क्या नोएडा में अंतर्राज्यीय मोबाइल चोरी गिरोह का भंडाफोड़ हुआ?
सारांश
Key Takeaways
- गिरोह का भंडाफोड़ 6 जनवरी को हुआ।
- 821 चोरी के मोबाइल फोन बरामद हुए हैं।
- गिरोह के 6 सदस्य गिरफ्तार किए गए हैं।
- नेपाल कनेक्शन की जांच जारी है।
- गिरोह ने सर्दियों में जैकेट की जेब से चोरियां कीं।
नोएडा, 6 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। गौतमबुद्ध नगर पुलिस कमिश्नरेट ने मोबाइल फोन चोरी के एक बड़े अंतर्राज्यीय गिरोह का खुलासा करते हुए महत्वपूर्ण सफलता प्राप्त की है। थाना फेस-2 नोएडा पुलिस ने एनसीआर क्षेत्र में सक्रिय इस गिरोह के 6 आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जबकि 2 नाबालिग आरोपियों को हिरासत में लिया गया है और उन्हें बाल सुधार गृह भेजा गया है।
आरोपियों के पास से विभिन्न कंपनियों के कुल 821 चोरी के मोबाइल फोन बरामद किए गए हैं, जिनकी अनुमानित कीमत 6 से 8 करोड़ रुपए है। पुलिस के अनुसार, यह गिरोह दिल्ली-एनसीआर के भीड़-भाड़ वाले क्षेत्रों, विशेषकर साप्ताहिक बाजारों, सब्जी मंडियों और फलों की मंडियों में सक्रिय था। आरोपी समूह बनाकर बाजारों में जाकर ग्राहकों की असावधानी का फायदा उठाते थे और मोबाइल फोन चुरा लेते थे।
इनके लिए विशेषकर सर्दियों के मौसम में जैकेट की जेब से मोबाइल निकालना सरल हो जाता था। चोरी के बाद यदि किसी एक आरोपी पर शक होता, तो वह तुरंत मोबाइल अपने साथी को दे देता था ताकि वह पकड़े न जाए। जांच में पता चला है कि आरोपी 1 से 2 महीने तक नोएडा में रहकर वारदातें करते थे और उसके बाद भाग जाते थे। वे लगातार अपना ठिकाना बदलते रहते थे ताकि पुलिस की पकड़ से दूर रह सकें। चुराए गए मोबाइल फोन बड़ी संख्या में इकट्ठा होने के बाद ट्रेन के माध्यम से झारखंड, बिहार और नेपाल तक भेजे जाते थे, जहां उन्हें सस्ते दामों पर बेचकर आर्थिक लाभ कमाया जाता था।
डीसीपी शक्ति अवस्थी ने बताया कि इस मामले में नेपाल कनेक्शन की भी जांच की जा रही है। मोबाइल फोन किन लोगों को बेचे जा रहे थे, उनकी पहचान कर जल्द ही गिरफ्तारी की जाएगी। उन्होंने इसे संगठित और सुनियोजित अपराध बताते हुए कहा कि पुलिस ऐसे गिरोहों के खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी रखेगी।
पुलिस कमिश्नर गौतमबुद्ध नगर लक्ष्मी सिंह ने गिरफ्तारी और बरामदगी करने वाली पुलिस टीम को 25 हजार रुपए के नकद पुरस्कार से सम्मानित किया है। गिरफ्तार आरोपियों में कुछ शिक्षित हैं, जबकि अधिकांश अनपढ़ हैं। पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार सभी आरोपियों के खिलाफ पहले से भी आपराधिक मामले दर्ज हैं। फिलहाल, सभी आरोपियों से पूछताछ जारी है और पुलिस को उम्मीद है कि इस गिरोह से जुड़े अन्य सदस्यों और नेटवर्क का भी जल्द खुलासा होगा।