दिल्ली पुलिस ने मोबाइल चोरी के मामले में एक संदिग्ध को गिरफ्तार किया
सारांश
Key Takeaways
- पुलिस ने त्वरित कार्रवाई की जिससे आरोपी को पकड़ा गया।
- आरोपी के पास से चोरी किया गया मोबाइल बरामद हुआ।
- 2017 से आरोपी विभिन्न अपराधों में लिप्त रहा है।
- पुलिस सक्रिय गश्त के माध्यम से अपराधों को नियंत्रित कर रही है।
नई दिल्ली, 16 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। पूर्वी दिल्ली के पटपड़गंज इंडस्ट्रियल एरिया में पुलिस ने मोबाइल चोरी के मामले में एक आरोपी को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपी के पास से चोरी किया गया मोबाइल भी बरामद किया गया है।
पुलिस ने बताया कि हाल के दिनों में पटपड़गंज इंडस्ट्रियल एरिया थाना क्षेत्र में मोबाइल चोरी की घटनाएं बढ़ रही थीं। इसे ध्यान में रखते हुए, थाना प्रभारी की देखरेख में और एसीपी मधु विहार के मार्गदर्शन में एक विशेष पुलिस टीम का गठन किया गया था। इस टीम में हेड कांस्टेबल प्रदीप और हेड कांस्टेबल शीशपाल को संवेदनशील क्षेत्रों में गश्त करने की जिम्मेदारी दी गई थी।
पुलिस ने बताया कि आरोपी मुजफ्फर अपने चाचा को छोड़ने के लिए आईएसबीटी आनंद विहार आया था। वह बस अड्डे के निकास द्वार के समीप खड़ा होकर अपने मोबाइल को देख रहा था। तभी एक युवक ने अचानक उसके हाथ से मोबाइल छीनकर भागने का प्रयास किया। मुजफ्फर ने तुरंत शोर मचाया।
मोबाइल चोरी की आवाज सुनते ही गश्त कर रहे पुलिसकर्मियों ने त्वरित कार्रवाई की और आरोपी का पीछा करना शुरू कर दिया। कुछ दूरी पर पुलिस ने आरोपी को पकड़ लिया। उसकी तलाशी लेने पर शिकायतकर्ता का चोरी किया गया मोबाइल बरामद किया गया।
गिरफ्तार आरोपी की पहचान अमन उर्फ बंदर (28) निवासी नंद नगरी, दिल्ली के रूप में हुई है। पूछताछ में पता चला कि आरोपी केवल छठी कक्षा तक पढ़ा है और मजदूरी करता है, लेकिन नशे की लत के कारण वह आपराधिक गतिविधियों में लिप्त हो गया। वह गांजा, स्मैक और शराब का आदी बताया गया है।
पुलिस जांच में यह भी सामने आया कि आरोपी 2017 से लगातार अपराधों में सक्रिय रहा है और नॉर्थ-ईस्ट जिला, शाहदरा जिला तथा क्राइम ब्रांच के विभिन्न थानों में उसके खिलाफ 39 मामले दर्ज हैं। उसके खिलाफ लूट, झपटमारी, चोरी, आर्म्स एक्ट और एक्साइज एक्ट के मामले दर्ज हैं।
इस संबंध में पटपड़गंज इंडस्ट्रियल एरिया थाना में बीएनएस की संबंधित धाराओं के अंतर्गत मामला दर्ज कर आगे की जांच जारी है। पुलिस का कहना है कि सतर्क गश्त और त्वरित कार्रवाई के कारण ही आरोपी को समय रहते गिरफ्तार किया जा सका।