लोजपा (रामविलास) के तीन विधायक आरोपों के घेरे में, चिराग पासवान ने कहा — दोषी बख्शे नहीं जाएंगे
सारांश
मुख्य बातें
बिहार की सियासत में लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) के लिए मुश्किलें बढ़ गई हैं, जब पार्टी के तीन विधायकों पर एक साथ गंभीर आरोप सामने आए। बिहार सरकार में मंत्री संजय सिंह पर नई दिल्ली के एक पाँच सितारा होटल में एक युवती के साथ कथित अभद्र व्यवहार और मामले को दबाने के लिए कथित लेन-देन के आरोप लगे हैं। पार्टी प्रमुख एवं केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान ने स्पष्ट किया है कि निष्पक्ष जांच होगी और दोषी पाए जाने पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
मंत्री संजय सिंह पर क्या हैं आरोप
पत्रकारों से बातचीत में चिराग पासवान ने कहा कि महिला सुरक्षा के मामले में किसी भी स्तर पर समझौता नहीं किया जाएगा। उन्होंने जोड़ा कि जांच में जो भी दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ सख्त कदम उठाए जाएंगे। इस मामले में राष्ट्रीय जनता दल (राजद) नेता और पूर्व मंत्री तेज प्रताप यादव ने भी मंत्री संजय सिंह पर गंभीर आरोप लगाए हैं, जिससे यह विवाद राजनीतिक केंद्र में आ गया है।
विधायक अमित कुमार रानू पर दबंगई और ज़मीन कब्जे के आरोप
मुजफ्फरपुर से लोजपा (रामविलास) विधायक अमित कुमार रानू पर इसी महीने दबंगई और ज़मीन पर कब्जा दिलाने के आरोप लगे। पुलिस को शिकायत मिलने के बाद 20 अगस्त को जमीन विवाद से संबंधित मामले में विधायक के आवास पर छापेमारी की गई।
मुजफ्फरपुर पुलिस के अनुसार, तलाशी के दौरान कई स्टांप पेपर, ज़मीन से संबंधित दस्तावेज और एक निर्माण कंपनी से जुड़े कागजात बरामद किए गए। पुलिस का कहना है कि विधायक के भाई और विधायक की कथित संलिप्तता से जुड़े दस्तावेज भी मिले हैं। बरामद साक्ष्यों के आधार पर प्राथमिकी दर्ज कर जांच जारी है।
डेहरी विधायक सोनू सिंह पर हत्या मामले में आरोप
रोहतास जिले के डेहरी-डालमियानगर नगर परिषद के कार्यपालक पदाधिकारी विमल कुमार की हत्या के बाद उनकी पत्नी ने डेहरी से लोजपा (रामविलास) विधायक सोनू सिंह पर गंभीर आरोप लगाए। मृतक की पत्नी के अनुसार, विधायक उनके पति से ₹50 लाख की माँग कर रहे थे और रकम को लेकर लगातार फोन कर परेशान किया जाता था। उन्होंने पुलिस के समक्ष अपना बयान भी दर्ज कराया।
हालांकि, पुलिस ने इस मामले में अब तक मृतक के चालक को गिरफ्तार कर जेल भेजा है। विधायक सोनू सिंह के विरुद्ध जांच जारी बताई जा रही है।
विपक्ष को मिला हमले का मौका
यह ऐसे समय में आया है जब राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) बिहार में सत्तारूढ़ है और लोजपा (रामविलास) उसकी एक अहम घटक पार्टी है। तीनों विधायकों पर एक साथ आरोप सामने आने से विपक्षी दलों को सरकार और गठबंधन पर निशाना साधने का मौका मिल गया है। गौरतलब है कि बिहार में 2025 के विधानसभा चुनाव से पहले इस तरह के विवाद पार्टी की साख पर असर डाल सकते हैं।
चिराग पासवान के सामने चुनौती
तीनों मामलों के एक साथ उभरने के बाद चिराग पासवान के सामने पार्टी की छवि बचाने की कड़ी चुनौती खड़ी हो गई है। पार्टी नेतृत्व को एक ओर गठबंधन धर्म निभाना है, तो दूसरी ओर जनता में विश्वसनीयता बनाए रखनी है। जांच के नतीजे और उस पर पार्टी की प्रतिक्रिया आने वाले दिनों में लोजपा (रामविलास) की राजनीतिक दिशा तय करेगी।