दिल्ली मोबाइल स्नैचिंग: 9 घंटे में आरोपी गिरफ्तार, चोरी की स्कूटी और 3 फोन बरामद, 4 मामले सुलझे
सारांश
मुख्य बातें
पूर्वी दिल्ली के मधु विहार थाना पुलिस ने 25 जुलाई 2026 को मोबाइल स्नैचिंग की सूचना मिलने के महज कुछ घंटों के भीतर एक सक्रिय स्नैचर को दबोच लिया। आरोपी के कब्जे से एक छीना गया वीवो मोबाइल फोन, एक चोरी की होंडा एक्टिवा स्कूटी और दो अन्य मोबाइल फोन बरामद किए गए। इस एकल गिरफ्तारी से पुलिस ने चार अलग-अलग आपराधिक मामलों का एक साथ खुलासा किया।
घटनाक्रम: कैसे हुई स्नैचिंग
पुलिस के अनुसार 25 जुलाई को दोपहर करीब 12 बजे शिकायतकर्ता आयुष दास गाजीपुर की ओर जा रहे थे। आईपी एक्सटेंशन स्थित उत्सव ग्राउंड के पास डीसीपी कट पर पहुँचते ही नीली होंडा एक्टिवा पर सवार दो युवकों ने उन्हें निशाना बनाया। आरोप है कि पीछे बैठे युवक ने उनका नीले रंग का वीवो मोबाइल फोन छीनकर दोनों मौके से फरार हो गए। पीसीआर कॉल के ज़रिए सूचना मिलते ही मधु विहार थाने में मामला दर्ज कर जाँच शुरू की गई।
पुलिस की कार्रवाई और गिरफ्तारी
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने तत्काल एक विशेष टीम गठित की। जाँच के दौरान आरोपियों की गतिविधियों के बारे में गुप्त सूचना मिली, जिसके आधार पर उसी दिन रात करीब 9:20 बजे उत्सव ग्राउंड के पास जाल बिछाकर उपेंद्र उर्फ पीयूष (22 वर्ष), निवासी वेस्ट विनोद नगर, दिल्ली, को गिरफ्तार कर लिया गया। घटना की सूचना से लेकर गिरफ्तारी तक का पूरा अभियान लगभग 9 घंटे में पूरा हुआ।
बरामदगी और खुलासे
आरोपी के पास से शिकायतकर्ता का वीवो मोबाइल फोन और वारदात में इस्तेमाल की गई नीली होंडा एक्टिवा स्कूटी बरामद हुई। जाँच में पता चला कि यह स्कूटी चोरी की थी, जिसकी एफआईआर पांडव नगर थाने में दर्ज थी। स्कूटी की तलाशी में एक सैमसंग और एक अन्य वीवो मोबाइल फोन भी मिले, जो अलग-अलग चोरी के मामलों से जुड़े पाए गए। इस प्रकार पुलिस ने कुल चार आपराधिक मामलों का खुलासा किया।
आरोपी की पृष्ठभूमि
पूछताछ में उपेंद्र ने स्वीकार किया कि उसने एक साथी के साथ मिलकर स्नैचिंग की वारदात को अंजाम दिया था। पुलिस के अनुसार वह पाँचवीं कक्षा तक पढ़ा है और सब्जी बेचने का काम करता था। उसके पिता लकवे से पीड़ित हैं और माँ घरेलू सहायिका के रूप में काम करती हैं। पुलिस के मुताबिक नशे की लत पूरी करने के लिए उसने चोरी और स्नैचिंग का रास्ता अपनाया। सह-आरोपी पुलिस छापे से पहले ही फरार हो गया और उसकी गिरफ्तारी के प्रयास जारी हैं।
आगे की कार्रवाई
पुलिस ने आरोपी उपेंद्र उर्फ पीयूष को अदालत में पेश कर दिया है। फरार सह-आरोपी की तलाश में छापेमारी जारी है। यह मामला दिल्ली पुलिस की त्वरित प्रतिक्रिया क्षमता का उदाहरण है, लेकिन नशे की लत से उपजे संपत्ति अपराधों की बढ़ती प्रवृत्ति पर भी ध्यान दिलाता है।