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ग्रेटर नोएडा में मोबाइल चोरी गिरोह का भंडाफोड़: 6 गिरफ्तार, ₹50 लाख के 154 फोन बरामद

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ग्रेटर नोएडा में मोबाइल चोरी गिरोह का भंडाफोड़: 6 गिरफ्तार, ₹50 लाख के 154 फोन बरामद

सारांश

ग्रेटर नोएडा में लॉजिस्टिक्स कंपनी के कंटेनर चालक की अगुवाई में चल रहे मोबाइल चोरी गिरोह का भंडाफोड़। बीटा-2 पुलिस ने 6 आरोपी दबोचे, ₹50 लाख के 154 फोन और ₹2.50 लाख नकद बरामद।

मुख्य बातें

थाना बीटा-2, ग्रेटर नोएडा पुलिस ने 31 अगस्त 2026 को मोबाइल चोरी गिरोह के 6 सदस्यों को गिरफ्तार किया।
आरोपियों के पास से 154 चोरी के मोबाइल फोन (अनुमानित कीमत ₹50 लाख ), ₹2.50 लाख नकद और एक स्कॉर्पियो कार बरामद।
गिरोह का मास्टरमाइंड केशव कुमार , एक्सप्रेस बीज लॉजिस्टिक सॉल्यूशन प्राइवेट लिमिटेड में कंटेनर चालक था।
कंपनी ऑडिट में 165 मोबाइल गायब मिलने पर 24 जुलाई 2026 को मुकदमा दर्ज हुआ था।
पुलिस अब चोरी के मोबाइल बेचने वाले व्यापक नेटवर्क और अन्य संदिग्धों की जांच कर रही है।

ग्रेटर नोएडा के थाना बीटा-2 पुलिस ने 31 अगस्त 2026 को एक सुनियोजित मोबाइल चोरी गिरोह का पर्दाफाश करते हुए छह आरोपियों को गिरफ्तार किया। आरोपियों के कब्जे से 154 चोरी के मोबाइल फोन — जिनकी अनुमानित बाजार कीमत करीब ₹50 लाख बताई गई है — के साथ-साथ ₹2.50 लाख नकद और वारदात में इस्तेमाल की गई एक स्कॉर्पियो कार भी जब्त की गई है। यह गिरोह कंपनी के कंटेनरों की सील तोड़कर मोबाइल फोन चुराता था और उन्हें बाजार भाव से कम कीमत पर बेचता था।

मुख्य घटनाक्रम

पुलिस के अनुसार, सभी छह आरोपियों को 31 अगस्त 2026 को पीपल वाला गोल चक्कर, नट मढ़ैय्या के पास से गिरफ्तार किया गया। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान केशव कुमार (उम्र 30), मनोज कुमार (25), रवि कुमार (32), विनीत उर्फ मसना (23), मोहम्मद शोएब (24) और हसीबुर्रहमान (32) के रूप में की गई है।

गौरतलब है कि इस मामले की शुरुआत तब हुई जब कंपनी में ऑडिट के दौरान 165 मोबाइल फोन गायब पाए गए। इसके बाद कंपनी के मैनेजर की शिकायत पर 24 जुलाई 2026 को थाना बीटा-2 में मुकदमा दर्ज किया गया था।

गिरोह का तरीकाकार

पुलिस जांच में सामने आया कि गिरोह का मास्टरमाइंड केशव कुमार था, जो साइट-4, बीटा-2 स्थित एक्सप्रेस बीज लॉजिस्टिक सॉल्यूशन प्राइवेट लिमिटेड में कंटेनर चालक के पद पर कार्यरत था। जब कंपनी में तैयार मोबाइल फोन डिलीवरी के लिए विभिन्न स्थानों पर भेजे जाते थे, तो केशव अपने साथियों के साथ मिलकर कंटेनर की सील खोल देता था। इसके बाद कार्टूनों से चिट हटाकर मोबाइल निकाल लिए जाते थे।

चोरी किए गए मोबाइल फोन को गिरोह के सदस्य मांग के अनुसार बाजार कीमत से कम दाम पर अलग-अलग स्थानों पर बेच देते थे। यह ऐसे समय में सामने आया है जब लॉजिस्टिक्स क्षेत्र में अंदरूनी चोरी की घटनाओं पर अंकुश लगाना एक बड़ी चुनौती बनी हुई है।

आरोपियों की पृष्ठभूमि

पुलिस के मुताबिक, मास्टरमाइंड केशव कुमार पूर्व में भी चोरी समेत कई मामलों में जेल जा चुका है। उसके खिलाफ थाना छर्रा, अलीगढ़ में चोरी का माल रखने और आर्म्स एक्ट से संबंधित मामले दर्ज हैं। इसके अलावा थाना इगलास, अलीगढ़ और थाना सूरजपुर, गौतमबुद्धनगर में भी चोरी, धोखाधड़ी और आपराधिक षड्यंत्र के मुकदमे दर्ज बताए गए हैं।

गिरफ्तार आरोपियों में केशव कुमार ग्राम बेर नगरिया, थाना गोंडा, अलीगढ़; मनोज कुमार और विनीत उर्फ मसना कुंवरपुर, थाना गोंडा, अलीगढ़; रवि कुमार उमराला, थाना कोसी कला, मथुरा; मोहम्मद शोएब चांदपुर, बिजनौर; तथा हसीबुर्रहमान मेवा नवादा, थाना स्योहारा, बिजनौर के निवासी हैं।

जांच का तरीका

पुलिस ने सर्विलांस और सीसीटीवी फुटेज की मदद से आरोपियों की गतिविधियों को ट्रेस किया। तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर गिरोह के सदस्यों तक पहुंच बनाई गई और सभी छह आरोपियों को दबोच लिया गया।

आगे की जांच

पुलिस अब गिरोह से जुड़े अन्य संदिग्धों और चोरी किए गए मोबाइल फोन की बिक्री से जुड़े व्यापक नेटवर्क की जांच कर रही है। अधिकारी यह भी पता लगाने में जुटे हैं कि कंपनी से अब तक कुल कितने मोबाइल फोन चोरी हुए और उन्हें किन-किन स्थानों पर बेचा गया।

संपादकीय दृष्टिकोण

कर्मचारी सत्यापन प्रक्रियाओं पर गंभीर सवाल उठाता है। कंपनी को 165 मोबाइल गायब होने का पता ऑडिट में चला — यानी रियल-टाइम निगरानी तंत्र की साफ कमी थी। जब तक लॉजिस्टिक्स कंपनियाँ तकनीक-आधारित ट्रैकिंग और कर्मचारी पृष्ठभूमि जांच को अनिवार्य नहीं बनातीं, ऐसे गिरोह बार-बार पनपते रहेंगे।
RashtraPress
1 सितंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

ग्रेटर नोएडा मोबाइल चोरी गिरोह का मामला क्या है?
थाना बीटा-2, ग्रेटर नोएडा पुलिस ने एक ऐसे गिरोह का भंडाफोड़ किया जो एक्सप्रेस बीज लॉजिस्टिक सॉल्यूशन प्राइवेट लिमिटेड के डिलीवरी कंटेनरों की सील तोड़कर मोबाइल फोन चुराता था और उन्हें बाजार भाव से कम कीमत पर बेचता था। 31 अगस्त 2026 को छह आरोपियों को गिरफ्तार कर ₹50 लाख के 154 मोबाइल फोन बरामद किए गए।
इस मामले में कितने आरोपी गिरफ्तार हुए और उनके नाम क्या हैं?
कुल छह आरोपी गिरफ्तार हुए हैं — केशव कुमार (30), मनोज कुमार (25), रवि कुमार (32), विनीत उर्फ मसना (23), मोहम्मद शोएब (24) और हसीबुर्रहमान (32)। इनमें से केशव कुमार को गिरोह का मास्टरमाइंड बताया गया है।
पुलिस ने इस गिरोह तक कैसे पहुंच बनाई?
कंपनी में ऑडिट के दौरान 165 मोबाइल गायब मिलने पर 24 जुलाई 2026 को मुकदमा दर्ज किया गया था। इसके बाद पुलिस ने सर्विलांस और सीसीटीवी फुटेज की मदद से आरोपियों की गतिविधियों को ट्रेस किया और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर सभी छह सदस्यों को गिरफ्तार किया।
गिरोह के मास्टरमाइंड केशव कुमार का आपराधिक इतिहास क्या है?
पुलिस के अनुसार केशव कुमार पहले भी चोरी समेत कई मामलों में जेल जा चुका है। उसके खिलाफ थाना छर्रा (अलीगढ़) में आर्म्स एक्ट और चोरी के माल से जुड़े मामले, तथा थाना इगलास (अलीगढ़) और थाना सूरजपुर (गौतमबुद्धनगर) में धोखाधड़ी व आपराधिक षड्यंत्र के मुकदमे दर्ज बताए गए हैं।
पुलिस आगे क्या जांच कर रही है?
पुलिस अब गिरोह से जुड़े अन्य संदिग्धों और चोरी के मोबाइल बेचने वाले व्यापक नेटवर्क की जांच कर रही है। यह भी पता लगाया जा रहा है कि कंपनी से अब तक कुल कितने मोबाइल फोन चोरी हुए और उन्हें किन-किन स्थानों पर बेचा गया।
राष्ट्र प्रेस
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