25 अगस्त 2026
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रक्षाबंधन से पहले खाद्य विभाग की छापेमारी: गाजियाबाद में 10 क्विंटल, नोएडा में 100 किलो मिलावटी रसगुल्ला नष्ट

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रक्षाबंधन से पहले खाद्य विभाग की छापेमारी: गाजियाबाद में 10 क्विंटल, नोएडा में 100 किलो मिलावटी रसगुल्ला नष्ट

सारांश

रक्षाबंधन से पहले खाद्य विभाग ने गाजियाबाद और नोएडा में एक साथ छापेमारी कर 10 क्विंटल से अधिक मिलावटी रसगुल्ला नष्ट कराया। पनीर में स्टार्च और खतरनाक ब्लीचिंग रसायन के इस्तेमाल का खुलासा हुआ है — त्योहारी सीजन में मिठाइयों की सुरक्षा पर बड़ा सवाल।

मुख्य बातें

25 अगस्त को गाजियाबाद के भीमनगर स्थित सचिन छेना स्टोर पर छापेमारी में करीब 10 क्विंटल छेना रसगुल्ला नष्ट कराया गया।
नोएडा के सरफाबाद सेक्टर-72 में दूषित रसगुल्ला निर्माणशाला पर कार्रवाई, 100 किलो रसगुल्ले नष्ट, 7 नमूने जाँच के लिए भेजे गए।
पनीर में स्टार्च मिलाकर उसे सफेद करने के लिए सोडियम फॉर्मेल्डिहाइड सल्फोक्सिलेट रसायन के उपयोग का खुलासा।
फर्म का लाइसेंस सस्पेंड करने की प्रक्रिया शुरू; नमूनों की रिपोर्ट आने पर खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम के तहत कार्रवाई होगी।
डीएम रवींद्र कुमार मांदड़ ने त्योहारी सीजन में मिलावट के खिलाफ सख्त अभियान के निर्देश दिए हैं।

खाद्य विभाग ने रक्षाबंधन से ठीक पहले गाजियाबाद और नोएडा में मिलावटखोरों के खिलाफ बड़ा अभियान चलाया। 25 अगस्त को क्रॉसिंग रिपब्लिक थाना क्षेत्र के भीमनगर स्थित सचिन छेना स्टोर पर छापेमारी में करीब 10 क्विंटल छेना रसगुल्ला नष्ट कराया गया, जबकि नोएडा के सरफाबाद सेक्टर-72 में 100 किलो दूषित रसगुल्ले नष्ट किए गए। दोनों कार्रवाइयों में खाद्य सुरक्षा मानकों का उल्लंघन पाया गया।

गाजियाबाद: सचिन छेना स्टोर पर छापा

खाद्य विभाग के अधिकारी सुरेश कुमार मिश्रा ने बताया कि खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन की डॉ. रोशन जैकब के निर्देश पर यह अभियान चलाया जा रहा है। उन्होंने कहा, 'हमें शिकायत मिली थी कि इस परिसर में बड़ी मात्रा में छेना रसगुल्ला तैयार किया जा रहा है।' सर्वोदय नगर निवासी उदय सिंह की बताई गई इस फर्म पर जाँच के दौरान प्रथम दृष्टया गुणवत्ता मानकों का उल्लंघन पाया गया।

अधिकारियों के अनुसार, पनीर को मैश कर उसमें स्टार्च मिलाया जा रहा था और उसे सफेद करने के लिए सोडियम फॉर्मेल्डिहाइड सल्फोक्सिलेट नामक रसायन का उपयोग किया जा रहा था, जो ब्लीचिंग और प्रिजर्वेटिव दोनों का काम करता है। टीम ने मौके से रसगुल्ला, अरारोट, पनीर और सेफोलाइट के चार नमूने लेकर जाँच के लिए प्रयोगशाला भेजे हैं।

मिश्रा ने स्पष्ट किया, 'इन्हीं रसायनों के पाए जाने के कारण खाद्य पदार्थ नष्ट किए गए। फिलहाल हम इनका लाइसेंस सस्पेंड करने की प्रक्रिया शुरू करेंगे।'

नोएडा में भी कार्रवाई, 7 नमूने भेजे

नोएडा के सरफाबाद सेक्टर-72 स्थित एक रसगुल्ला निर्माणशाला में छापे के दौरान दूषित रसगुल्लों पर मक्खी-मच्छर पाए गए। अधिकारियों ने करीब 100 किलो रसगुल्ले नष्ट कराए। इसके अलावा टीम ने कुल 7 खाद्य पदार्थों के नमूने एकत्र किए — जेवर टोल प्लाजा पर पनीर के 3 नमूने, सेक्टर-134 में घेवर और इकोटेक-2 में खोया-घेवर के नमूने शामिल हैं।

पृष्ठभूमि: मोदीनगर में भी पहले हो चुकी है कार्रवाई

गौरतलब है कि इस अभियान से करीब चार दिन पहले मोदीनगर के पास भोजपुर में भी खाद्य विभाग ने छापेमारी की थी, जहाँ संदिग्ध पनीर, मावा और अन्य खाद्य सामग्री जब्त की गई थी। विभाग को शिकायत मिली थी कि इलाके में छेना, मावा, केक और घेवर में मिलावट की जा रही है। इसके बाद जाँच अभियान को और तेज कर दिया गया।

प्रशासन की सख्ती और आगे की कार्रवाई

डीएम गाजियाबाद रवींद्र कुमार मांदड़ ने त्योहारी सीजन को देखते हुए खाद्य विभाग को मिलावट के खिलाफ सख्त कदम उठाने के निर्देश दिए हैं। अधिकारियों को शिकायत मिलते ही तत्काल जाँच करने और संदिग्ध खाद्य पदार्थों के नमूने लेने के लिए कहा गया है। विभाग के अनुसार, प्रयोगशाला रिपोर्ट में गड़बड़ी पाए जाने पर संबंधित फर्मों के खिलाफ खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम के तहत कड़ी कार्रवाई की जाएगी। नमूनों की रिपोर्ट आने के बाद इस मामले में आगे की कानूनी प्रक्रिया तय होगी।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि सार्वजनिक स्वास्थ्य का गंभीर मसला है। नमूने लैब में भेजे जाते हैं, रिपोर्टें महीनों बाद आती हैं और तब तक त्योहार बीत चुका होता है। जब तक खाद्य सुरक्षा तंत्र में रियल-टाइम परीक्षण और त्वरित न्याय की व्यवस्था नहीं होती, ये अभियान आपूर्ति श्रृंखला में जड़ें जमा चुके मिलावट के कारोबार को नहीं रोक सकते।
RashtraPress
25 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

गाजियाबाद में खाद्य विभाग ने क्या कार्रवाई की?
खाद्य विभाग की टीम ने 25 अगस्त को गाजियाबाद के भीमनगर स्थित सचिन छेना स्टोर पर छापा मारकर करीब 10 क्विंटल छेना रसगुल्ला नष्ट कराया। जाँच में पनीर में स्टार्च और सोडियम फॉर्मेल्डिहाइड सल्फोक्सिलेट रसायन के इस्तेमाल का खुलासा हुआ।
सोडियम फॉर्मेल्डिहाइड सल्फोक्सिलेट क्या है और यह खतरनाक क्यों है?
सोडियम फॉर्मेल्डिहाइड सल्फोक्सिलेट एक रासायनिक यौगिक है जिसका उपयोग ब्लीचिंग और प्रिजर्वेटिव के रूप में किया जाता है। खाद्य पदार्थों में इसका उपयोग खाद्य सुरक्षा मानकों का उल्लंघन है और यह स्वास्थ्य के लिए हानिकारक माना जाता है।
नोएडा में खाद्य विभाग की कार्रवाई में क्या मिला?
नोएडा के सरफाबाद सेक्टर-72 स्थित एक रसगुल्ला निर्माणशाला में दूषित रसगुल्लों पर मक्खी-मच्छर पाए गए। करीब 100 किलो रसगुल्ले नष्ट कराए गए और 7 खाद्य पदार्थों के नमूने जाँच के लिए भेजे गए।
संबंधित फर्म के खिलाफ आगे क्या कार्रवाई होगी?
अधिकारियों के अनुसार फर्म का लाइसेंस सस्पेंड करने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी। नमूनों की प्रयोगशाला रिपोर्ट में गड़बड़ी पाए जाने पर खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम के तहत कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
क्या इस तरह की कार्रवाई पहले भी हुई है?
हाँ, इस अभियान से करीब चार दिन पहले मोदीनगर के पास भोजपुर में भी खाद्य विभाग ने संदिग्ध पनीर, मावा और अन्य मिलावटी खाद्य सामग्री जब्त की थी। डीएम गाजियाबाद के निर्देश पर त्योहारी सीजन में यह अभियान लगातार जारी है।
राष्ट्र प्रेस
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