23 अक्टूबर 2026
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यूपी 2027 चुनाव: कांग्रेस ने मीडिया विभाग को आक्रामक मोड में उतारा, BJP पर कानून-व्यवस्था व बेरोज़गारी के मुद्दे उठाने के निर्देश

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यूपी 2027 चुनाव: कांग्रेस ने मीडिया विभाग को आक्रामक मोड में उतारा, BJP पर कानून-व्यवस्था व बेरोज़गारी के मुद्दे उठाने के निर्देश

सारांश

2027 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव से डेढ़ साल पहले कांग्रेस ने मीडिया विभाग को आक्रामक मोड में तैनात किया है। प्रदेश अध्यक्ष आराधना मिश्रा 'मोना' ने BJP पर कानून-व्यवस्था, बेरोज़गारी और किसान संकट के मुद्दों पर डिजिटल से बूथ तक हमले की कार्ययोजना बनाई है।

मुख्य बातें

प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष आराधना मिश्रा 'मोना' ने 23 अक्टूबर 2026 को लखनऊ में मीडिया विभाग के पदाधिकारियों के साथ रणनीतिक बैठक की।
कांग्रेस ने 2027 यूपी विधानसभा चुनाव को लेकर डिजिटल, प्रिंट और इलेक्ट्रॉनिक मीडिया के ज़रिए बूथ स्तर तक पहुँच की कार्ययोजना तैयार की।
प्रमुख मुद्दों में कानून-व्यवस्था, किसानों की खाद संकट , बेरोज़गारी, महिला सुरक्षा और महँगाई शामिल हैं।
पार्टी ने BJP की 'डबल इंजन सरकार' के कथित कुप्रबंधन को तथ्यों के साथ उजागर करने का निर्देश दिया।
मिश्रा 'मोना' ने दावा किया कि 2027 में INDIA गठबंधन की सरकार बनेगी।

उत्तर प्रदेश में 2027 के विधानसभा चुनाव की तैयारी तेज़ करते हुए भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस (INC) ने अपने मीडिया विभाग को भारतीय जनता पार्टी (BJP) सरकार के कथित कुप्रबंधन को जनता के बीच आक्रामक तरीके से उठाने का निर्देश दिया है। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष आराधना मिश्रा 'मोना' ने शुक्रवार, 23 अक्टूबर 2026 को लखनऊ स्थित पार्टी मुख्यालय में मीडिया विभाग के पदाधिकारियों के साथ बैठक की और कानून-व्यवस्था, किसानों की खाद समस्या, बेरोज़गारी, महिला सुरक्षा तथा महँगाई जैसे बुनियादी मुद्दों को प्राथमिकता देने का आह्वान किया।

बैठक में क्या हुआ

नेहरू भवन स्थित उत्तर प्रदेश कांग्रेस कमेटी (UPCC) मुख्यालय में आयोजित इस बैठक में मीडिया विभाग के चेयरमैन, वाइस चेयरमैन, जोनल कोऑर्डिनेटर, प्रवक्ता, पैनलिस्ट, स्टेट रिसर्च टीम तथा स्टेट पब्लिसिटी कोऑर्डिनेटर शामिल हुए। बैठक का केंद्रीय एजेंडा आगामी चुनाव को लेकर एक समन्वित मीडिया रणनीति तैयार करना था।

मिश्रा 'मोना' ने कहा कि लोकतंत्र में मीडिया विभाग किसी भी राजनीतिक दल की रीढ़ होता है और पदाधिकारियों को 'पूरी निष्ठा, एकजुटता और मुस्तैदी के साथ चुनावी मोड' में आना होगा।

कांग्रेस के प्रमुख चुनावी मुद्दे

पार्टी ने जिन मुद्दों को केंद्र में रखने का निर्णय लिया है, उनमें प्रदेश में कथित तौर पर चरमराती कानून-व्यवस्था, किसानों की खाद संकट, बढ़ती बेरोज़गारी, महिला सुरक्षा, दलितों-पिछड़ों और अल्पसंख्यकों का कथित उत्पीड़न, शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं की स्थिति, तथा महँगाई शामिल हैं। कांग्रेस नेतृत्व का आरोप है कि BJP की 'डबल इंजन सरकार' इन मोर्चों पर विफल रही है।

पदाधिकारियों को विशेष रूप से यह निर्देश दिया गया कि वे BJP के 'कथित भ्रामक प्रचार' का जवाब तथ्यों, मज़बूती और शालीनता के साथ दें। प्रवक्ताओं को टीवी बहसों और प्रेस वार्ताओं में पार्टी का पक्ष प्रभावी ढंग से रखने के लिए विशेष रूप से तैयार करने पर ज़ोर दिया गया।

डिजिटल से बूथ तक की कार्ययोजना

बैठक में यह तय किया गया कि कांग्रेस की नीतियों, गारंटियों और विचारधारा को डिजिटल, प्रिंट और इलेक्ट्रॉनिक मीडिया के माध्यम से बूथ स्तर तक पहुँचाया जाएगा। सोशल मीडिया अभियानों को ज़मीनी संपर्क के साथ जोड़ने पर भी विशेष ध्यान देने की बात कही गई।

गौरतलब है कि यह बैठक ऐसे समय में हुई है जब उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव में लगभग डेढ़ वर्ष का समय शेष है और विपक्षी दल अपनी-अपनी रणनीतियाँ मज़बूत कर रहे हैं।

INDIA गठबंधन और 2027 का दावा

आराधना मिश्रा 'मोना' ने दावा किया कि उत्तर प्रदेश की जनता 'बदलाव का मन बना चुकी है' और 2027 के विधानसभा चुनाव में INDIA गठबंधन की सरकार बनेगी। हालाँकि, विपक्षी एकता की व्यावहारिक चुनौतियाँ और उत्तर प्रदेश में BJP की पिछली जीत का मज़बूत आधार इस दावे को और जटिल बनाता है।

आने वाले महीनों में कांग्रेस की मीडिया रणनीति का वास्तविक परीक्षण ज़मीन पर उसकी पहुँच और INDIA गठबंधन के भीतर सीट-बँटवारे के फ़ॉर्मूले पर निर्भर करेगा।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली परीक्षण रणनीति नहीं, क्रियान्वयन होगा। उत्तर प्रदेश में 2017 और 2022 दोनों चुनावों में कांग्रेस की ज़मीनी उपस्थिति लगभग नगण्य रही, और केवल मीडिया विभाग को सक्रिय करने से वह अंतर नहीं पटेगा। INDIA गठबंधन के भीतर समाजवादी पार्टी (SP) के साथ सीट-बँटवारे की जटिलताएँ भी अनसुलझी हैं, जो किसी भी संयुक्त रणनीति की बुनियादी शर्त है। जब तक बूथ स्तर पर ज़मीनी कार्यकर्ताओं की तैनाती और गठबंधन समन्वय ठोस रूप नहीं लेता, तब तक यह रणनीतिक घोषणा केवल एक प्रेस कॉन्फ्रेंस से अधिक नहीं होगी।
RashtraPress
23 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

कांग्रेस ने यूपी 2027 चुनाव के लिए कौन-सी रणनीति तैयार की है?
कांग्रेस ने अपने मीडिया विभाग को आक्रामक मोड में उतारते हुए BJP पर कानून-व्यवस्था, बेरोज़गारी, किसान संकट और महँगाई के मुद्दे उठाने के निर्देश दिए हैं। पार्टी की नीतियों और गारंटियों को डिजिटल, प्रिंट और इलेक्ट्रॉनिक मीडिया के ज़रिए बूथ स्तर तक पहुँचाने की कार्ययोजना बनाई गई है।
आराधना मिश्रा 'मोना' कौन हैं?
आराधना मिश्रा 'मोना' उत्तर प्रदेश कांग्रेस कमेटी की प्रदेश अध्यक्ष हैं। उन्होंने 23 अक्टूबर 2026 को लखनऊ के नेहरू भवन स्थित पार्टी मुख्यालय में मीडिया विभाग की बैठक की अध्यक्षता की।
कांग्रेस यूपी में BJP पर कौन-से मुद्दों पर घेराबंदी करेगी?
कांग्रेस ने कानून-व्यवस्था, किसानों की खाद संकट, युवाओं की बेरोज़गारी, महिला सुरक्षा, दलितों-पिछड़ों-अल्पसंख्यकों का कथित उत्पीड़न, शिक्षा, स्वास्थ्य और महँगाई को अपने प्रमुख चुनावी मुद्दे बनाया है। पार्टी का आरोप है कि BJP की 'डबल इंजन सरकार' इन सभी मोर्चों पर विफल रही है।
2027 यूपी चुनाव में INDIA गठबंधन की क्या संभावना है?
कांग्रेस नेतृत्व ने दावा किया है कि 2027 में INDIA गठबंधन की सरकार बनेगी। हालाँकि, गठबंधन के भीतर सीट-बँटवारे का फ़ॉर्मूला अभी तय नहीं हुआ है और BJP ने 2022 में प्रदेश में ज़बरदस्त बहुमत हासिल किया था।
कांग्रेस की मीडिया रणनीति बैठक में कौन-कौन शामिल हुए?
बैठक में मीडिया विभाग के चेयरमैन, वाइस चेयरमैन, जोनल कोऑर्डिनेटर, प्रवक्ता, पैनलिस्ट, स्टेट रिसर्च टीम और स्टेट पब्लिसिटी कोऑर्डिनेटर शामिल हुए। बैठक का उद्देश्य 2027 के चुनाव को देखते हुए समन्वित मीडिया अभियान की रूपरेखा तैयार करना था।
राष्ट्र प्रेस
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