मीठी तुलसी: गुणों से भरपूर यह पौधा, गर्मियों में करेगा आपकी सेहत का ख्याल
सारांश
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नई दिल्ली, 17 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। हिंदू धर्म में तुलसी का महत्व अत्यधिक है। यह केवल आस्था का प्रतीक नहीं है, बल्कि स्वास्थ्य का भी एक महत्वपूर्ण साधन है।
अधिकतर लोग तुलसी के बारे में जानते हैं, लेकिन मीठी तुलसी के बारे में जानकारी सीमित है। आयुर्वेद में इसे डायबिटीज के मरीजों के लिए बेहद फायदेमंद माना गया है। इसे शुगर-फ्री पौधा और स्टीविया के नाम से भी जाना जाता है, जिसके सेवन से कई लाभ प्राप्त किए जा सकते हैं।
आयुर्वेद में मीठी तुलसी को पित्त को संतुलित करने वाला पौधा माना गया है, जिसमें चीनी से 30 गुना अधिक मिठास होती है। इसके सेवन से रक्त में शर्करा की मात्रा नहीं बढ़ती है। इसमें ग्लूकोज या सुक्रोज नहीं होते, इसलिए डायबिटीज के रोगी सीमित मात्रा में इसे अपने आहार में शामिल कर सकते हैं।
मीठी तुलसी मीठा खाने की इच्छा को संतुष्ट करती है और शरीर को नुकसान नहीं पहुंचाती। इसमें कैलोरी का स्तर बहुत कम होता है। इसलिए जब भी मीठा खाने का मन करें, तो इसे सेवन कर सकते हैं और यह वजन को भी संतुलित रखने में सहायक है। साथ ही, स्टीविया के पत्तों की तासीर ठंडी होती है, जो गर्मियों में पेट की जलन को शांत करने में मदद करती है।
स्टीविया में एंटी-बैक्टीरियल गुण होते हैं, जो दांतों की सड़न और कैविटी से बचाने में सहायक हो सकते हैं। जबकि रिफाइंड शुगर दांतों के लिए हानिकारक मानी जाती है। यही कारण है कि स्टीविया दांतों की सुरक्षा में भी मदद करती है। गर्मियों में अगर ब्लड प्रेशर कम होने की समस्या होती है, तो मीठी तुलसी का सेवन इसे संतुलित रखने में भी मदद कर सकता है। यह शरीर को ठंडा रखता है।
मीठी तुलसी पाचन में सुधार लाने में सहायक हो सकती है। यह पेट को ठंडक देती है और कब्ज जैसी समस्याओं में राहत पहुंचा सकती है। इसमें मौजूद एंटीऑक्सीडेंट्स त्वचा संबंधी समस्याओं से निजात दिलाने में मदद करते हैं।