उमंग सिंघार की अपील: मध्य प्रदेश विधानसभा में कैग रिपोर्ट की चर्चा जरूरी
सारांश
Key Takeaways
- कैग रिपोर्ट पर चर्चा की आवश्यकता।
- उमंग सिंघार का पत्र विधानसभा अध्यक्ष को।
- सरकारी पारदर्शिता और जवाबदेही का महत्व।
- कांग्रेस की रणनीति सरकार को घेरने की।
- राज्य विधानसभा का सत्र चल रहा है।
भोपाल 27 फरवरी (राष्ट्र प्रेस)। मध्य प्रदेश विधानसभा में कांग्रेस ने कैग रिपोर्ट पर चर्चा की मांग की है। इस संबंध में नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर को एक पत्र लिखा है।
उमंग सिंघार ने अपने पत्र में कहा है कि लोकायुक्त और नियंत्रक महालेखा परीक्षक (कैग) के प्रतिवेदनों पर चर्चा होनी चाहिए। उन्होंने इस बात का उल्लेख किया कि अब तक इन महत्वपूर्ण प्रतिवेदनों पर कोई चर्चा नहीं हुई है। जनहित और पारदर्शिता के दृष्टिकोण से इन मुद्दों पर विधानसभा में चर्चा करवाना आवश्यक है, ताकि जवाबदेही सुनिश्चित हो सके।
उन्होंने एक्स पोस्ट पर लिखा, "मध्य प्रदेश विधानसभा में लोकायुक्त और नियंत्रक महालेखा परीक्षक के प्रतिवेदनों पर चर्चा न होना एक गंभीर विषय है। ये प्रतिवेदन शासन-प्रशासन में पारदर्शिता, जवाबदेही और वित्तीय अनुशासन के लिए तैयार किए जाते हैं, लेकिन चर्चा के अभाव में जनहित के कई मुद्दे लंबित रह जाते हैं और लोकतांत्रिक जवाबदेही प्रभावित होती है। विधानसभा अध्यक्ष से अनुरोध किया है कि इन विषयों पर सकारात्मक चर्चा कराई जाए।"
वास्तव में, राज्य के विभिन्न विभागों में कमियों और गड़बड़ियों का उल्लेख कैग रिपोर्ट में किया गया है। कांग्रेस इन मुद्दों को आम जनता के सामने लाना चाहती है और सरकार को घेरने की कोशिश कर रही है, इसलिए वह चाहती है कि कैग की रिपोर्ट पर चर्चा हो ताकि सरकार की जवाबदेही तय की जा सके।
राज्य विधानसभा का सत्र चल रहा है और इस दौरान कांग्रेस लगातार मोहन यादव सरकार और सरकारी मशीनरी पर सवाल उठा रही है। राज्य में जल जीवन मिशन, लोक निर्माण विभाग, स्वास्थ्य विभाग, शिक्षा विभाग से लेकर गृह विभाग की कार्यप्रणाली पर कांग्रेस के हमले जारी हैं। अब कांग्रेस की कोशिश यही है कि कैग रिपोर्ट के माध्यम से सरकार को कटघरे में खड़ा किया जाए।