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ग्रेटर नोएडा में मोबाइल चोर गिरोह गिरफ्तार: 100 सील पैक IQOO फोन बरामद, मास्टरमाइंड फरार

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ग्रेटर नोएडा में मोबाइल चोर गिरोह गिरफ्तार: 100 सील पैक IQOO फोन बरामद, मास्टरमाइंड फरार

सारांश

ग्रेटर नोएडा पुलिस ने एक संगठित मोबाइल चोर गिरोह का भंडाफोड़ किया — ₹50 लाख के 100 सील पैक IQOO फोन बरामद, फर्जी नंबर प्लेट वाली गाड़ी जब्त, और तीन आरोपी गिरफ्तार। गिरोह का मास्टरमाइंड अभी भी फरार है।

मुख्य बातें

थाना नॉलेज पार्क पुलिस ने 22 जून 2026 को संगठित मोबाइल चोर गिरोह का भंडाफोड़ किया।
आरोपियों के कब्जे से 100 सील पैक IQOO स्मार्टफोन बरामद, बाज़ार कीमत लगभग ₹50 लाख ।
फोन यमुना एक्सप्रेसवे सेक्टर-24 स्थित कंपनी के लॉजिस्टिक चैनल से चोरी किए गए थे।
गिरफ्तार आरोपी: आनंद उर्फ रुद्रेश , पंकज उर्फ धीरेंद्र , मोहित उर्फ संतोष ; फर्जी नंबर प्लेट वाली महिंद्रा पिकअप और दो अवैध चाकू भी जब्त।
मुख्य आरोपी आनंद के खिलाफ दिल्ली और गुरुग्राम में माल चोरी व आर्म्स एक्ट के मुकदमे पहले से दर्ज।
गिरोह का मास्टरमाइंड फरार ; गिरफ्तारी के लिए विशेष टीमें गठित।

गौतमबुद्धनगर पुलिस कमिश्नरेट के थाना नॉलेज पार्क ने 22 जून 2026 को एक संगठित मोबाइल चोर गिरोह का भंडाफोड़ करते हुए तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया। पुलिस ने इनके कब्जे से 100 सील पैक IQOO स्मार्टफोन बरामद किए, जिनकी बाज़ार कीमत लगभग ₹50 लाख आँकी गई है। गिरोह का एक मास्टरमाइंड अभी भी फरार बताया जा रहा है।

गिरफ्तारी कैसे हुई

पुलिस के अनुसार, 21 जून 2026 को मैनुअल इंटेलिजेंस और गोपनीय सूचना मिली कि कुछ संदिग्ध चोरी के मोबाइल फोन बेचने की फिराक में हैं। इस सूचना पर तत्काल कार्रवाई करते हुए पुलिस टीम ने सेक्टर-153 स्थित पानी की टंकी के पीछे घेराबंदी की और तीनों आरोपियों को मौके पर दबोच लिया।

गिरफ्तार आरोपियों की पहचान आनंद उर्फ रुद्रेश, पंकज उर्फ धीरेंद्र और मोहित उर्फ संतोष के रूप में हुई है। पुलिस ने इनके पास से घटना में इस्तेमाल एक महिंद्रा पिकअप वाहन भी जब्त किया, जिस पर फर्जी नंबर प्लेट लगी हुई थी। इसके अलावा आरोपी आनंद और मोहित के पास से एक-एक अवैध चाकू भी बरामद हुआ।

चोरी का तरीका

पुलिस जाँच में सामने आया है कि बरामद सभी 100 IQOO मोबाइल फोन पूरी तरह सील पैक अवस्था में थे। ये फोन यमुना एक्सप्रेसवे के सेक्टर-24 स्थित कंपनी के लॉजिस्टिक चैनल से चोरी किए गए थे। आरोपी इन्हें अवैध तरीके से बाज़ार में बेचने की तैयारी में थे। यह ऐसे समय में आया है जब ई-कॉमर्स और लॉजिस्टिक आपूर्ति श्रृंखला से संगठित चोरी की घटनाएँ पश्चिमी उत्तर प्रदेश में चिंता का विषय बनती जा रही हैं।

आरोपियों का आपराधिक इतिहास

पुलिस जाँच में खुलासा हुआ है कि गिरफ्तार आरोपी पहले भी आपराधिक गतिविधियों में लिप्त रहे हैं। मुख्य आरोपी आनंद उर्फ रुद्रेश के खिलाफ दिल्ली और गुरुग्राम में माल चोरी तथा आर्म्स एक्ट के तहत कई मुकदमे दर्ज हैं। वहीं, मोहित पुंडीर के खिलाफ भी चोरी और अन्य आपराधिक मामले दर्ज पाए गए हैं। गौरतलब है कि यह गिरोह राज्य की सीमाएँ पार कर अपराध को अंजाम दे रहा था।

आगे की कार्रवाई

इस मामले में थाना नॉलेज पार्क में विधिवत मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, गिरोह के फरार मास्टरमाइंड और अन्य सदस्यों की पहचान कर ली गई है तथा उनकी गिरफ्तारी के लिए विशेष टीमों का गठन किया गया है। पुलिस को उम्मीद है कि आरोपियों की पूछताछ में इस गिरोह से जुड़े अन्य मामलों का भी खुलासा हो सकता है।

संपादकीय दृष्टिकोण

जिसकी जाँच अभी तक सामने नहीं आई है। मास्टरमाइंड का फरार होना और दिल्ली-गुरुग्राम तक फैले आपराधिक रिकॉर्ड यह संकेत देते हैं कि यह गिरोह अंतर-राज्यीय नेटवर्क का हिस्सा हो सकता है। जब तक आपूर्ति श्रृंखला में निगरानी की खामियों को दूर नहीं किया जाता, ऐसी घटनाएँ दोहराई जाती रहेंगी।
RashtraPress
10 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

ग्रेटर नोएडा में मोबाइल चोर गिरोह से क्या बरामद हुआ?
पुलिस ने तीन आरोपियों के कब्जे से 100 सील पैक IQOO स्मार्टफोन बरामद किए, जिनकी कीमत लगभग ₹50 लाख है। इसके अलावा फर्जी नंबर प्लेट वाली एक महिंद्रा पिकअप और दो अवैध चाकू भी जब्त किए गए।
गिरफ्तार आरोपी कौन हैं और उनका आपराधिक इतिहास क्या है?
गिरफ्तार तीन आरोपियों की पहचान आनंद उर्फ रुद्रेश, पंकज उर्फ धीरेंद्र और मोहित उर्फ संतोष के रूप में हुई है। मुख्य आरोपी आनंद के खिलाफ दिल्ली और गुरुग्राम में माल चोरी व आर्म्स एक्ट के तहत कई मुकदमे पहले से दर्ज हैं, जबकि मोहित पुंडीर पर भी चोरी के मामले हैं।
IQOO मोबाइल फोन कहाँ से चोरी किए गए थे?
पुलिस जाँच के अनुसार, ये फोन यमुना एक्सप्रेसवे के सेक्टर-24 स्थित कंपनी के लॉजिस्टिक चैनल से चोरी किए गए थे। आरोपी इन्हें सील पैक अवस्था में ही अवैध तरीके से बेचने की तैयारी में थे।
गिरोह का मास्टरमाइंड कौन है और क्या वह पकड़ा गया?
पुलिस के अनुसार, गिरोह के मास्टरमाइंड की पहचान कर ली गई है, लेकिन वह अभी फरार है। उसकी गिरफ्तारी के लिए विशेष टीमें गठित की गई हैं और लगातार दबिश दी जा रही है।
इस मामले में आगे क्या कार्रवाई होगी?
थाना नॉलेज पार्क में मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। पुलिस को उम्मीद है कि पूछताछ के दौरान इस गिरोह से जुड़े अन्य मामलों का भी खुलासा होगा और फरार मास्टरमाइंड जल्द पकड़ा जाएगा।
राष्ट्र प्रेस
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