क्या दिल्ली में प्रीमियम शराब मिक्सिंग रैकेट का भंडाफोड़ हुआ?, एक आरोपी गिरफ्तार
सारांश
Key Takeaways
- दिल्ली पुलिस ने महंगी शराब मिक्सिंग रैकेट का भंडाफोड़ किया।
- एक आरोपी को गिरफ्तार किया गया है।
- भारी मात्रा में नकली शराब और फर्जी लेबल बरामद किए गए हैं।
- पुलिस द्वारा की गई कार्रवाई से अवैध शराब कारोबार पर अंकुश लगेगा।
- मामले की आगे की जांच जारी है।
नई दिल्ली, 17 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। दिल्ली पुलिस के वेस्ट डिस्ट्रिक्ट स्पेशल स्टाफ ने अवैध शराब के कारोबार के खिलाफ एक महत्वपूर्ण कार्रवाई करते हुए महंगी ब्रांडेड शराब की गैरकानूनी मिक्सिंग यूनिट का खुलासा किया है। इस ऑपरेशन में पुलिस ने एक आरोपी को गिरफ्तार किया और उसके पास से भारी मात्रा में फर्जी और अवैध शराब, नकली लेबल और स्टिकर बरामद किए हैं।
वास्तव में, वेस्ट डिस्ट्रिक्ट स्पेशल स्टाफ को अवैध शराब के बड़े सप्लायरों और मिक्सिंग करने वालों के खिलाफ कार्रवाई करने का आदेश दिया गया था। इसी संदर्भ में 15 जनवरी को पुलिस को एक विश्वसनीय सूचना मिली कि शिवाजी एन्क्लेव, राजौरी गार्डन में भारत गैस एजेंसी के निकट एक रिहायशी मकान में महंगी ब्रांडेड शराब की अवैध मिक्सिंग चल रही है।
पुलिस ने पहले सूचना की गुप्त जांच की और फिर कार्रवाई की योजना बनाई। इसके बाद एक पुलिस टीम बनाई गई जिसमें एसआई संजीत राणा, एएसआई कप्तान, हेड कांस्टेबल शमशेर, विजय, और देवेंद्र शामिल थे। इस टीम का नेतृत्व इंस्पेक्टर राजेश मौर्य ने किया, जो स्पेशल स्टाफ के इंचार्ज हैं।
पुलिस टीम ने पहले क्षेत्र में निगरानी रखी और फिर एक सुनियोजित जाल बिछाकर शिवाजी एन्क्लेव स्थित एक किराए के फ्लैट पर छापा मारा। तलाशी के दौरान वहां से अवैध शराब की मिक्सिंग और रिफिलिंग का पूरा सेटअप बरामद किया गया। मौके पर 14 कार्टन में भरी 173 बोतलें (प्रत्येक 750 एमएल) महंगी ब्रांडेड शराब की मिलीं, जिनमें गोल्ड लेबल, ग्लेनफिडिच, और ग्लेनलिवेट जैसे नामी ब्रांड शामिल थे।
पुलिस ने मौके से आरोपी अजय को गिरफ्तार कर लिया और उसके खिलाफ थाना राजौरी गार्डन में दिल्ली आबकारी अधिनियम की धारा 33 के तहत मामला दर्ज किया गया।
पूछताछ में आरोपी ने बताया कि वह पहले वजीरपुर इलाके में शादी और बैंक्वेट हॉल में बार हेल्पर के तौर पर काम करता था। वहां से वह महंगी विदेशी शराब की खाली, आधी भरी और बची हुई बोतलें इकट्ठा करता था। बाद में वह इन बोतलों में सस्ती शराब या पतली की गई शराब भरता और गुरुग्राम से मंगाए गए नकली लेबल और स्टिकर लगाकर उन्हें असली ब्रांड के नाम पर बेच देता था।
आरोपी अजय की उम्र 24 वर्ष है और वह वजीरपुर इंडस्ट्रियल एरिया, अशोक विहार का निवासी है। फिलहाल उसके खिलाफ किसी पुराने आपराधिक रिकॉर्ड की जानकारी नहीं मिली है। पुलिस ने बताया कि मामले की आगे की जांच जारी है और यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि इस नेटवर्क में और कौन-कौन लोग शामिल हैं।