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सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम ने जस्टिस संजय के. अग्रवाल का छत्तीसगढ़ से राजस्थान हाई कोर्ट तबादला किया

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सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम ने जस्टिस संजय के. अग्रवाल का छत्तीसगढ़ से राजस्थान हाई कोर्ट तबादला किया

सारांश

सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम ने 31 अगस्त की बैठक में छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट के जस्टिस संजय के. अग्रवाल को राजस्थान हाई कोर्ट भेजने की सिफारिश की है। 1989 से वकालत शुरू करने वाले अग्रवाल 2013 में अतिरिक्त जज और 2016 में स्थायी जज बने थे।

मुख्य बातें

सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम ने 31 अगस्त को जस्टिस संजय के.
अग्रवाल का छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट से राजस्थान हाई कोर्ट में तबादला करने की सिफारिश की।
जस्टिस अग्रवाल 5 सितंबर तक न्यायिक कार्यों से अवकाश पर हैं।
उन्होंने 3 जनवरी 1989 को वकालत शुरू की और सिविल व संवैधानिक मामलों में विशेषज्ञता हासिल की।
16 सितंबर 2013 को छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट के अतिरिक्त जज और 8 मार्च 2016 को स्थायी जज नियुक्त हुए।
वे छत्तीसगढ़ के एडवोकेट जनरल ( 25 जून 2012 से पदोन्नति तक) और उससे पहले डिप्टी एडवोकेट जनरल रह चुके हैं।

सर्वोच्च न्यायालय के कॉलेजियम ने 31 अगस्त को हुई बैठक में छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय के न्यायाधीश जस्टिस संजय के. अग्रवाल को राजस्थान उच्च न्यायालय में स्थानांतरित करने की सिफारिश की है। इस स्थानांतरण के बीच जस्टिस अग्रवाल 5 सितंबर तक न्यायिक कार्यों से अवकाश पर हैं।

न्यायिक करियर और पृष्ठभूमि

छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय की आधिकारिक वेबसाइट पर उपलब्ध जानकारी के अनुसार, जस्टिस संजय के. अग्रवाल का जन्म 15 जुलाई 1965 को रतनपुर, बिलासपुर में हुआ था। उन्होंने रतनपुर में अपनी प्रारंभिक शिक्षा पूरी की और गुरु घासीदास विश्वविद्यालय, बिलासपुर से बैचलर ऑफ साइंस तथा बैचलर ऑफ लॉज की डिग्री प्राप्त की। इसके बाद उन्होंने पंडित रविशंकर शुक्ल विश्वविद्यालय, रायपुर से मास्टर ऑफ लॉज की उपाधि हासिल की।

वकालत से न्यायपीठ तक का सफर

3 जनवरी 1989 को अधिवक्ता के रूप में पंजीकृत होने के बाद उन्होंने बिलासपुर के जिला एवं सत्र न्यायालय, जबलपुर स्थित मध्य प्रदेश उच्च न्यायालय और बिलासपुर स्थित छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय में वकालत की। उनकी विशेषज्ञता सिविल और संवैधानिक मामलों में रही। अपने अधिवक्ता जीवन में वे भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI), भारत पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड, इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन लिमिटेड, स्टील अथॉरिटी ऑफ इंडिया लिमिटेड, स्टेट बैंक ऑफ इंडिया, केनरा बैंक, देना बैंक तथा रायपुर और बिलासपुर नगर निगमों सहित अनेक सरकारी निगमों और कॉर्पोरेट समूहों के अधिवक्ता रहे।

सरकारी पदों पर योगदान

जस्टिस अग्रवाल ने 1 मार्च 2002 से 29 फरवरी 2004 तक छत्तीसगढ़ राज्य के डिप्टी एडवोकेट जनरल के रूप में कार्य किया। तत्पश्चात 25 जून 2012 से पदोन्नति तक वे छत्तीसगढ़ के एडवोकेट जनरल रहे — राज्य का सर्वोच्च विधि अधिकारी पद। इस दौरान वे हिदायतुल्लाह नेशनल लॉ यूनिवर्सिटी, रायपुर की कार्यकारी परिषद के पदेन सदस्य, इंडियन लॉ रिपोर्ट्स कमिटी (छत्तीसगढ़ श्रृंखला) के सदस्य और छत्तीसगढ़ सीपीसी वैकल्पिक विवाद निवारण एवं मध्यस्थता नियम, 2006 के तहत मध्यस्थ की भूमिका में भी रहे।

उच्च न्यायालय में नियुक्ति

16 सितंबर 2013 को उन्हें छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय का अतिरिक्त न्यायाधीश नियुक्त किया गया। इसके बाद 8 मार्च 2016 को उन्होंने स्थायी न्यायाधीश के रूप में शपथ ली। अब सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम की सिफारिश के बाद उनका अगला पड़ाव राजस्थान उच्च न्यायालय होगा।

गौरतलब है कि सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम की स्थानांतरण सिफारिशें न्यायिक स्वतंत्रता और प्रशासनिक संतुलन के व्यापक ढाँचे का हिस्सा होती हैं। यह सिफारिश केंद्र सरकार के पास अनुमोदन के लिए भेजी जाएगी, जिसके बाद आधिकारिक अधिसूचना जारी होगी।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन इसकी पारदर्शिता को लेकर बहस लंबे समय से जारी है। जस्टिस अग्रवाल जैसे वरिष्ठ न्यायाधीश, जिनकी जड़ें छत्तीसगढ़ की न्यायिक व्यवस्था में गहरी हैं, के स्थानांतरण से राज्य की अदालत में रिक्तता और कार्यभार पर असर पड़ सकता है। कॉलेजियम की सिफारिश अब केंद्र सरकार के अनुमोदन की प्रतीक्षा में है — और यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि अनुमोदन में कितना समय लगता है, क्योंकि विलंब न्यायिक प्रशासन को प्रभावित करता है।
RashtraPress
1 सितंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

जस्टिस संजय के. अग्रवाल का तबादला कहाँ किया गया है?
सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम ने जस्टिस संजय के. अग्रवाल का छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय से राजस्थान उच्च न्यायालय में स्थानांतरण की सिफारिश की है। यह सिफारिश 31 अगस्त को हुई कॉलेजियम की बैठक में की गई।
सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम की तबादला सिफारिश क्या होती है?
सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम — जिसमें भारत के मुख्य न्यायाधीश और वरिष्ठतम न्यायाधीश शामिल होते हैं — उच्च न्यायालयों के न्यायाधीशों की नियुक्ति और स्थानांतरण की सिफारिश करता है। यह सिफारिश केंद्र सरकार को भेजी जाती है, जिसके अनुमोदन के बाद आधिकारिक अधिसूचना जारी होती है।
जस्टिस संजय के. अग्रवाल कब से छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट में जज हैं?
जस्टिस अग्रवाल 16 सितंबर 2013 को छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट के अतिरिक्त न्यायाधीश नियुक्त हुए थे और 8 मार्च 2016 को स्थायी न्यायाधीश बने। इससे पहले वे छत्तीसगढ़ के एडवोकेट जनरल रह चुके हैं।
जस्टिस अग्रवाल 5 सितंबर तक अवकाश पर क्यों हैं?
स्थानांतरण सिफारिश के बीच जस्टिस संजय के. अग्रवाल 5 सितंबर तक न्यायिक कार्यों से अवकाश पर हैं। अवकाश का विशेष कारण सार्वजनिक रूप से स्पष्ट नहीं किया गया है।
जस्टिस अग्रवाल की शैक्षणिक और व्यावसायिक पृष्ठभूमि क्या है?
जस्टिस अग्रवाल ने गुरु घासीदास विश्वविद्यालय, बिलासपुर से बैचलर ऑफ साइंस और बैचलर ऑफ लॉज तथा पंडित रविशंकर शुक्ल विश्वविद्यालय, रायपुर से मास्टर ऑफ लॉज की डिग्री ली। उन्होंने 1989 में वकालत शुरू की और BCCI, SBI, SAIL जैसे प्रमुख संस्थानों के अधिवक्ता रहे।
राष्ट्र प्रेस
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