भारतीय फुटबॉल में ट्रॉफी और लीग प्रदर्शन के बीच का अंतर अक्सर बड़ा रहा है।
RashtraPress
25 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

135वाँ डूरंड कप किसने जीता?
ईस्ट बंगाल एफसी ने 135वाँ डूरंड कप जीता, फाइनल में मोहन बागान सुपर जायंट को 4-1 से हराकर। यह मैच कोलकाता के विवेकानंद युवा भारती क्रीड़ांगन में खेला गया।
एडमंड लालरिंडिका ने डूरंड कप फाइनल में कितने गोल किए?
एडमंड लालरिंडिका ने फाइनल में हैट्रिक लगाई — 11वें, 22वें और 44वें मिनट में तीन गोल। उन्हें टूर्नामेंट का गोल्डन बॉल पुरस्कार भी मिला।
ईस्ट बंगाल ने इससे पहले डूरंड कप कब जीता था?
ईस्ट बंगाल ने इससे पहले 2004 में डूरंड कप जीता था। 2026 की यह जीत 22 साल के अंतराल के बाद आई है।
डूरंड कप खिताबों में ईस्ट बंगाल और मोहन बागान की स्थिति क्या है?
2026 की जीत के बाद दोनों क्लबों के नाम बराबर 17-17 डूरंड कप खिताब हो गए हैं। यह भारतीय फुटबॉल की सबसे पुरानी प्रतिद्वंद्विता में एक ऐतिहासिक बराबरी है।
डूरंड कप 2026 के व्यक्तिगत पुरस्कार किसे मिले?
गोल्डन बॉल एडमंड लालरिंडिका (ईस्ट बंगाल एफसी) को, गोल्डन ग्लव विशाल कैथ (मोहन बागान एसजी) को और गोल्डन बूट अलाएद्दीन अजराई (नॉर्थईस्ट यूनाइटेड एफसी) को मिला। सभी पुरस्कार विजेताओं को ₹3 लाख का चेक दिया गया, जबकि गोल्डन बॉल विजेता को एक एसयूवी की चाबी भी मिली।
राष्ट्र प्रेस
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