भारत जोड़ो 2.0 पदयात्रा BJP की 'बल्लारी चलो' की नकल: विजयेंद्र का कांग्रेस पर हमला
सारांश
मुख्य बातें
कर्नाटक भाजपा अध्यक्ष एवं शिकारीपुरा विधायक बीवाई विजयेंद्र ने 30 सितंबर को चित्रदुर्ग में आरोप लगाया कि कर्नाटक कांग्रेस की 'भारत जोड़ो 2.0' पदयात्रा वास्तव में भाजपा की 'बल्लारी चलो' यात्रा से प्रेरित है और सत्तारूढ़ पार्टी को दबाव में आकर यह अभियान शुरू करना पड़ा है। उन्होंने यह बयान चित्रदुर्ग के जयदेव स्टेडियम में विश्व हिंदू परिषद और बजरंग दल द्वारा आयोजित 'हिंदू महा गणपति' दर्शन के बाद पत्रकारों से बातचीत के दौरान दिया।
विजयेंद्र का केपीसीसी पर सीधा प्रहार
विजयेंद्र ने कहा, 'केपीसीसी अध्यक्ष मेरे निर्वाचन क्षेत्र में पदयात्रा कर रहे हैं। राज्य में विरोध की चिंगारी जलाने का श्रेय शिकारीपुरा को जाता है। मैं केपीसीसी अध्यक्ष को शुभकामनाएं देता हूं।' उनका यह कथन स्पष्ट रूप से व्यंग्यात्मक था, क्योंकि यह पदयात्रा उन्हीं के विधानसभा क्षेत्र से होकर गुजर रही है।
कांग्रेस के वरिष्ठ नेता एवं केपीसीसी अध्यक्ष बीके हरिप्रसाद द्वारा विजयेंद्र के राजनीतिक अनुभव पर की गई टिप्पणी का जवाब देते हुए विजयेंद्र ने कहा, 'मैं भले ही एलकेजी का छात्र और पहली बार विधायक बना हूं, लेकिन हरिप्रसाद के पास पीएचडी होने के बावजूद वह अब तक कोई सीधा चुनाव नहीं जीत पाए हैं।' यह बयान राज्य की राजनीति में दोनों नेताओं के बीच बढ़ती तल्खी का संकेत देता है।
बैनर विवाद और '420 वाली राजनीति' का आरोप
बैनर और पोस्टर फाड़े जाने के आरोपों पर विजयेंद्र ने कहा, 'हमें बैनर फाड़ने जैसी निचले स्तर की राजनीति करने की जरूरत नहीं है। कुछ लोग खुद अपने बैनर फड़वा रहे हैं और इसका इस्तेमाल प्रचार के लिए कर रहे हैं। हमें ऐसी 420 वाली राजनीति की जरूरत नहीं है।' दूसरी ओर, हरिप्रसाद ने पदयात्रा के दौरान पत्रकारों से कहा कि विजयेंद्र ने कांग्रेस के झंडे और पोस्टर हटवाए हैं।
हरिप्रसाद ने पलटवार करते हुए कहा, 'विजयेंद्र अभी एलकेजी के बच्चे हैं। ऐसे मामलों में मैंने पीएचडी और डॉक्टरेट की है। अगर मैं चाहूं तो यह सुनिश्चित कर सकता हूं कि उनके झंडे और बैनर कहीं भी न लगें।'
आरटीजीएस रिश्वत के आरोप और अदालती सफाई
कांग्रेस नेता हरिप्रसाद ने कथित तौर पर आरोप लगाया कि विजयेंद्र ने अपने पिता के नाम पर आरटीजीएस के जरिए ₹17 करोड़ की रिश्वत ली थी। उन्होंने यह भी दावा किया कि भ्रष्टाचार के मामले में शिकारीपुरा विधायक 'पूरी दुनिया के लिए एक मॉडल' हैं।
इन आरोपों पर विजयेंद्र ने स्पष्ट किया, 'हरिप्रसाद को बोलते समय अपनी जुबान पर काबू रखना चाहिए। इन सभी आरोपों का अदालत में निपटारा हो चुका है। अदालत ने मुझे निर्दोष घोषित किया है।' उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि हरिप्रसाद हताशा में बयान दे रहे हैं और उन्हें मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार के कार्यक्रमों में भी आमंत्रित नहीं किया जा रहा है।
भारत जोड़ो 2.0 पदयात्रा की रूपरेखा
कर्नाटक कांग्रेस ने 30 सितंबर को शिवमोग्गा जिले के शिकारीपुरा तालुक के कित्तदहल्ली गांव से 'भारत जोड़ो 2.0' पदयात्रा की शुरुआत की। यह यात्रा उन 84 विधानसभा सीटों पर केंद्रित है जहाँ कांग्रेस को 2023 के विधानसभा चुनाव में हार का सामना करना पड़ा था।
यह अभियान 84 दिनों तक चलने और 29 जिलों को कवर करने की योजना के साथ तैयार किया गया है। कांग्रेस के अनुसार, इस दौरान सूखे की मार, किसानों की समस्याओं और स्थानीय मुद्दों पर जनता से सीधा संवाद किया जाएगा।
सूखा और किसान मुआवजे का मुद्दा
विजयेंद्र ने राज्य सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि राज्य सूखे की गंभीर स्थिति से जूझ रहा है, फिर भी किसानों को पर्याप्त मुआवजा नहीं मिला है। उन्होंने सरकार के उस कथित बयान पर भी आपत्ति जताई जिसमें साधु-संतों को सरकारी कल्याणकारी योजनाओं का एंबेसडर बनाने की बात कही गई थी। गौरतलब है कि सूखे का मुद्दा इस पदयात्रा के केंद्रीय एजेंडे में भी शामिल है, जो दोनों पक्षों के बीच इस विषय पर राजनीतिक प्रतिस्पर्धा को और तीव्र बनाता है।