सेबी का गोल्ड-सिल्वर ईटीएफ नियमों में परिवर्तन, रिटर्न पर पड़ेगा असर
सारांश
Key Takeaways
- सेबी ने गोल्ड-सिल्वर ईटीएफ के नियमों में परिवर्तन किया है।
- नए मूल्यांकन के अनुसार, कीमतें घरेलू बाजार पर आधारित होंगी।
- निवेशकों के लिए पारदर्शिता में वृद्धि होगी।
- नए नियम का प्रभाव एक अप्रैल से शुरू होगा।
- गोल्ड और सिल्वर में निवेश में वृद्धि हो रही है।
नई दिल्ली, 27 फरवरी (राष्ट्र प्रेस)। भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड (सेबी) ने एक्सचेंज ट्रेडेड फंड्स (ईटीएफ) के अंतर्गत रखे गए फिजिकल गोल्ड और सिल्वर की मूल्यांकन से संबंधित नियमों में महत्वपूर्ण परिवर्तन किया है।
नए ढांचे के अनुसार, फिजिकल गोल्ड और सिल्वर की मूल्य को घरेलू बाजार की कीमतों के आधार पर निर्धारित किया जाएगा, जिसका प्रत्यक्ष प्रभाव रिटर्न पर पड़ेगा। यह नया नियम एक अप्रैल से प्रभावी होगा।
वर्तमान में, ईटीएफ अपने पास रखे फिजिकल गोल्ड की मूल्य को लंदन बुलियन मार्केट एसोसिएशन (एलबीएमए) द्वारा निर्धारित सोने और चांदी की कीमतों के आधार पर तय करते हैं।
इस प्रक्रिया में कीमत तय करने के दौरान घरेलू मुद्रा के संयोजन और आयात शुल्कों को भी ध्यान में रखा जाता है, जिसके कारण अक्सर ईटीएफ के पास मौजूद सोने और चांदी की कीमतें घरेलू बाजारों से भिन्न रहती हैं।
सेबी के नए सर्कुलर के अनुसार, ईटीएफ में मौजूद सोने और चांदी की मूल्य को मान्यता प्राप्त घरेलू एक्सचेंज द्वारा निर्धारित स्पॉट कीमतों के अनुसार तय किया जाएगा।
इस निर्णय से सभी ईटीएफ को अपने पास मौजूद सोने और चांदी के मूल्यांकन में समरूपता लाने में मदद मिलेगी।
विशेषज्ञों का मानना है कि यह निर्णय सकारात्मक है, क्योंकि इससे सभी ईटीएफ के एनएवी रिटर्न एक-दूसरे के करीब आ जाएंगे और निवेश के लिए पारदर्शिता बढ़ेगी, जिससे निवेशकों का भरोसा बाजार पर और मजबूत होगा।
हाल के दिनों में सोने और चांदी में निवेश की प्रवृत्ति तेजी से बढ़ी है। सिर्फ जनवरी में, गोल्ड ईटीएफ में 24,039 करोड़ रुपए और सिल्वर ईटीएफ में 9,463 करोड़ रुपए का निवेश हुआ है।
पिछले एक वर्ष में सोने ने 80 प्रतिशत से अधिक और चांदी ने 180 प्रतिशत से अधिक का रिटर्न दिया है।