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सोशल मीडिया पर 70% खबरें फेक: संजय निषाद ने UP सरकार के स्कूल निर्देशों का किया समर्थन

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सोशल मीडिया पर 70% खबरें फेक: संजय निषाद ने UP सरकार के स्कूल निर्देशों का किया समर्थन

सारांश

UP मंत्री संजय निषाद ने सरकारी स्कूलों में सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर्स पर लगी रोक को सही ठहराया और कहा कि 70% से अधिक सोशल मीडिया खबरें फेक होती हैं। साथ ही उन्होंने UP पुलिस एनकाउंटर पर हाई कोर्ट की जाँच और वंदे मातरम विवाद पर भी बेबाक राय रखी।

मुख्य बातें

UP मंत्री संजय निषाद ने 20 अगस्त को सरकारी स्कूलों में यूट्यूबर्स और सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर्स के प्रवेश पर रोक के निर्देशों का समर्थन किया।
निषाद के अनुसार सोशल मीडिया पर 70 प्रतिशत से अधिक खबरें भ्रामक या मनगढ़ंत होती हैं।
उत्तर प्रदेश सरकार ने कई जिलों के बेसिक शिक्षा अधिकारियों को परिषद विद्यालयों में बिना अनुमति बाहरी व्यक्तियों और वीडियोग्राफी पर रोक लगाने के निर्देश दिए हैं।
मंत्री ने CWC बैठक में 'वंदे मातरम' के केवल दो पैरा गाने के फैसले पर कांग्रेस की आलोचना की।
UP पुलिस एनकाउंटर मामले में हाई कोर्ट के सवाल और सीबीआई जाँच पर निषाद ने कहा — न्यायालय के आदेशों का सम्मान होना चाहिए।

उत्तर प्रदेश के मंत्री संजय निषाद ने 20 अगस्त को उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा कई जिलों के बेसिक शिक्षा अधिकारियों को जारी उन निर्देशों का खुलकर समर्थन किया, जिनमें सरकारी परिषद विद्यालयों में बिना अनुमति बाहरी व्यक्तियों, यूट्यूबर्स और सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर्स के प्रवेश तथा वीडियोग्राफी पर पाबंदी लगाई गई है। निषाद ने कहा कि सोशल मीडिया पर प्रसारित होने वाली 70 प्रतिशत से अधिक खबरें भ्रामक या मनगढ़ंत होती हैं और इनका बच्चों की शिक्षा पर नकारात्मक असर नहीं पड़ना चाहिए।

स्कूलों में सोशल मीडिया पर रोक का मामला

उत्तर प्रदेश सरकार ने हाल ही में राज्य के कई जिलों में बेसिक शिक्षा अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि परिषद विद्यालयों में बाहरी व्यक्तियों, यूट्यूबर्स और सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर्स का प्रवेश बिना पूर्व अनुमति के प्रतिबंधित रहेगा। इसके साथ ही विद्यालय परिसर के भीतर वीडियोग्राफी पर भी रोक लगाई गई है। यह कदम ऐसे समय में आया है जब सोशल मीडिया पर स्कूलों से जुड़े कई वीडियो वायरल होने की घटनाएँ सामने आई थीं।

मंत्री संजय निषाद का बयान

मंत्री संजय निषाद ने इस विषय पर कहा, 'सोशल मीडिया समाज को सही संदेश और दिशा देने के लिए बनाया गया था, लेकिन आप समझ सकते हैं कि सोशल मीडिया किस तरह का विश्वविद्यालय बन गया है। 70 प्रतिशत से ज्यादा खबरें फेक होती हैं, कुछ भी मनगढ़ंत बातें बनाई जा सकती हैं। एक फेक न्यूज को ठीक करने में बहुत समय लगता है। हमारा मानना है कि मीडिया के जरिए फैलाए जा रहे गुमराह करने वाले प्रचार का असर बच्चों के दिमाग या शिक्षा के क्षेत्र पर नहीं पड़ना चाहिए।'

निषाद ने यह भी कहा कि टीआरपी बढ़ाने की होड़ में भ्रामक सामग्री परोसने वाले लोगों को न समाज की परवाह है और न देश की। उन्होंने इस बात पर भी जोर दिया कि ये सभी विदेशी प्लेटफॉर्म हैं और इन पर देश की छवि को दाँव पर नहीं लगाया जाना चाहिए।

कांग्रेस और वंदे मातरम विवाद पर प्रतिक्रिया

मंत्री निषाद ने कांग्रेस वर्किंग कमेटी (CWC) की बैठक में राष्ट्रगीत 'वंदे मातरम' के केवल दो पैरा गाने के फैसले पर भी कांग्रेस पार्टी की आलोचना की। उन्होंने कहा कि इसी चरित्र के कारण कांग्रेस सत्ता से बाहर है।

UP पुलिस एनकाउंटर और हाई कोर्ट के सवाल

उत्तर प्रदेश पुलिस के एनकाउंटर मामलों पर हाई कोर्ट द्वारा सवाल उठाने और एक मामले की जाँच सीबीआई को सौंपे जाने पर संजय निषाद ने कहा, 'कुछ मामले निश्चित रूप से संदिग्ध होते हैं, और जब कोर्ट को उन पर शक होता है तो वह कार्रवाई करता है।' उन्होंने स्पष्ट किया कि न्यायालय के आदेशों का सभी को सम्मान करना चाहिए और सच्चाई निश्चित रूप से सामने आएगी। गौरतलब है कि उत्तर प्रदेश में पुलिस एनकाउंटर की न्यायिक समीक्षा का यह मामला व्यापक बहस का विषय बना हुआ है।

आगे क्या

उत्तर प्रदेश सरकार के इस निर्देश के बाद अब यह देखना होगा कि राज्य के सभी जिलों में इसे किस तरह लागू किया जाता है और क्या इसे लेकर डिजिटल अधिकार संगठनों या विपक्षी दलों की ओर से कोई औपचारिक आपत्ति दर्ज होती है।

संपादकीय दृष्टिकोण

या सार्वजनिक शिक्षा व्यवस्था पर मीडिया निगरानी को सीमित करने की कोशिश? सरकारी स्कूलों की दशा को उजागर करने में सोशल मीडिया की भूमिका को नकारा नहीं जा सकता — कई बार इन्हीं वायरल वीडियो ने प्रशासन को जवाबदेह बनाया है। '70% खबरें फेक हैं' जैसा व्यापक दावा बिना किसी स्वतंत्र डेटा के आधारहीन है और इसे नीतिगत औचित्य के रूप में प्रस्तुत करना चिंताजनक है। मुख्यधारा की कवरेज जो नजरअंदाज कर रही है वह यह है कि यह निर्देश किन विशेष घटनाओं के बाद आया और इसकी निगरानी की जिम्मेदारी किसके पास होगी।
RashtraPress
20 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

UP सरकार ने स्कूलों में यूट्यूबर्स पर रोक क्यों लगाई?
उत्तर प्रदेश सरकार ने कई जिलों के बेसिक शिक्षा अधिकारियों को निर्देश दिया है कि परिषद विद्यालयों में बिना अनुमति बाहरी व्यक्तियों, यूट्यूबर्स और सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर्स का प्रवेश और वीडियोग्राफी प्रतिबंधित रहेगी। सरकार का तर्क है कि भ्रामक सामग्री से बच्चों की शिक्षा प्रभावित हो सकती है।
संजय निषाद ने सोशल मीडिया के बारे में क्या कहा?
उत्तर प्रदेश के मंत्री संजय निषाद ने कहा कि सोशल मीडिया पर 70 प्रतिशत से अधिक खबरें फेक या भ्रामक होती हैं। उन्होंने कहा कि टीआरपी बढ़ाने के लिए मनगढ़ंत सामग्री फैलाने वालों को न समाज की परवाह है और न देश की।
UP पुलिस एनकाउंटर पर हाई कोर्ट ने क्या किया?
हाई कोर्ट ने उत्तर प्रदेश पुलिस के एनकाउंटर के एक मामले पर सवाल उठाते हुए उसकी जाँच सीबीआई को सौंपी है। मंत्री संजय निषाद ने कहा कि कुछ मामले संदिग्ध होते हैं और न्यायालय के आदेशों का सम्मान होना चाहिए।
वंदे मातरम और कांग्रेस विवाद क्या है?
कांग्रेस वर्किंग कमेटी (CWC) की बैठक में राष्ट्रगीत 'वंदे मातरम' के केवल दो पैरा गाने का फैसला किया गया, जिसकी संजय निषाद ने आलोचना की। उन्होंने कहा कि इसी सोच के कारण कांग्रेस सत्ता से बाहर है।
क्या यह रोक पूरे उत्तर प्रदेश में लागू है?
अभी तक यह निर्देश उत्तर प्रदेश के कई जिलों के बेसिक शिक्षा अधिकारियों को जारी किए गए हैं। इसे राज्यभर में एकसमान रूप से लागू किए जाने की आधिकारिक पुष्टि अभी सामने नहीं आई है।
राष्ट्र प्रेस
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