ग्रेटर नोएडा में मोबाइल चोरी गिरोह का भंडाफोड़: 6 गिरफ्तार, ₹50 लाख के 154 फोन बरामद
सारांश
मुख्य बातें
ग्रेटर नोएडा के थाना बीटा-2 पुलिस ने 31 अगस्त 2026 को एक सुनियोजित मोबाइल चोरी गिरोह का पर्दाफाश करते हुए छह आरोपियों को गिरफ्तार किया। आरोपियों के कब्जे से 154 चोरी के मोबाइल फोन — जिनकी अनुमानित बाजार कीमत करीब ₹50 लाख बताई गई है — के साथ-साथ ₹2.50 लाख नकद और वारदात में इस्तेमाल की गई एक स्कॉर्पियो कार भी जब्त की गई है। यह गिरोह कंपनी के कंटेनरों की सील तोड़कर मोबाइल फोन चुराता था और उन्हें बाजार भाव से कम कीमत पर बेचता था।
मुख्य घटनाक्रम
पुलिस के अनुसार, सभी छह आरोपियों को 31 अगस्त 2026 को पीपल वाला गोल चक्कर, नट मढ़ैय्या के पास से गिरफ्तार किया गया। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान केशव कुमार (उम्र 30), मनोज कुमार (25), रवि कुमार (32), विनीत उर्फ मसना (23), मोहम्मद शोएब (24) और हसीबुर्रहमान (32) के रूप में की गई है।
गौरतलब है कि इस मामले की शुरुआत तब हुई जब कंपनी में ऑडिट के दौरान 165 मोबाइल फोन गायब पाए गए। इसके बाद कंपनी के मैनेजर की शिकायत पर 24 जुलाई 2026 को थाना बीटा-2 में मुकदमा दर्ज किया गया था।
गिरोह का तरीकाकार
पुलिस जांच में सामने आया कि गिरोह का मास्टरमाइंड केशव कुमार था, जो साइट-4, बीटा-2 स्थित एक्सप्रेस बीज लॉजिस्टिक सॉल्यूशन प्राइवेट लिमिटेड में कंटेनर चालक के पद पर कार्यरत था। जब कंपनी में तैयार मोबाइल फोन डिलीवरी के लिए विभिन्न स्थानों पर भेजे जाते थे, तो केशव अपने साथियों के साथ मिलकर कंटेनर की सील खोल देता था। इसके बाद कार्टूनों से चिट हटाकर मोबाइल निकाल लिए जाते थे।
चोरी किए गए मोबाइल फोन को गिरोह के सदस्य मांग के अनुसार बाजार कीमत से कम दाम पर अलग-अलग स्थानों पर बेच देते थे। यह ऐसे समय में सामने आया है जब लॉजिस्टिक्स क्षेत्र में अंदरूनी चोरी की घटनाओं पर अंकुश लगाना एक बड़ी चुनौती बनी हुई है।
आरोपियों की पृष्ठभूमि
पुलिस के मुताबिक, मास्टरमाइंड केशव कुमार पूर्व में भी चोरी समेत कई मामलों में जेल जा चुका है। उसके खिलाफ थाना छर्रा, अलीगढ़ में चोरी का माल रखने और आर्म्स एक्ट से संबंधित मामले दर्ज हैं। इसके अलावा थाना इगलास, अलीगढ़ और थाना सूरजपुर, गौतमबुद्धनगर में भी चोरी, धोखाधड़ी और आपराधिक षड्यंत्र के मुकदमे दर्ज बताए गए हैं।
गिरफ्तार आरोपियों में केशव कुमार ग्राम बेर नगरिया, थाना गोंडा, अलीगढ़; मनोज कुमार और विनीत उर्फ मसना कुंवरपुर, थाना गोंडा, अलीगढ़; रवि कुमार उमराला, थाना कोसी कला, मथुरा; मोहम्मद शोएब चांदपुर, बिजनौर; तथा हसीबुर्रहमान मेवा नवादा, थाना स्योहारा, बिजनौर के निवासी हैं।
जांच का तरीका
पुलिस ने सर्विलांस और सीसीटीवी फुटेज की मदद से आरोपियों की गतिविधियों को ट्रेस किया। तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर गिरोह के सदस्यों तक पहुंच बनाई गई और सभी छह आरोपियों को दबोच लिया गया।
आगे की जांच
पुलिस अब गिरोह से जुड़े अन्य संदिग्धों और चोरी किए गए मोबाइल फोन की बिक्री से जुड़े व्यापक नेटवर्क की जांच कर रही है। अधिकारी यह भी पता लगाने में जुटे हैं कि कंपनी से अब तक कुल कितने मोबाइल फोन चोरी हुए और उन्हें किन-किन स्थानों पर बेचा गया।