कांग्रेस के समझौतों की कीमत आज भी भुगत रहा है देश: रोहन गुप्ता
सारांश
Key Takeaways
- कांग्रेस के 60 वर्षों का शासन और उसके प्रभाव
- मोदी सरकार की नीतियों में बदलाव
- कंप्रोमाइज की राजनीति का इतिहास
- जनता की राय और चुनावों पर प्रभाव
- भ्रष्टाचार और तुष्टीकरण की बातें
अहमदाबाद, २५ फरवरी (राष्ट्र प्रेस): भाजपा के नेता रोहन गुप्ता ने चीन और गाजा मुद्दों पर कांग्रेस को घेरने वाले भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन के बयान का उल्लेख करते हुए प्रियंका गांधी के रुख पर सवाल उठाया।
उन्होंने कहा कि नितिन नवीन ने कांग्रेस को सही तरीके से आईना दिखाया है। उनके ६० वर्ष के शासन में देश की सुरक्षा और अखंडता के साथ किस तरह समझौता किया गया है।
रोहन गुप्ता ने कहा, "कंप्रोमाइज" शब्द तो पूरी तरह से कांग्रेस के लिए उपयुक्त है। "जब हम वंदे मातरम की बात करते हैं, तब कंप्रोमाइज किया गया। तुष्टीकरण के चलते बंटवारे में समझौता किया गया। कांग्रेस ने चीन को तिब्बत गिफ्ट कर दिया। अक्साई चिन को कुर्बान कर समझौता किया। कांग्रेस का कंप्रोमाइज की राजनीति का इतिहास है।" उन्होंने कहा कि कांग्रेस को अपने गिरेबान में झांककर देखना चाहिए। कांग्रेस द्वारा किए गए समझौतों की कीमत देश आज भी चुका रहा है।
उन्होंने आगे कहा कि जबसे मोदी सरकार आई है, तबसे कंप्रोमाइज की नीति को समाप्त कर दिया गया है। उन्होंने कहा कि मोदी की सरकार में आतंकवाद के खिलाफ नकारात्मकता है और भ्रष्टाचार पर कोई समझौता नहीं है। कांग्रेस पार्टी को कंप्रोमाइज की बातें नहीं करनी चाहिए। उन्होंने एआई समिट में देश की १४० करोड़ जनता की मेहनत से समझौता किया है। आज देश कांग्रेस से पूछ रहा है कि उनके सभी कंप्रोमाइज के लिए वे जनता से माफी मांगने को क्या तैयार हैं? क्या वे ईमानदारी से इस पर चर्चा करने के लिए तैयार हैं?
उन्होंने कहा कि जनता समझती है, इसलिए चाहे कोई भी राज्य हो या स्थानीय चुनाव, कांग्रेस को कहीं भी जीतने नहीं दिया जा रहा है। अगर कांग्रेस को सत्ता मिल गई तो वे फिर से कंप्रोमाइज की राजनीति शुरू कर देंगे। उन्होंने कहा कि जो दो-तीन राज्यों में कांग्रेस बची है, वहां पर तुष्टीकरण के चलते आज भी समझौता जारी है। तेलंगाना और कर्नाटक की स्थिति देखें, हर रोज आपको कंप्रोमाइज की बातें मिलेंगी, चाहे वो भ्रष्टाचार के नाम पर हो या तुष्टीकरण के नाम पर।