क्या अवैध कब्जे हटेंगे, चाहे कितने साल पुराने क्यों न हों? तुर्कमान गेट कार्रवाई पर कुंवर महाराज सिंह का बयान
सारांश
Key Takeaways
- अवैध कब्जों को हटाने का अभियान चल रहा है।
- कुंवर महाराज सिंह ने कहा कि विकास के लिए यह आवश्यक है।
- जनता का समर्थन इस अभियान को मिल रहा है।
- यह कार्रवाई दिल्ली हाईकोर्ट के निर्देशों के अनुसार की जा रही है।
- पश्चिम बंगाल में ईडी की कार्रवाई पर भी कुंवर महाराज सिंह ने टिप्पणी की।
पीलीभीत, 10 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। उत्तर प्रदेश के पीलीभीत से भाजपा के विधान परिषद सदस्य (एमएलसी) कुंवर महाराज सिंह ने दिल्ली के तुर्कमान गेट क्षेत्र में चल रहे अतिक्रमण हटाने के अभियान पर प्रतिक्रिया व्यक्त की।
उन्होंने राष्ट्र प्रेस से कहा कि तुर्कमान गेट पर अवैध कब्जों को पूरी तरह योजनाबद्ध और व्यवस्थापूर्ण तरीके से हटाया जा रहा है और ऐसी ही कार्रवाई पूरे प्रदेश और अन्य स्थानों पर भी की जा रही है, जहां-जहां गैरकानूनी निर्माण हैं।
कुंवर महाराज सिंह ने कहा कि इस कार्रवाई को जनता का भी पूरा समर्थन प्राप्त है। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि कोई भी निर्माण, चाहे वह कई वर्षों से क्यों न हो, यदि वह विकास के मार्ग में बाधा उत्पन्न करता है, तो उसे हटाया जाना चाहिए। विकास के लिए अतिक्रमण हटाना आवश्यक है और सरकार इस दिशा में निरंतर कदम उठा रही है।
ज्ञात हो कि दिल्ली के तुर्कमान गेट क्षेत्र में हुई पत्थरबाजी की घटना में 7 जनवरी को दिल्ली पुलिस ने पांच व्यक्तियों को गिरफ्तार किया था। यह घटना उस समय हुई जब तुर्कमान गेट क्षेत्र में फैज-ए-इलाही मस्जिद के पास अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई जारी थी। यह क्षेत्र रामलीला ग्राउंड के निकट स्थित है।
दिल्ली नगर निगम (एमसीडी) के अधिकारियों ने बताया था कि यह तोड़फोड़ अभियान मस्जिद से सटी भूमि और आसपास के क्षेत्रों में बने अवैध ढांचों को हटाने के लिए चलाया गया। यह कार्रवाई दिल्ली हाईकोर्ट द्वारा 12 नवंबर 2025 को दिए गए निर्देशों के अंतर्गत की गई थी।
दूसरी ओर, पश्चिम बंगाल में आई-पैक कार्यालय पर प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की छापेमारी पर ममता बनर्जी के विरोध पर कुंवर महाराज सिंह ने कहा, "जो हुआ वह अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण है। सरकार के पास किसी भी कमी की जांच के लिए एजेंसियां हैं, और उनका उद्देश्य जवाबदेही सुनिश्चित करना है। यदि आपने कुछ गलत नहीं किया है, तो उनके साथ सहयोग करना चाहिए। यदि ईडी की कार्रवाई के दौरान कोई रुकावट उत्पन्न होती है, तो सभी के लिए कानूनी विकल्प खुले हैं।"
-- राष्ट्र प्रेस
वीकेयू/एएस