दिल्ली पुलिस ने IGI हवाई अड्डे से पकड़ा ₹60 लाख की धोखाधड़ी का भगोड़ा आरोपी
सारांश
मुख्य बातें
दिल्ली पुलिस ने 10 जुलाई 2026 को इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय (IGI) हवाई अड्डे के घरेलू टर्मिनल से ₹60 लाख की धोखाधड़ी के मामले में एक घोषित भगोड़े अपराधी को गिरफ्तार किया। आरोपी की पहचान मुकेश कुमार (39) के रूप में हुई है, जो उत्तर प्रदेश के ग्रेटर नोएडा के टेकजोन-4 का निवासी है।
मुख्य घटनाक्रम
यह गिरफ्तारी केंद्रीय जिला पुलिस द्वारा घोषित अपराधियों और फरार आरोपियों के विरुद्ध चलाए जा रहे विशेष अभियान के अंतर्गत की गई। आईपी एस्टेट पुलिस स्टेशन के एसएचओ की देखरेख और कमला मार्केट के एसीपी के समग्र मार्गदर्शन में सब-इंस्पेक्टर गौरव दलाल, हेड कांस्टेबल ललित, कांस्टेबल प्रकाश और कांस्टेबल रामजीलाल की एक विशेष टीम गठित की गई थी।
पुलिस के अनुसार, टीम ने तकनीकी इनपुट और गुप्त मुखबिरों के माध्यम से सूचना जुटाते हुए आरोपी के आवास पर कई बार दबिश दी, किंतु वह हर बार फरार रहा। निगरानी लगातार बनाए रखी गई।
गिरफ्तारी कैसे हुई
10 जुलाई को पुलिस को विश्वसनीय सूचना मिली कि मुकेश कुमार IGI हवाई अड्डे के घरेलू टर्मिनल पर उपस्थित है। सूचना मिलते ही टीम तत्काल मौके पर पहुँची और छापेमारी कर आरोपी को सफलतापूर्वक दबोच लिया।
कानूनी पृष्ठभूमि
जाँच में सामने आया कि आईपी एस्टेट पुलिस स्टेशन में भारतीय दंड संहिता (IPC) की धारा 420, 468, 471 और 34 के तहत दर्ज एफआईआर में मुकेश कुमार को भगोड़ा घोषित किया जा चुका था। दिल्ली के तीस हजारी कोर्ट में न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी (JMFC) प्रीति की अदालत ने उसे 25 जुलाई 2025 को भगोड़ा घोषित किया था।
पुलिस का कहना है कि आरोपी जानबूझकर न्यायिक कार्रवाई से बचता रहा। अब कानून के अनुसार आगे की विधिक प्रक्रिया जारी है।
उसी दिन एक और सफलता
इसी दिन दिल्ली पुलिस ने ₹37.5 लाख की एक कथित मनगढ़ंत डकैती का 24 घंटे के भीतर भंडाफोड़ किया। पीड़ित कंपनी के दो कर्मचारियों सहित तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया गया और लगभग पूरी राशि बरामद कर ली गई।
आगे क्या होगा
मुकेश कुमार को न्यायिक हिरासत में भेजा जाएगा और मामले की आगे की जाँच जारी है। यह गिरफ्तारी दिल्ली पुलिस के उस अभियान की कड़ी है जिसके तहत घोषित अपराधियों को न्याय के कटघरे में लाने के प्रयास तेज किए गए हैं।