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वैश्विक उथल-पुथल के बीच भारत की 7.8% ग्रोथ, सीतारमण बोलीं — 'यह जीवंत अर्थव्यवस्था का प्रमाण'

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वैश्विक उथल-पुथल के बीच भारत की 7.8% ग्रोथ, सीतारमण बोलीं — 'यह जीवंत अर्थव्यवस्था का प्रमाण'

सारांश

वैश्विक उथल-पुथल के बीच भारत की 7.8% ग्रोथ और 700 अरब डॉलर का विदेशी मुद्रा भंडार — वित्त मंत्री सीतारमण ने एशविले में जी20 बैठक के दौरान इसे 'जीवंत अर्थव्यवस्था' का प्रमाण बताया। मैन्युफैक्चरिंग 9.2% और वित्तीय सेवाएँ 12.1% की रफ्तार से बढ़ीं।

मुख्य बातें

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने 1 सितंबर 2026 को एशविले में जी20 बैठक के दौरान भारत की आर्थिक मज़बूती पर बयान दिया।
भारत ने वित्त वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही में 7.8 प्रतिशत की GDP वृद्धि दर्ज की।
मैन्युफैक्चरिंग क्षेत्र 9.2% और वित्तीय एवं पेशेवर सेवा क्षेत्र 12.1% की दर से बढ़ा।
भारत का विदेशी मुद्रा भंडार लगभग 700 अरब डॉलर पर है।
1,000 से अधिक कानून समाप्त और 40,000 नियम सरल किए गए — कारोबार सुगमता के लिए।
सीतारमण ने अमेरिका, पोलैंड, कतर, दक्षिण कोरिया और रूस के साथ द्विपक्षीय बैठकें कीं; अब न्यूयॉर्क में निवेशक बैठकें होंगी।

केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने 1 सितंबर 2026 को एशविले में जी20 वित्त मंत्रियों की बैठक के दौरान स्पष्ट किया कि भारत ने यह सिद्ध कर दिया है कि वह वैश्विक आर्थिक बदलावों के बीच भी अपनी विकास गति को बनाए रखने में सक्षम है। उन्होंने वित्त वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही में दर्ज 7.8 प्रतिशत की वृद्धि दर को निरंतर बाहरी दबावों के बावजूद हासिल की गई उपलब्धि बताया।

मुख्य घटनाक्रम

सीतारमण ने एक विशेष साक्षात्कार में कहा, 'ये सभी एक जीवंत अर्थव्यवस्था के बहुत स्पष्ट संकेत हैं, एक ऐसी अर्थव्यवस्था जो वैश्विक स्तर पर बदलावों को स्वीकार करती है और खुद को इस तरह से ढालती है कि हमारी ग्रोथ प्रभावित न हो।' उन्होंने यह भी माना कि भारत कच्चे तेल, पेट्रोलियम उत्पादों और उर्वरकों — यूरिया, अमोनिया, डीएपी — के लिए आयात पर बड़े पैमाने पर निर्भर है।

वित्त मंत्री के अनुसार, भारतीय रिज़र्व बैंक (RBI) के संकेतक सकारात्मक दिशा में हैं और देश का विदेशी मुद्रा भंडार लगभग 700 अरब डॉलर पर है। उन्होंने इसे 'कोई सामान्य आँकड़ा नहीं' बताते हुए कहा कि यह आँकड़ा वैश्विक निवेशकों में भारत की साख को दर्शाता है।

क्षेत्रवार आर्थिक प्रदर्शन

वित्त मंत्री ने रेखांकित किया कि यह विस्तार किसी एक क्षेत्र तक सीमित नहीं था। मैन्युफैक्चरिंग क्षेत्र 9.2 प्रतिशत की दर से बढ़ा, जबकि वित्तीय क्षेत्र और पेशेवर सेवाएँ 12.1 प्रतिशत की रफ्तार से आगे बढ़ीं। उन्होंने कहा, 'इन वैश्विक चुनौतियों के बावजूद, अगर भारतीय अर्थव्यवस्था इस वित्त वर्ष की पहली तिमाही में 7.8 प्रतिशत की दर से बढ़ रही है, तो यह दिल को सुकून देने वाला है।'

डिजिटल बुनियादी ढाँचे और सुधारों की भूमिका

सीतारमण ने भारत की आर्थिक मज़बूती का श्रेय नागरिकों की मेहनत, आर्थिक सुधारों और डिजिटल बुनियादी ढाँचे के विस्तार को दिया। उन्होंने कहा कि UPI, NPCI और QR कोड की गहरी पैठ ने छोटे, सूक्ष्म और मध्यम उद्यमों को वैश्विक बाज़ारों तक पहुँचने में सक्षम बनाया है।

उन्होंने बताया कि कारोबार को आसान बनाने के लिए 1,000 से अधिक कानूनों को समाप्त किया गया है और लगभग 40,000 नियमों को सरल बनाया गया है। राज्य सरकारों की भागीदारी को भी इस प्रक्रिया में महत्वपूर्ण बताया गया।

जी20 एजेंडा और द्विपक्षीय बैठकें

एशविले में वित्त मंत्री ने अमेरिका, पोलैंड, कतर, दक्षिण कोरिया और रूस के साथ द्विपक्षीय बैठकें कीं। उन्होंने कहा कि भारत अमेरिकी अध्यक्षता के तहत विकास, वैश्विक असंतुलन और वित्तीय साक्षरता पर 'निष्पक्ष, खुली चर्चा' का समर्थन करता है। जी20 बैठक के बाद वह भारत में रुचि रखने वाले निवेशकों से मुलाकात के लिए न्यूयॉर्क रवाना होंगी।

आगे की राह

गौरतलब है कि यह बयान ऐसे समय में आया है जब वैश्विक व्यापार तनाव और भू-राजनीतिक अनिश्चितताएँ कई उभरती अर्थव्यवस्थाओं की विकास दर को प्रभावित कर रही हैं। सरकार द्विपक्षीय व्यापार समझौतों और निवेशक संरक्षण समझौतों पर काम जारी रखे हुए है। विदेशी जमा और प्रवासी भारतीयों के निवेश को भी वित्त मंत्री ने बैंकिंग प्रणाली में विश्वास के संकेत के रूप में रेखांकित किया।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली सवाल यह है कि क्या यह रफ्तार टिकाऊ है — खासकर तब जब भारत कच्चे तेल, यूरिया और डीएपी के लिए आयात पर भारी निर्भरता स्वीकार करता है। वैश्विक ऊर्जा कीमतों में किसी भी उछाल का सीधा असर राजकोषीय घाटे और मुद्रास्फीति पर पड़ सकता है — जो ग्रोथ की इस कहानी में एक अनदेखा जोखिम है। डिजिटल बुनियादी ढाँचे और विनियामक सुधारों की तारीफ उचित है, पर 700 अरब डॉलर का विदेशी मुद्रा भंडार और क्षेत्रवार ग्रोथ के आँकड़े तब ज़्यादा अर्थपूर्ण होंगे जब रोज़गार की गुणवत्ता और असंगठित क्षेत्र पर इनका असर भी सार्वजनिक रूप से मापा जाए।
RashtraPress
1 सितंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने एशविले में क्या कहा?
सीतारमण ने जी20 वित्त मंत्रियों की बैठक के दौरान कहा कि भारत वैश्विक बदलावों के बीच भी अपनी विकास गति बनाए रखने में सक्षम है। उन्होंने Q1 FY27 में 7.8% GDP वृद्धि को निरंतर बाहरी दबावों के बावजूद हासिल की गई उपलब्धि बताया।
भारत की GDP वित्त वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही में कितनी बढ़ी?
वित्त मंत्री के अनुसार, भारत ने वित्त वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही में 7.8 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की। मैन्युफैक्चरिंग 9.2% और वित्तीय एवं पेशेवर सेवा क्षेत्र 12.1% की दर से बढ़े।
भारत का विदेशी मुद्रा भंडार अभी कितना है?
वित्त मंत्री सीतारमण के अनुसार, भारत का विदेशी मुद्रा भंडार इस समय लगभग 700 अरब डॉलर है। उन्होंने इसे वैश्विक निवेशकों में भारत की बैंकिंग प्रणाली और व्यापक आर्थिक संकेतकों में विश्वास का प्रतीक बताया।
भारत किन वस्तुओं के आयात पर निर्भर है जो आर्थिक जोखिम पैदा करती हैं?
सीतारमण ने स्वीकार किया कि भारत कच्चे तेल, पेट्रोलियम उत्पादों और उर्वरकों — यूरिया, अमोनिया, डीएपी — के लिए बड़े पैमाने पर आयात पर निर्भर है। घरेलू उत्पादन क्षमता होने के बावजूद यह निर्भरता बनी हुई है।
जी20 बैठक में भारत का एजेंडा क्या था?
भारत ने अमेरिकी अध्यक्षता के तहत विकास, वैश्विक असंतुलन और वित्तीय साक्षरता पर 'निष्पक्ष, खुली चर्चा' का समर्थन किया। सीतारमण ने अमेरिका, पोलैंड, कतर, दक्षिण कोरिया और रूस के साथ द्विपक्षीय बैठकें भी कीं।
राष्ट्र प्रेस
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