सीतारमण का राहुल गांधी पर पलटवार: 7.8% विकास दर के बावजूद 'मृत अर्थव्यवस्था' कहना भारतीयों का अपमान
सारांश
मुख्य बातें
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने 1 सितंबर को एशविले में जी-20 वित्त मंत्रियों की बैठक के दौरान कांग्रेस नेता राहुल गांधी की उस टिप्पणी पर कड़ा पलटवार किया, जिसमें उन्होंने भारत को 'मृत अर्थव्यवस्था' बताया था। सीतारमण ने कहा कि जब देश ने 7.8 प्रतिशत की विकास दर दर्ज की है, तब इस तरह का बयान भारतीय नागरिकों की कड़ी मेहनत को कमतर आंकना है।
वित्त मंत्री की तीखी प्रतिक्रिया
सीतारमण ने एक विशेष साक्षात्कार में कहा, 'लगातार ऐसे ग्रोथ आंकड़ों के बावजूद, यह बहुत अजीब बात है कि विपक्ष के नेता राहुल गांधी भारतीय अर्थव्यवस्था को लगातार 'मृत अर्थव्यवस्था' कहते हैं।' उन्होंने यह भी जोड़ा कि इससे स्पष्ट होता है कि कांग्रेस नेता भारतीय नागरिकों की मेहनत को कितनी कम अहमियत देते हैं।
वित्त मंत्री ने स्पष्ट किया कि लोकतंत्र में विपक्ष का सरकार से सवाल पूछना न केवल उचित है, बल्कि आवश्यक भी है। हालांकि उन्होंने कहा कि आलोचना करते हुए उन नागरिकों के योगदान को नजरअंदाज नहीं किया जाना चाहिए जिनकी मेहनत से आर्थिक विकास संभव हो रहा है।
आर्थिक आंकड़े जो सरकार के दावे की बुनियाद हैं
सीतारमण ने वित्त वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही के आंकड़ों का हवाला दिया, जिनके अनुसार भारतीय अर्थव्यवस्था में 7.8 प्रतिशत की बढ़ोतरी का अनुमान है। इस अवधि में मैन्युफैक्चरिंग क्षेत्र में 9.2 प्रतिशत और वित्तीय एवं व्यावसायिक सेवा क्षेत्र में 12.1 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई। उन्होंने यह भी बताया कि देश का विदेशी मुद्रा भंडार लगभग 700 अरब डॉलर के स्तर पर है।
उन्होंने कहा, 'ये कोई मामूली आंकड़े नहीं हैं। यह पूरी तरह से उस तरीके की वजह से है जिससे लोगों ने अपनी व्यक्तिगत आकांक्षाओं को पूरा करने के साथ-साथ भारत को 'विकसित भारत 2047' की ओर आगे बढ़ाया है।'
कांग्रेस के अर्थशास्त्रियों पर सीधा इशारा
जब सीतारमण से पूछा गया कि क्या राहुल गांधी की टिप्पणियाँ आर्थिक समझ की कमी को दर्शाती हैं या राजनीतिक दुश्मनी को, तो उन्होंने कांग्रेस के भीतर मौजूद अर्थशास्त्रियों की ओर इशारा किया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस पार्टी में कई अर्थशास्त्री हैं जो एक आर्थिक सलाहकार समूह बनाते हैं और वे तथ्यों से इनकार नहीं कर सकते।
उन्होंने कहा, 'राजनीतिक कारणों से, अगर आप भारतीय अर्थव्यवस्था के बारे में बुरा बोलना चाहते हैं — ऐसे समय में जब लोग वास्तव में अच्छा कर रहे हैं — तो यह उस समग्र अच्छी कहानी पर कोई असर नहीं डालता, जो आज आंकड़ों में दिखाई दे रही है।'
सुधारों को मिला श्रेय
वित्त मंत्री ने मोदी सरकार द्वारा किए गए प्रशासनिक सुधारों का उल्लेख करते हुए बताया कि 1,000 से अधिक कानूनों को समाप्त किया गया और लगभग 40,000 नियमों को सरल बनाया गया। उन्होंने राज्य सरकारों के सहयोग और उद्योग-व्यापार जगत के साथ निरंतर संवाद को भी विकास का आधार बताया।
सीतारमण ने भरोसा जताया कि पहली तिमाही के मजबूत प्रदर्शन से पूरे वित्त वर्ष में विकास की गति बनी रहेगी और आने वाली तिमाहियों में भी इसी तरह के आंकड़े देखने को मिल सकते हैं।
जी-20 बैठक और द्विपक्षीय वार्ता
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण इन दिनों एशविले में जी-20 वित्त मंत्रियों की बैठक में भाग लेने के लिए अमेरिका दौरे पर हैं। कनाडा और अमेरिका की इस यात्रा के दौरान वे भाग लेने वाले देशों के प्रतिनिधियों के साथ द्विपक्षीय बातचीत और अंतरराष्ट्रीय निवेशकों के साथ बैठकें भी कर रही हैं। यह दौरा ऐसे समय में हो रहा है जब भारत वैश्विक आर्थिक अनिश्चितताओं के बीच अपनी विकास दर को मजबूत बनाए रखने की कोशिश कर रहा है।