राहुल गांधी का सत्याग्रह पोर्टल: आराधना मिश्रा बोलीं — लोकतंत्र और संविधान खतरे में
सारांश
मुख्य बातें
यूपी कांग्रेस अध्यक्ष आराधना मिश्रा 'मोना' ने 4 अक्टूबर 2026 को लखनऊ में कई अहम मुद्दों पर खुलकर अपनी राय रखी — जिनमें कांग्रेस नेता राहुल गांधी द्वारा हाल ही में लॉन्च किया गया सत्याग्रह पोर्टल, मतदाता सूची विवाद, ओवैसी का बयान और इंडिया ब्लॉक में सीट बँटवारे का मसला शामिल था। उनका कहना है कि मौजूदा राजनीतिक परिस्थितियाँ महात्मा गांधी के सत्याग्रह आंदोलन की पृष्ठभूमि जैसी हैं और देश का लोकतंत्र तथा संविधान दोनों ख़तरे में हैं।
सत्याग्रह पोर्टल और राहुल गांधी का कदम
सत्याग्रह पोर्टल के लॉन्च पर प्रतिक्रिया देते हुए आराधना मिश्रा ने कहा, 'महात्मा गांधी ने अंग्रेज़ों के खिलाफ सत्याग्रह शुरू किया था। महात्मा गांधी ने पूरे देश को एक किया था। आज दूसरे 'गांधी' ने इस आंदोलन को शुरू किया है क्योंकि परिस्थितियाँ वहीं हैं। देश का लोकतंत्र और संविधान खतरे में है।' उन्होंने विश्वास जताया कि जिस तरह सत्याग्रह पोर्टल की लोकप्रियता बढ़ रही है, इस लड़ाई में देश एकजुट होकर खड़ा होगा।
एसआईआर विवाद और चुनाव आयोग पर निशाना
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे द्वारा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखे जाने के संदर्भ में मिश्रा ने कहा, 'एसआईआर के नाम पर बड़े पैमाने पर वोटों को काटा गया है। चुनाव की प्रक्रिया को प्रभावित किया गया है। इस प्रक्रिया को तत्काल रोका जाना चाहिए।' उन्होंने यह भी माँग रखी कि मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ महाभियोग चलाया जाए और यदि उनमें ज़रा भी नैतिकता बची है तो उन्हें इस्तीफ़ा दे देना चाहिए।
गौरतलब है कि एआईएमआईएम प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने भी हाल ही में चुनाव आयोग पर आरोप लगाते हुए चेतावनी दी थी कि गलत फॉर्म-7 के ज़रिए मतदाताओं के नाम सूची से हटाए जा रहे हैं। इस पर मिश्रा ने तीखी प्रतिक्रिया देते हुए कहा, 'जब राहुल गांधी ने यह सवाल उठाया था तो ओवैसी उस वक्त क्यों चुप थे? अगर वे ऐसा मानते हैं तो क्यों नहीं ज्ञानेश कुमार से इस्तीफ़े की माँग करते हैं।'
अखिलेश यादव की पोस्ट और गठबंधन की राजनीति
समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव ने एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर पोस्ट किया था कि 'मकसद जब साफ हो तो हाथ-में-हाथ होता है, निगाह मंज़िल पर हो तो सफर आसान होता है। बात बड़ी ये नहीं है कि गठबंधन में कितनी सीटें या कौन सी सीट किसके पास जा रही है, बात बड़ी ये है कि हम सबको ये सुनिश्चित करना है कि जीत गठबंधन की हो।' इस पर प्रतिक्रिया देते हुए मिश्रा ने कहा, 'कांग्रेस का हाथ सबके साथ। गठबंधन का धर्म हमने निभाया है और यह धर्म हम निभाएंगे। हमारा लक्ष्य है भारतीय जनता पार्टी (BJP) की सरकार को राज्य में 2027 में हटाना और इंडिया ब्लॉक की सरकार को बनाना।'
यह ऐसे समय में आया है जब सीट बँटवारे को लेकर समाजवादी पार्टी और कांग्रेस के बीच तनाव लगातार बढ़ रहा है। मिश्रा ने इस पर स्पष्ट किया कि 'इंडिया ब्लॉक कोई राज्य स्तर पर गठबंधन नहीं था — यह राष्ट्रीय स्तर पर बना था और राष्ट्रीय नेताओं ने इसे समर्थन दिया था।'
एशियन गेम्स पर बधाई
एशियन गेम्स में भारत के प्रदर्शन पर मिश्रा ने सभी खिलाड़ियों को बधाई देते हुए कहा कि जिन्होंने तिरंगे का मान बढ़ाया है, वे देश का गौरव बढ़ाते रहें और स्वयं भी आगे बढ़ते रहें।
आगे क्या
यूपी में 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले इंडिया ब्लॉक के भीतर सीट बँटवारे और नेतृत्व के सवाल और तीखे होने की संभावना है। सत्याग्रह पोर्टल की सफलता और मतदाता सूची विवाद पर सरकार की प्रतिक्रिया ही यह तय करेगी कि विपक्षी एकता कितनी ठोस रूप लेती है।