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क्या चिराग पासवान नीतीश कुमार के नेतृत्व में चुनाव लड़ेंगे?

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क्या चिराग पासवान नीतीश कुमार के नेतृत्व में चुनाव लड़ेंगे?

सारांश

बिहार विधानसभा चुनावों में चिराग पासवान ने नीतीश कुमार के नेतृत्व में चुनाव लड़ने का निर्णय लिया है। जानें इस चुनावी रणनीति का क्या मतलब है और राजेश वर्मा की क्या राय है।

मुख्य बातें

चिराग पासवान ने नीतीश कुमार के नेतृत्व में चुनाव लड़ने का निर्णय लिया।
राजेश वर्मा का कहना है कि राजद सरकार का जंगलराज भुलाया नहीं जा सकता।
तेजस्वी यादव की राजनीति पर उठाए गए सवालों का उन्होंने जवाब दिया।

नई दिल्ली, 22 जून (राष्ट्र प्रेस)। बिहार में होने वाले विधानसभा चुनाव के संदर्भ में लोजपा (रामविलास) के सांसद राजेश वर्मा ने रविवार को कहा कि चिराग पासवान ने स्पष्ट रूप से बताया है कि वे नीतीश कुमार के नेतृत्व में चुनाव में भाग लेंगे।

राजेश वर्मा ने रविवार को समाचार एजेंसी राष्ट्र प्रेस को बताया कि आरा के बाद राजगीर में लोजपा की 10 गुना बड़ी जनसभा का आयोजन होगा। आरा की जनसभा में आए लोगों की भीड़ इस बात का संकेत है कि बदलते बिहार की उम्मीद चिराग पासवान हैं।

सीट बंटवारे के फॉर्मूले पर उन्होंने कहा कि पार्टी का प्रयास है कि हमें सम्मानजनक सीटों के साथ एनडीए में चुनाव लड़ने का मौका मिले। हमारे नेता ने यह भी कहा है कि हम नीतीश कुमार के नेतृत्व में ही चुनाव में भाग लेंगे। चुनाव में उनकी भूमिका महत्वपूर्ण होगी।

चिराग पासवान और तेजस्वी यादव की तुलना पर राजेश वर्मा ने कहा कि इन दोनों नेताओं की तुलना नहीं की जा सकती। तेजस्वी यादव की राजनीति का आधार अपराध है। राजद सरकार का जंगलराज कोई नहीं भूल सकता। अपराधियों का राज होता था। हमारी पार्टी का दृष्टिकोण विकसित बिहार का है। 'बिहार फर्स्ट, बिहारी फर्स्ट' की सोच के साथ हम आगे बढ़ रहे हैं।

दूसरी ओर, तेजस्वी यादव द्वारा प्रधानमंत्री मोदी के सिवान दौरे पर दिए गए बयान पर लोजपा सांसद ने जोरदार जवाब दिया। उन्होंने कहा कि विपक्षी नेताओं को यह ध्यान रखना चाहिए कि वे किसी पार्टी के नेता के बारे में नहीं, बल्कि प्रधानमंत्री के बारे में बोल रहे हैं।

राजद पर हमला करते हुए लोजपा सांसद ने कहा कि हमने राजद सरकार का कार्यकाल देखा है, जब बिहार में स्थिति क्या थी। व्यापारियों को अपराधियों के धमकी के कारण बिहार छोड़ने को मजबूर होना पड़ा।

तेजस्वी यादव द्वारा आयोग में नेताओं के रिश्तेदारों को शामिल करने की बात पर लोजपा सांसद ने कहा कि इस प्रकार की बातें उन्हें शोभा नहीं देतीं। पहले अपने घर में झांकें। परिवारवाद तो चारों ओर देखने को मिलेगा। माता-पिता मुख्यमंत्री रहे, खुद डिप्टी सीएम, बड़े भाई मंत्री रहे और एक बहन सांसद हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

चिराग पासवान और नीतीश कुमार का यह गठबंधन बिहार की राजनीति में एक महत्वपूर्ण मोड़ ला सकता है। इससे राज्य में विकास की नई संभावनाएँ खुल सकती हैं।
RashtraPress
26 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चिराग पासवान का नीतीश कुमार के साथ चुनाव लड़ने का क्या मतलब है?
यह गठबंधन बिहार में विकास और स्थिरता की दिशा में एक कदम है।
क्या तेजस्वी यादव की राजनीति अपराध से प्रभावित है?
राजेश वर्मा ने कहा कि तेजस्वी यादव की राजनीति का आधार अपराध है।
राष्ट्र प्रेस
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