घर में लगाएं ये तीन पौधे, स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं से मिलेगी राहत
सारांश
Key Takeaways
- नीम के पत्ते पेट और रक्त के लिए लाभकारी हैं।
- मदार के पत्ते दर्द और सूजन को कम करते हैं।
- बेहया के पत्ते त्वचा रोगों में मदद करते हैं।
- तीनों पौधे घर में लगाना आसान और फायदेमंद हैं।
- इनका उपयोग आयुर्वेद में प्राचीन समय से होता आ रहा है।
नई दिल्ली, 27 फरवरी (राष्ट्र प्रेस)। घर और उसके आसपास के वातावरण को सुंदर बनाने के लिए हम अक्सर फूलदार पौधे लगाते हैं। कुछ पौधे केवल सौंदर्य बढ़ाते हैं, जबकि कुछ में औषधीय गुण होते हैं। आज हम आपको ऐसे तीन पौधों के बारे में बताएंगे, जिनकी पत्तियाँ स्वास्थ्य के लिए अमूल्य हैं और जिन्हें घर में लगाना बेहद सरल है। इस सूची में शामिल हैं: मदार का पौधा, नीम का पौधा, और बेहया का पौधा। नीम को आंगन में लगाया जा सकता है या इसके पत्तों को घर में सुरक्षित रखा जा सकता है।
मदार, नीम, और बेहया का उल्लेख आयुर्वेद में किया गया है, और ये कई रोगों से लड़ने में सहायक होते हैं। सबसे पहले बात करते हैं नीम के पौधे की। नीम का पौधा ऐसा है जिसकी टहनियाँ, फल, छाल, और पत्ते सभी स्वास्थ्यवर्धक होते हैं, लेकिन आज हम केवल पत्तों पर ध्यान देंगे। नीम के पत्तों का सेवन करने से पेट में मौजूद बुरे बैक्टीरिया का नाश होता है और रक्त की शुद्धि होती है। नीम के पत्तों का लेप या इन्हें पानी में डालकर स्नान करने के अनेक लाभ हैं। त्वचा संबंधी रोगों में पत्तों का लेप अत्यंत लाभकारी साबित होता है।
दूसरे स्थान पर है मदार का पौधा। इसे घर में आसानी से लगाया जा सकता है, और यह अक्सर आस-पास उपलब्ध होता है। मदार के पत्ते कई गुणों से भरपूर होते हैं और यह सूजन तथा दर्द को कम करने में मदद करते हैं। यदि आपको जोड़ों में दर्द की समस्या है, तो मदार के पत्तों पर सरसों का तेल लगाकर हल्का सेंक कर प्रभावित स्थान पर लगाएं। इसके पत्तों में दर्द को सोखने की अद्भुत क्षमता होती है।
तीसरा और अंतिम पौधा है बेहया का पौधा। बेहया एक बारहमासी पौधा है, जिसे आसानी से छत पर गमले में उगाया जा सकता है। इसके पत्ते और फूल दोनों ही गुणकारी होते हैं। बेहया के पत्ते का उपयोग जोड़ों के दर्द, सूजन, और त्वचा रोगों में किया जाता है। दाद और खुजली में बेहया के पत्तों का लेप प्रभावी होता है, हालांकि इसके सेवन से बचना चाहिए।