अमेरिकी आर्मी सचिव डैन ड्रिस्कॉल का इस्तीफा, ईरान युद्ध के बीच पेंटागन में नेतृत्व संकट गहराया
सारांश
मुख्य बातें
अमेरिकी सेना सचिव डैन ड्रिस्कॉल ने 1 सितंबर 2026 को अपने पद से इस्तीफा दे दिया। मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, यह निर्णय रक्षा सचिव पीट हेगसेथ के साथ लंबे समय से चले आ रहे गंभीर मतभेदों की परिणति है। ईरान के साथ लगभग छह महीने से जारी सैन्य टकराव के बीच यह इस्तीफा अमेरिकी सेना के शीर्ष नेतृत्व में और गहरे खालीपन की ओर संकेत करता है।
इस्तीफे की पृष्ठभूमि
अधिकारियों के हवाले से रिपोर्टों में बताया गया है कि ड्रिस्कॉल ने सोमवार को राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के साथ बैठक के बाद औपचारिक रूप से इस्तीफा सौंपा। हालांकि, व्हाइट हाउस ने अब तक इस इस्तीफे की आधिकारिक पुष्टि नहीं की है। बताया जा रहा है कि ड्रिस्कॉल ने इस विवाद को सीधे राष्ट्रपति ट्रंप के सामने भी उठाया था।
रिपोर्टों के अनुसार, मतभेद मुख्यतः सेना के आधुनिकीकरण, कई वरिष्ठ अधिकारियों की बर्खास्तगी और कुछ अधिकारियों की पदोन्नति रोकने जैसे संवेदनशील मुद्दों पर केंद्रित थे। ड्रिस्कॉल इन फैसलों के विरोध में थे और यही टकराव का प्रमुख कारण बना।
पेंटागन में नेतृत्व का गहराता संकट
ड्रिस्कॉल ईरान युद्ध के दौरान पद छोड़ने वाले दूसरे वरिष्ठ नागरिक सैन्य अधिकारी हैं। इससे पहले नौसेना सचिव जॉन फेलन को अप्रैल में पद से हटाया जा चुका है। गौरतलब है कि अमेरिकी सैन्य ढाँचे में नौसेना, थलसेना और वायुसेना के लिए अलग-अलग सचिव होते हैं, जो रक्षा मंत्री के अधीन काम करते हैं।
यह ऐसे समय में आया है जब अमेरिकी सेना अपने नागरिक प्रमुख के साथ-साथ स्थायी सैन्य प्रमुख के बिना भी काम कर रही है। सेना प्रमुख जनरल रैंडी जॉर्ज को पहले ही पद से हटाया जा चुका है। आर्मी के उप प्रमुख जनरल जेम्स मिंगस को भी पिछले अक्टूबर में हटा दिया गया था। उनके उत्तराधिकारी के रूप में नामित जनरल क्रिस्टोफर ला-नेव को अब तक सीनेट की मंजूरी नहीं मिली है, जो ऐसे वरिष्ठ पदों के लिए अनिवार्य होती है।
हेगसेथ के कार्यकाल में वरिष्ठ अधिकारियों पर कार्रवाई
रिपोर्टों के अनुसार, रक्षा सचिव हेगसेथ के कार्यकाल में अफ्रीकी-अमेरिकी अधिकारियों — जिनमें ज्वाइंट चीफ्स ऑफ स्टाफ के प्रमुख जनरल सी.क्यू. ब्राउन भी शामिल हैं — और महिला अधिकारियों पर विशेष कार्रवाई की गई। इसके अलावा, हेगसेथ ने उन तीन अन्य जनरलों को भी हटा दिया जो भविष्य में सेना प्रमुख बन सकते थे। जनरल क्रिस्टोफर डोनाह्यू, जिन्होंने रूस-यूक्रेन युद्ध में यूक्रेन की मदद में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी, उन पर भी कार्रवाई हुई।
ईरान युद्ध और अमेरिकी सेना की भूमिका
राष्ट्रपति ट्रंप और रक्षा मंत्री हेगसेथ, दोनों ने कहा था कि ईरान के साथ संघर्ष कुछ ही हफ्तों में समाप्त हो जाएगा, लेकिन यह टकराव अब भी जारी है। हालांकि अमेरिकी सैनिक सीधे जमीनी युद्ध में नहीं हैं, लेकिन वे खाड़ी क्षेत्र में ईरानी मिसाइलों और ड्रोन हमलों से रक्षा में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। इन हमलों में कुछ अमेरिकी सैनिकों की मौत भी हुई है।
ड्रिस्कॉल का परिचय और संभावित उत्तराधिकारी
डैन ड्रिस्कॉल ने अमेरिकी सेना में लेफ्टिनेंट रहते हुए इराक में सेवा दी थी। उन्होंने येल लॉ स्कूल से पढ़ाई की, जहाँ उनकी मुलाकात वर्तमान उपराष्ट्रपति जेडी वेंस से हुई और दोनों सहपाठी रहे। उन्हें हेगसेथ के संभावित उत्तराधिकारी के रूप में भी देखा जाता था, विशेषकर ऐसे समय में जब हेगसेथ त्वरित जीत के अपने वादे पर खरे नहीं उतर पाए हैं।
मीडिया रिपोर्टों में अटकलें हैं कि पेंटागन के प्रवक्ता शॉन पार्नेल — जो हेगसेथ के करीबी माने जाते हैं और जिन्होंने सेना तक मीडिया की पहुँच सीमित की थी — ड्रिस्कॉल की जगह ले सकते हैं। हालांकि, इसकी आधिकारिक पुष्टि अभी बाकी है। नेतृत्व के इस शून्य का असर ईरान के साथ जारी संघर्ष में अमेरिकी सेना की रणनीतिक स्थिति पर पड़ सकता है।