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क्या लाजवंती आयुर्वेदिक गुणों का खजाना है? जानिए यह आपके स्वास्थ्य का कैसे रखती है ख्याल

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क्या लाजवंती आयुर्वेदिक गुणों का खजाना है? जानिए यह आपके स्वास्थ्य का कैसे रखती है ख्याल

सारांश

लाजवंती, जिसे छुईमुई भी कहा जाता है, न केवल एक दिलचस्प पौधा है, बल्कि इसके अंदर छिपे हैं अद्भुत औषधीय गुण। आइए जानते हैं इसके स्वास्थ्य लाभ और उपयोग के तरीके।

मुख्य बातें

लाजवंती के औषधीय गुण अद्भुत हैं।
यह बवासीर और दस्त में राहत देती है।
महिलाओं के लिए स्तन की मजबूती में सहायक है।
इसका यौन स्वास्थ्य पर भी सकारात्मक प्रभाव है।
डॉक्टर से सलाह लेकर ही इसका उपयोग करें।

नई दिल्ली, 26 अक्टूबर (राष्ट्र प्रेस)। लाजवंती, जिसे छुईमुई या लज्जावती भी कहा जाता है, एक ऐसा पौधा है, जो छूने पर अपनी पत्तियां सिकोड़ लेता है। देखने में तो यह पौधा बड़ा नाजुक और दिलचस्प लगता है, लेकिन इसके अंदर जबर्दस्त औषधीय गुण छिपे हैं।

आयुर्वेद में लाजवंती को कफ-पित्त को संतुलित करने, खून को साफ करने, सूजन कम करने और शरीर से विषैले तत्व निकालने के लिए बेहद उपयोगी माना गया है। इसका इस्तेमाल पाचन तंत्र, त्वचा, मूत्र से जुड़ी दिक्कतों, सूजन और मानसिक स्वास्थ्य में भी किया जाता है।

यदि हम इसके औषधीय उपयोगों के बारे में बात करें, तो सबसे पहले बवासीर यानी पाइल्स में यह काफी असरदार मानी जाती है। इसके पत्तों या जड़ का चूर्ण दूध या दही के साथ मिलाकर खाने से सूजन और दर्द में राहत मिलती है और खून आना भी बंद हो जाता है। भगंदर यानी फिस्टुला में भी यह बहुत फायदेमंद है।

दूसरा बड़ा फायदा है दस्त या रक्तातिसार में। अगर किसी को खून के साथ दस्त आ रहे हों, तो लाजवंती की जड़ का चूर्ण दही के साथ देने से तुरंत राहत मिलती है। इसके अलावा, इसका काढ़ा बनाकर सुबह-शाम पीने से आंतें मजबूत होती हैं और पेट साफ रहता है।

लाजवंती का इस्तेमाल बुखार और दस्त दोनों में भी किया जाता है। जब बुखार के साथ पेट खराब रहता है, तो इसे अश्वगंधा, दालचीनी और कुटज जैसी जड़ी-बूटियों के साथ काढ़ा बनाकर पिलाने से शरीर को आराम मिलता है और पाचन भी दुरुस्त होता है।

महिलाओं के लिए भी यह पौधा बहुत फायदेमंद है। अगर किसी को स्तनों में ढीलापन महसूस होता है, तो लाजवंती की जड़ और अश्वगंधा को मिलाकर लेप बनाएं और धीरे-धीरे मसाज करें। इससे ऊतक मजबूत होते हैं और स्तन पुष्ट बनते हैं।

घाव या चोट लगने पर भी यह पौधा किसी एंटीसेप्टिक से कम नहीं है। इसकी जड़ को पीसकर घाव पर लगाने से खून रुकता है, सूजन कम होती है और घाव जल्दी भर जाता है। पुराने घावों में भी यह असर दिखाती है।

लाजवंती यौन स्वास्थ्य के लिए भी काफी उपयोगी है। इसके बीज और चीनी को मिलाकर दूध के साथ सेवन करने से कमजोरी, शीघ्रपतन और तनाव में राहत मिलती है।

लाजवंती ठंडी तासीर वाली होती है, इसलिए इसे ज्यादा मात्रा में न लें। गर्भवती महिलाएं और जिनको पुरानी बीमारियां हैं, वे इसे बिना डॉक्टर की सलाह के इस्तेमाल न करें। अगर इसे सही तरीके से लिया जाए, तो लाजवंती कई बीमारियों का प्राकृतिक इलाज बन सकती है।

संपादकीय दृष्टिकोण

एक अनूठा पौधा है जो हमारे पारंपरिक चिकित्सा पद्धतियों में महत्वपूर्ण स्थान रखता है। इसके औषधीय गुणों का वैज्ञानिक अनुसंधान भी आवश्यक है। इस पौधे का सही उपयोग करने से हम अपने स्वास्थ्य को प्राकृतिक तरीके से सुधार सकते हैं।
RashtraPress
29 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

लाजवंती के क्या स्वास्थ्य लाभ हैं?
लाजवंती के कई स्वास्थ्य लाभ हैं जैसे बवासीर, दस्त, बुखार, यौन स्वास्थ्य में सुधार और घाव भरने में सहायता।
क्या लाजवंती का उपयोग गर्भवती महिलाएं कर सकती हैं?
गर्भवती महिलाओं को लाजवंती का उपयोग करने से पहले डॉक्टर से सलाह लेनी चाहिए।
लाजवंती का सेवन कैसे करें?
लाजवंती की जड़ या पत्तों का चूर्ण दूध या दही के साथ मिलाकर सेवन किया जा सकता है।
राष्ट्र प्रेस
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