क्या नोएडा में श्री सनातन धर्म रामलीला समिति ने रामलीला के आयोजन के लिए भूमि पूजन संपन्न किया?

सारांश
Key Takeaways
- रामलीला का आयोजन 22 सितंबर से 3 अक्टूबर तक होगा।
- 40वां संस्करण इस वर्ष आयोजित किया जाएगा।
- दर्शकों के लिए विशेष सुरक्षा इंतजाम किए गए हैं।
- भगवान राम के आदर्शों को फैलाने का माध्यम।
- संस्कृति और धर्म का मिलन।
नोएडा, 31 अगस्त (राष्ट्र प्रेस)। रविवार को नोएडा के सेक्टर 21ए में स्थित नोएडा स्टेडियम में श्री सनातन धर्म रामलीला समिति द्वारा इस वर्ष की रामलीला के आयोजन के लिए भूमि पूजन समारोह का आयोजन किया गया। इस समारोह को वैदिक विधि-विधान के अनुसार संपन्न किया गया, जिसमें पूर्व केंद्रीय मंत्री एवं स्थानीय सांसद डॉ. महेश शर्मा मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे।
इस अवसर पर रामलीला समिति के पदाधिकारी, स्थानीय गणमान्य व्यक्ति और बड़ी संख्या में श्रद्धालु मौजूद रहे। भूमि पूजन के साथ ही रामलीला के मंचन की तैयारियां विधिवत शुरू हो गईं।
इस वर्ष रामलीला का आयोजन 22 सितंबर से 3 अक्टूबर तक होगा, जबकि 2 अक्टूबर को दशहरा पर्व धूमधाम से मनाया जाएगा।
श्री सनातन धर्म रामलीला समिति के महासचिव संजय बाली ने बताया कि इस वर्ष रामलीला का मंचन का 40वां संस्करण आयोजित किया जा रहा है। इस भव्य आयोजन के लिए प्रतिष्ठित मंडली द्वारा मंचन किया जाएगा, जिसमें 40 से 45 कलाकार भगवान राम, सीता, लक्ष्मण, हनुमान और रावण जैसे महत्वपूर्ण किरदारों को जीवंत करेंगे।
आयोजन की तैयारियों को लेकर संजय बाली ने बताया कि दर्शकों की सुविधा और सुरक्षा के लिए विशेष इंतजाम किए गए हैं। स्टेडियम में सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएंगे और दर्शकों के लिए समुचित बैठने की व्यवस्था सुनिश्चित की जाएगी।
इसके अलावा, मंचन की भव्यता को बढ़ाने के लिए विशेष साज-सज्जा और तकनीकी व्यवस्थाओं पर भी ध्यान दिया जा रहा है, ताकि दर्शक रामलीला के आध्यात्मिक और सांस्कृतिक अनुभव का आनंद ले सकें।
भूमि पूजन समारोह के बाद मीडिया से बातचीत में डॉ. महेश शर्मा ने कहा, “रामलीला का मंचन केवल एक धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि भगवान राम के जीवन दर्शन और उनके आदर्शों को जन-जन तक पहुंचाने का माध्यम है। हमें उनके दिखाए मार्ग को अपने जीवन में अपनाना चाहिए।”
उन्होंने आगे कहा, “पिछले वर्ष अयोध्या में भव्य राम मंदिर का निर्माण पूर्ण हो चुका है, जो हमारे संतों और पूर्वजों द्वारा परिकल्पित रामराज्य का प्रतीक है। अब हमारा दायित्व है कि हम इस रामराज्य को और सशक्त बनाने के लिए अपनी आहुति दें।”
रामलीला समिति के पदाधिकारियों ने बताया कि इस वर्ष का आयोजन भव्यता और भक्ति के साथ-साथ सामाजिक संदेश को भी प्रबल करेगा। दर्शकों से अपील की गई है कि वे इस सांस्कृतिक और धार्मिक आयोजन में बढ़-चढ़कर हिस्सा लें और भगवान राम के आदर्शों को अपने जीवन में आत्मसात करें।