दिल्ली: मोबाइल स्नैचिंग और मोटरसाइकिल चोरी में आरोपी उस्मान गिरफ्तार, नाबालिग भी पकड़ा
सारांश
मुख्य बातें
नई दिल्ली के पूर्वी जिले की एंटी स्नैचिंग एंड बर्गलरी सेल ने 22 मई 2026 को मोबाइल स्नैचिंग और मोटरसाइकिल चोरी के दो आपस में जुड़े मामलों का खुलासा करते हुए उस्मान (23 वर्ष), निवासी पश्चिम विनोद नगर, को गिरफ्तार किया। इस कार्रवाई में एक नाबालिग को भी हिरासत में लिया गया है। पुलिस ने छीना गया वीवो मोबाइल फोन और अपराध में इस्तेमाल की गई हीरो एक्सट्रीम मोटरसाइकिल भी बरामद की है।
मुख्य घटनाक्रम
11 अप्रैल 2026 को त्रिलोकपुरी निवासी शिकायतकर्ता सरस्वती अपने इलाके में चर्च के पास थीं, तभी दो युवक मोटरसाइकिल पर आए और उनका मोबाइल फोन छीनकर फरार हो गए। इस घटना की प्राथमिकी कड़कड़डूमा थाने में दर्ज की गई और जाँच शुरू की गई।
जाँच में सामने आया कि अपराध में इस्तेमाल हीरो एक्सट्रीम बाइक पहले से ही चोरी की थी, जिसकी रिपोर्ट जाफराबाद थाने में दर्ज थी। बाइक के मालिक की पुष्टि के बाद पुलिस ने तकनीकी निगरानी और स्थानीय खुफिया सूचना के आधार पर आरोपी की पहचान की।
जाँच की रणनीति
पुलिस ने इस अभियान को 'ऑपरेशन स्ट्रीट शील्ड' नाम दिया था। घटनास्थल और आसपास के सीसीटीवी फुटेज खंगाले गए, जिनसे अपराध में इस्तेमाल बाइक की पहचान हुई। तकनीकी निगरानी और स्थानीय सूचना के संयुक्त प्रयास से आरोपी उस्मान तक पहुँचना संभव हुआ।
गिरफ्तारी के समय उसके पास वही कपड़े मिले जो उसने घटना के दौरान पहने थे। पूछताछ में उसकी निशानदेही पर छीना गया मोबाइल फोन भी बरामद किया गया।
आरोपी की पृष्ठभूमि
पुलिस के अनुसार, आरोपी उस्मान पहले से ही तीन गंभीर आपराधिक मामलों में शामिल रह चुका है। अधिकारियों ने बताया कि वह आर्थिक रूप से कमज़ोर पृष्ठभूमि से है और कथित तौर पर जल्दी पैसे कमाने के लिए स्नैचिंग व चोरी जैसी वारदातों में संलिप्त हुआ।
गौरतलब है कि इस मामले में एक नाबालिग की भी संलिप्तता सामने आई है, जिसे अलग से हिरासत में लिया गया है। किशोर न्याय प्रक्रिया के तहत उसके खिलाफ आगे की कार्रवाई की जाएगी।
आगे की जाँच
पुलिस अब इस गिरोह के अन्य संभावित सदस्यों और उनके नेटवर्क की जाँच कर रही है। अधिकारियों का कहना है कि यह मामला केवल एक घटना तक सीमित नहीं हो सकता और व्यापक जाँच जारी है। पूर्वी दिल्ली में स्नैचिंग की बढ़ती घटनाओं के मद्देनज़र एंटी स्नैचिंग सेल की यह कार्रवाई क्षेत्र में अपराध नियंत्रण की दिशा में एक महत्त्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।