उज्जैन में महाकाल मदिर के निकट अतिक्रमणों पर चली कार्रवाई, बुलडोजर का उपयोग
सारांश
Key Takeaways
- सिंहस्थ महापर्व की तैयारी में अतिक्रमण हटाना आवश्यक है।
- बुलडोजर का उपयोग प्रभावी तरीके से किया जा रहा है।
- 42 अतिक्रमण पहले ही हटाए जा चुके हैं।
- सुरक्षा बलों की तैनाती की गई है।
- उज्जैन में धार्मिक आयोजन से पहले सड़कें अतिक्रमण मुक्त की जा रही हैं।
उज्जैन, २४ मार्च (राष्ट्र प्रेस)। मध्य प्रदेश की धार्मिक नगर उज्जैन में वर्ष २०२८ में सिंहस्थ महापर्व का आयोजन होने वाला है। इस महत्वपूर्ण धार्मिक उत्सव में आने वाले श्रद्धालुओं और अन्य आगंतुकों को किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े, इसके लिए अतिक्रमणों को हटाने की कार्रवाई की जा रही है। मंगलवार को अतिक्रमण कर बनाई गई एक इमारत पर बुलडोजर चलाया गया।
महाकाल मंदिर के निकट स्थित बेगमबाग क्षेत्र में बड़ी संख्या में अतिक्रमण कर होटल, विश्रामगृह आदि का निर्माण किया गया है।
उज्जैन विकास प्राधिकरण ने पिछले दिनों इन अतिक्रमणकर्ताओं को नोटिस जारी कर इमारत को खाली करने के निर्देश दिए थे। इसके बावजूद यदि अतिक्रमण नहीं हटाए गए, तो मंगलवार को प्राधिकरण ने अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई आरंभ की।
इन अतिक्रमणों को हटाने के लिए जेसीबी, बुलडोजर और अन्य मशीनों का उपयोग किया जा रहा है। इसके साथ ही, सुरक्षा बलों की एक बड़ी संख्या को तैनात किया गया है। प्रशासन के अधिकारी भी मौके पर उपस्थित हैं।
विकास प्राधिकरण के अनुसार इस क्षेत्र में कुल ४५ भूखंड हैं, जिनमें लगभग ९० निर्माण कार्य किए गए हैं। इनमें से ५८ अतिक्रमण हैं, जिनमें से ४२ को पहले ही पूरी तरह हटाया जा चुका है। शेष १६ अतिक्रमणों को हटाने की प्रक्रिया जारी है।
मूलतः, लगभग २ वर्षों बाद उज्जैन में सिंहस्थ का आयोजन होने जा रहा है। इस महापर्व में देश-विदेश से श्रद्धालु यहाँ आएंगे और शहर की संकरी सड़कों के कारण कई समस्याएँ उत्पन्न हो सकती हैं। इसलिए, प्रशासन द्वारा आवागमन को सुगम बनाने के लिए सड़कों को अतिक्रमण मुक्त किया जा रहा है, जिसके तहत बेगमबाग क्षेत्र के अतिक्रमणों को हटाया जा रहा है।