अयोध्या रामलीला का दिल्ली में आठवाँ संस्करण: पहली बार 3 साल के बच्चे करेंगे अभिनय, 60+ फिल्मी सितारे भी मंच पर
सारांश
मुख्य बातें
देश की सबसे बड़ी अयोध्या रामलीला इस वर्ष पहली बार दिल्ली में अपना आठवाँ संस्करण प्रस्तुत करने जा रही है। 10 से 20 अक्टूबर 2026 तक नई दिल्ली के रफी मार्ग स्थित कांस्टीट्यूशन क्लब के मावलंकर हॉल में होने वाले इस भव्य आयोजन में पहली बार तीन वर्ष से लेकर सोलह वर्ष तक के बाल कलाकार सुबह के सत्र में मंच सँभालेंगे, जबकि शाम को 60 से अधिक फिल्मी सितारे रामकथा को जीवंत करेंगे।
क्या है इस संस्करण की खासियत
आयोजकों के अनुसार, इतनी कम उम्र के बच्चों — विशेषकर तीन वर्ष के शिशु कलाकारों — को रामलीला में शामिल करने का यह पहला प्रयोग है। इन बाल कलाकारों के माध्यम से भगवान श्रीराम के बाल स्वरूप को विशेष रूप से मंचित किया जाएगा। सुबह 10 बजे से दोपहर 12 बजे तक चलने वाले इस सत्र में बच्चे रामकथा के विविध प्रसंगों में भाग लेंगे।
शाम 7 बजे से रात 10 बजे तक फिल्मी कलाकारों की प्रस्तुति होगी। आयोजन स्थल पर शाम 4 बजे से रात 11 बजे तक मेले का भी आयोजन रहेगा। हॉल की बैठने की क्षमता करीब 600 दर्शकों की है और दृश्यों को स्पष्ट दिखाने के लिए 120 फीट लंबी एलईडी टीवी स्क्रीन लगाई जाएगी।
मुख्य कलाकार और भूमिकाएँ
गोरखपुर से सांसद और भोजपुरी-बॉलीवुड अभिनेता रविकिशन इस बार पहली बार प्रभु श्रीराम की भूमिका निभाएँगे। इससे पूर्व वे केवट, भगवान परशुराम और भरत की भूमिकाएँ अदा कर चुके हैं। 19 अक्टूबर को वे राम के रूप में मंच पर उतरेंगे।
लंकापति रावण की भूमिका में अरुण बख्शी होंगे। बिंदु दारा सिंह भगवान शिव, पुनीत इस्सर भगवान परशुराम, रजा मुराद अहिरावण और अवतार गिल मेघनाद की भूमिका में मंच पर आएँगे। दिल्ली और मुंबई के कलाकार रिहर्सल में जुटे हुए हैं।
रामलीला की पृष्ठभूमि और विस्तार
यह रामलीला कोरोना काल में उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अनुमति और पहल से शुरू हुई थी। संस्थापक सुभाष मलिक (बॉबी) और शुभम मलिक की अगुवाई में यह आयोजन अब राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय पहचान हासिल कर चुका है। अब तक अयोध्या में सात संस्करण सफलतापूर्वक आयोजित हो चुके हैं।
सुभाष मलिक के अनुसार, पिछले वर्ष इस प्रस्तुति को 62 करोड़ से अधिक रामभक्तों ने घर बैठे देखा। इस वर्ष 80 से अधिक सैटेलाइट चैनलों पर 40 भाषाओं में प्रसारण होगा और 60 से अधिक देशों तक रामभक्ति का संदेश पहुँचेगा।
आगे का कार्यक्रम
दिल्ली में आठवें संस्करण के बाद, नवाँ संस्करण 15 जनवरी 2027 से 25 जनवरी 2027 तक अयोध्या में आयोजित होगा। इस प्रकार अक्टूबर में दिल्ली और जनवरी में अयोध्या — दोनों स्थानों पर रामकथा का भव्य मंच सजेगा। यह आयोजन धार्मिक और सांस्कृतिक महत्व के साथ-साथ बच्चों को रामकथा की विरासत से जोड़ने का एक अनूठा माध्यम बनता जा रहा है।