चिराग पासवान का विपक्ष पर हमला: जनता नकार रही है तो सत्याग्रह नहीं, आत्ममंथन करे कांग्रेस
सारांश
मुख्य बातें
केंद्रीय मंत्री और लोक जनशक्ति पार्टी (राम विलास) के प्रमुख चिराग पासवान ने 4 अक्टूबर 2026 को रायपुर में पत्रकारों से बातचीत करते हुए कांग्रेस और विपक्ष पर तीखा प्रहार किया। उन्होंने कहा कि जब जनता लगातार चुनावों में विपक्ष को नकार रही है, तो सत्याग्रह का रास्ता नहीं, बल्कि आत्ममंथन की ज़रूरत है। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के चुनाव रद्द करने संबंधी बयान, राहुल गांधी के डिजिटल 'सत्याग्रह' प्लेटफॉर्म और एसआईआर (SIR) को लेकर उठाए जा रहे सवालों पर उन्होंने विस्तार से अपना पक्ष रखा।
चुनाव प्रक्रिया पर सवाल — पासवान का पलटवार
पासवान ने कहा कि यदि कांग्रेस अध्यक्ष चुनाव प्रक्रिया पर ही सवाल उठा रहे हैं, तो उन्हें स्पष्ट करना चाहिए कि क्या वे हिमाचल प्रदेश, कर्नाटक और केरल जैसे राज्यों के उन चुनावों को भी रद्द मानते हैं जहाँ कांग्रेस जीती थी। उनका तर्क था कि राहुल गांधी, प्रियंका गांधी और कांग्रेस के करीब 100 सांसद भी इसी चुनाव प्रक्रिया के ज़रिए संसद पहुँचे हैं।
उन्होंने कहा कि जो पक्ष इसी व्यवस्था से जीतकर सत्ता में आता है, उसे उसी व्यवस्था की वैधता पर सवाल उठाने से पहले अपना रुख स्पष्ट करना चाहिए।
राहुल गांधी के 'सत्याग्रह' प्लेटफॉर्म पर प्रतिक्रिया
राहुल गांधी के डिजिटल 'सत्याग्रह' प्लेटफॉर्म पर पूछे जाने पर पासवान ने संतुलित रुख अपनाया। उन्होंने कहा कि युवाओं और आम नागरिकों को अपनी बात रखने के लिए अधिक से अधिक मंच मिलना एक सकारात्मक पहल है। उन्होंने माना कि मंच का नाम भी उचित रखा गया है।
हालाँकि, उन्होंने स्पष्ट किया कि जब जनता बार-बार मतपेटी के ज़रिए अपना फ़ैसला सुना चुकी है, तो नए प्लेटफॉर्म शुरू करने से पहले विपक्ष को अपनी रणनीति और संदेश पर विचार करना चाहिए।
एसआईआर विवाद और युवाओं में फैल रहे संदेह पर चिंता
एसआईआर को लेकर युवाओं में फैल रहे संशय पर पासवान ने कहा कि इसी चिंता के कारण वे चुनाव आयोग के पास गए थे। उन्होंने स्वीकार किया कि कुछ नागरिकों के मन में इस मुद्दे को लेकर वास्तविक संदेह हो सकता है।
उन्होंने कहा कि जब किसी बात को बार-बार दोहराया जाता है तो वह लोगों को सत्य जैसी प्रतीत होने लगती है — और इसीलिए युवा पीढ़ी तक पहुँच रहे इन संदेहों को दूर करना ज़रूरी है। उन्होंने बूथ लेवल ऑफिसर (BLO) प्रक्रिया का उल्लेख करते हुए कहा कि राजनीतिक दलों के बूथ-स्तरीय एजेंट (BLA) पूरी प्रक्रिया में मौजूद रहते हैं, और उनकी पार्टी के BLA यह सुनिश्चित करेंगे कि किसी भी नागरिक के साथ अन्याय न हो।
युवाओं से संवाद और पार्टी की प्राथमिकताएँ
पासवान ने कहा कि लोक जनशक्ति पार्टी (राम विलास) लंबे समय से युवाओं के साथ संवाद की दिशा में काम कर रही है। उनका मानना है कि युवा देश का भविष्य हैं और भारत को विकसित राष्ट्र बनाने में उनकी केंद्रीय भूमिका होगी।
इसके साथ ही उन्होंने घोषणा की कि उन्होंने पार्टी की राज्य इकाइयों को स्थानीय परिस्थितियों और चुनावी समीकरणों के आधार पर स्वतंत्र रूप से फ़ैसले लेने का अधिकार दिया है।
आगे की राह
यह ऐसे समय में आया है जब विपक्षी दल चुनाव आयोग की कार्यशैली और मतदाता सूची संशोधन प्रक्रिया को लेकर लगातार सवाल उठा रहे हैं। पासवान की यह तीखी प्रतिक्रिया NDA गठबंधन के भीतर BJP की लाइन के अनुरूप दिखती है, और संकेत देती है कि सत्तापक्ष विपक्ष के इस आख्यान को चुनौती देने के लिए मैदान में उतर चुका है।