NH-48 पर अतिक्रमण हटाओ अभियान: पालघर में 73,831 वर्ग मीटर में फैले 114 निर्माण चिन्हित
सारांश
मुख्य बातें
मुंबई-अहमदाबाद राष्ट्रीय राजमार्ग एनएच-48 के किनारे दशकों से जमे अवैध ढाबे, होटल, टायर-पंक्चर की दुकानें और चाय की टपरियाँ अब पालघर प्रशासन के सीधे निशाने पर हैं। वन विभाग के सर्वेक्षण में कुल 114 अतिक्रमण चिन्हित किए गए हैं, जिनका संयुक्त निर्मित क्षेत्र 73,831 वर्ग मीटर दर्ज किया गया है। 17 अगस्त 2026 को यह अभियान बहु-विभागीय समन्वय के साथ और तेज़ हो गया है।
अभियान की पृष्ठभूमि और निर्देश
पालघर के वन मंत्री एवं पालकमंत्री गणेश नाईक ने जिला नियोजन समिति की बैठक में एनएच-48 से लगे अतिक्रमणों का जायजा लेते हुए संबंधित विभागों को नियमानुसार कड़ी कार्रवाई के निर्देश दिए। इसके बाद जिलाधिकारी डॉ. इंदू रानी जाखड़ के मार्गदर्शन में भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई), वन विभाग, राजस्व विभाग और पुलिस प्रशासन के बीच संयुक्त कार्रवाई की रूपरेखा तय की गई। यह ऐसे समय में आया है जब राजमार्ग पर अतिक्रमण से यातायात सुरक्षा को लेकर लंबे समय से चिंता जताई जा रही थी।
सर्वेक्षण में क्या मिला
वन विभाग द्वारा किए गए सर्वेक्षण में एनएच-48 के आसपास चिन्हित 114 अतिक्रमणों में ढाबे और उपाहारगृह, व्यावसायिक दुकानें, वाहन पार्किंग, पंक्चर की दुकानें और चाय की टपरियाँ शामिल हैं। प्रशासन ने इन सभी अतिक्रमणों को संबंधित भूमि की कानूनी स्थिति के आधार पर वर्गीकृत किया है — एनएचएआई और वन विभाग अपने-अपने अधिकार क्षेत्र में नियमानुसार कार्रवाई कर रहे हैं। आरक्षित एवं संरक्षित वन क्षेत्र में मौजूद अतिक्रमणों के लिए संबंधित लोगों को कारण बताओ नोटिस जारी कर कानूनी प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
मुख्य घटनाक्रम: निरीक्षण और कार्रवाई
22 से 30 जुलाई 2026 के बीच एनएचएआई की ओर से कुल 80 अतिक्रमित संपत्तियों का प्रत्यक्ष निरीक्षण किया गया। इन अतिक्रमणों को हटाने के लिए पुलिस प्रशासन और वसई-विरार शहर महानगरपालिका (वीवीएमसी) के सहयोग से कार्रवाई भी की जा चुकी है। गौरतलब है कि यह अभियान केवल हटाने तक सीमित नहीं है — सड़क के डिवाइडर, राजमार्ग की सीमा और वन क्षेत्र में अवैध रूप से मलबा डालने वालों पर भी निगरानी रखी जाएगी।
आम जनता और व्यापारियों पर असर
इस अभियान से राजमार्ग किनारे वर्षों से व्यवसाय चला रहे सैकड़ों छोटे दुकानदारों और ढाबा संचालकों की आजीविका प्रभावित होने की संभावना है। हालाँकि प्रशासन का कहना है कि कार्रवाई का मुख्य उद्देश्य एनएच-48 पर सुरक्षित एवं सुचारु यातायात सुनिश्चित करना, सरकारी एवं वन भूमि की रक्षा करना और भविष्य में होने वाले अतिक्रमणों पर पूरी तरह रोक लगाना है।
आगे की योजना
आने वाले दिनों में एनएचएआई, वन विभाग, राजस्व विभाग और पुलिस प्रशासन के संयुक्त समन्वय से चरणबद्ध अतिक्रमण हटाओ अभियान चलाया जाएगा। नए अतिक्रमण रोकने के लिए नियमित निगरानी और प्रतिबंधात्मक कार्रवाई का तंत्र भी स्थापित किया जाएगा। यह अभियान पालघर जिले में राजमार्ग प्रबंधन की दिशा में एक निर्णायक मोड़ साबित हो सकता है।