'बल्लारी चलो' पदयात्रा का चौथा दिन: विजयेंद्र का आरोप, कर्नाटक सरकार ने गरीबों को किया नज़रअंदाज़
सारांश
मुख्य बातें
कर्नाटक भाजपा (भारतीय जनता पार्टी) अध्यक्ष बी.वाई. विजयेंद्र के नेतृत्व में 'बल्लारी चलो' पदयात्रा 4 सितंबर 2026 को अपने चौथे दिन भी जारी रही। रायचूर ज़िले में सिंदनूर के कोर्ट सर्कल से शुरू होकर यह मार्च करातगी में नवाली क्रॉस की ओर बढ़ा, जिसमें बड़ी संख्या में पार्टी नेता और कार्यकर्ता शामिल हुए। यात्रा का मुख्य उद्देश्य कांग्रेस नीत राज्य सरकार की कथित विफलताओं को उजागर करना है।
पदयात्रा का मुख्य घटनाक्रम
शुक्रवार को यात्रा को हरी झंडी दिखाने के बाद मीडिया से बात करते हुए विजयेंद्र ने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री डी.के. शिवकुमार के नेतृत्व वाली राज्य सरकार गरीबों, खेतिहर मजदूरों, किसानों और समाज के कमज़ोर वर्गों से दूरी बना रही है। उन्होंने कहा, "राज्य के सबसे गरीब लोगों को ऐसी स्थिति में धकेल दिया गया है कि वे सरकार को कोस रहे हैं।"
भाजपा के मुख्य आरोप
भाजपा ने इस पदयात्रा के ज़रिये कई मुद्दे उठाए हैं। आरोपों के अनुसार, आशा वर्करों, आंगनवाड़ी वर्करों और गेस्ट लेक्चररों को सोशल सिक्योरिटी पेंशन और वेतन का भुगतान नहीं किया जा रहा। विजयेंद्र ने यह भी आरोप लगाया कि वृद्ध पेंशन और दिव्यांगों के लिए मासिक सहायता कई महीनों से लाभार्थियों तक नहीं पहुँची है।
उन्होंने कहा, "सरकार को समाज के सबसे गरीब वर्गों के लिए सहारे का ज़रिया होना चाहिए, लेकिन ये उनकी मुश्किलों पर कोई ध्यान नहीं दे रही है।" उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि पात्र लाभार्थियों को 'गंगा कल्याण योजना' का पूरा फायदा नहीं मिल रहा और सरकार बेघर गरीब परिवारों को घर देने में नाकाम रही है।
गारंटियों पर सवाल
विजयेंद्र ने राज्य सरकार की 'पाँच गारंटियों' को निशाने पर लेते हुए कहा कि एक तरफ सरकार इन गारंटियों का प्रचार करने में लगी है, तो दूसरी तरफ राज्य के सबसे गरीब लोगों की असली समस्याओं को नज़रअंदाज़ किया जा रहा है। उन्होंने राज्य सरकार को सबसे गरीब वर्गों के लिए "अभिशाप" करार दिया और दावा किया कि पूरे राज्य में लोग इसके कामकाज से नाखुश हो रहे हैं। उन्होंने सरकार से आग्रह किया कि वह "गारंटी के भ्रम से बाहर निकले" और लोगों की वास्तविक समस्याओं का तुरंत समाधान करे।
पदयात्रा में शामिल प्रमुख नेता
इस यात्रा में पूर्व उपमुख्यमंत्री और सांसद गोविंद करजोल, पूर्व मंत्री बी. श्रीरामुलु, पूर्व मंत्री और विधायक वी. सुनील कुमार, विधायक महेश तेंगिनाकाई और एम.आर. पाटिल, भाजपा प्रदेश उपाध्यक्ष राजू गौड़ा नायक, पूर्व मंत्री शिवनगौड़ा नायक के अलावा सांसद, विधायक, एमएलसी, प्रदेश पदाधिकारी, ज़िला अध्यक्ष, पूर्व विधायक और बड़ी संख्या में पार्टी कार्यकर्ता शामिल हुए।
आगे क्या
यह पदयात्रा अपने गंतव्य बल्लारी की ओर बढ़ती रहेगी। भाजपा का यह अभियान कर्नाटक में कांग्रेस सरकार के खिलाफ जनाधार बनाने की व्यापक रणनीति का हिस्सा है। आलोचकों का कहना है कि राज्य सरकार को इन आरोपों का ठोस जवाब देना होगा, अन्यथा सामाजिक कल्याण योजनाओं को लेकर जनता में असंतोष बढ़ सकता है।