लक्ष्मी नगर मोबाइल चोरी: 20 CCTV कैमरों की जांच से आरोपी मोहम्मद इस्तिखार गिरफ्तार, फोन बरामद
सारांश
मुख्य बातें
पूर्वी दिल्ली की लक्ष्मी नगर थाना पुलिस ने 8 जून 2026 को एक मोबाइल चोरी के मामले का खुलासा करते हुए आरोपी मोहम्मद इस्तिखार (40 वर्ष) को गिरफ्तार कर लिया। आरोपी के कब्जे से चोरी का सैमसंग गैलेक्सी मोबाइल फोन भी बरामद कर लिया गया है। यह कार्रवाई 20 सीसीटीवी कैमरों की फुटेज के विश्लेषण, तकनीकी सर्विलांस और सतत निगरानी के बाद संभव हो पाई।
मुख्य घटनाक्रम
मामले की शुरुआत 4 जून 2026 को हुई, जब लक्ष्मी नगर क्षेत्र में एक घर से सैमसंग गैलेक्सी मोबाइल फोन चोरी होने की शिकायत दर्ज की गई। पीड़ित की ओर से ई-एफआईआर दर्ज कर भारतीय न्याय संहिता की धारा 305 के तहत मामला पंजीबद्ध किया गया। शिकायत मिलते ही थाना पुलिस ने जांच की प्रक्रिया तत्काल शुरू कर दी।
विशेष टीम का गठन और जांच
मामले की गंभीरता को देखते हुए लक्ष्मी नगर थाना पुलिस ने एक विशेष जांच टीम बनाई, जिसमें हेड कांस्टेबल रहीस, हेड कांस्टेबल मनोज, हेड कांस्टेबल वसीम अकरम, हेड कांस्टेबल रविकांत और कांस्टेबल देवी शामिल थे। टीम ने एसएचओ लक्ष्मी नगर के नेतृत्व और एसीपी प्रीत विहार के समग्र मार्गदर्शन में काम किया।
जांच के दौरान टीम ने घटनास्थल और आसपास के लगभग 20 सीसीटीवी कैमरों की फुटेज बारीकी से खंगाली। इसके साथ-साथ तकनीकी सर्विलांस और स्थानीय स्तर पर सूचना संग्रह का काम भी निरंतर जारी रहा, जिससे संदिग्ध की पहचान संभव हो सकी।
आरोपी की पहचान और गिरफ्तारी
सतत प्रयासों के बाद पुलिस ने आरोपी की पहचान मोहम्मद इस्तिखार (40 वर्ष) के रूप में की, जो किशन कुंज झुग्गी, लक्ष्मी नगर, दिल्ली का निवासी है। पहचान की पुष्टि होते ही पुलिस ने दबिश देकर उसे गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में आरोपी के कब्जे से चोरी का मोबाइल फोन बरामद हुआ।
पुलिस के अनुसार, पूछताछ में चोरी से जुड़ी कई अहम जानकारियाँ सामने आई हैं। प्रारंभिक जांच में यह भी पता चला है कि आरोपी पहले भी एक अन्य चोरी के मामले में शामिल रह चुका है, जिसकी जांच अलग से की जा रही है। आरोपी पेशे से पेंटर है।
डीसीपी की प्रतिक्रिया
पूर्वी जिले के डीसीपी राजीव कुमार (आईपीएस) ने बताया कि यह सफलता लगातार निगरानी, तकनीकी विश्लेषण और सीसीटीवी फुटेज के प्रभावी उपयोग के कारण मिली है। उन्होंने कहा कि भविष्य में भी ऐसे मामलों में सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।
आगे की जांच
पुलिस अब आरोपी की आपराधिक गतिविधियों, संभावित सहयोगियों और अन्य मामलों में उसकी संलिप्तता की गहन जांच कर रही है। गौरतलब है कि यह मामला दिल्ली पुलिस की उस व्यापक रणनीति का हिस्सा है जिसमें छोटे अपराधों के खुलासे के लिए भी तकनीकी संसाधनों का पूरा उपयोग किया जा रहा है।