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दिल्ली पुलिस ने IGI हवाई अड्डे से पकड़ा ₹60 लाख की धोखाधड़ी का भगोड़ा आरोपी

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दिल्ली पुलिस ने IGI हवाई अड्डे से पकड़ा ₹60 लाख की धोखाधड़ी का भगोड़ा आरोपी

सारांश

दिल्ली पुलिस की विशेष टीम ने IGI हवाई अड्डे पर छापेमारी कर ₹60 लाख की धोखाधड़ी के उस भगोड़े आरोपी को दबोचा, जिसे तीस हजारी कोर्ट ने 2025 में घोषित अपराधी करार दिया था। तकनीकी निगरानी और गुप्त सूचना के बल पर यह गिरफ्तारी संभव हुई।

मुख्य बातें

दिल्ली पुलिस ने 10 जुलाई 2026 को IGI हवाई अड्डे के घरेलू टर्मिनल से मुकेश कुमार (39) को गिरफ्तार किया।
आरोपी पर ₹60 लाख की धोखाधड़ी का आरोप है; IPC धारा 420, 468, 471 और 34 के तहत मामला दर्ज।
तीस हजारी कोर्ट की JMFC प्रीति की अदालत ने 25 जुलाई 2025 को उसे भगोड़ा घोषित किया था।
आरोपी ग्रेटर नोएडा, टेकजोन-4 का निवासी है और न्यायिक कार्रवाई से बचने के लिए फरार था।
उसी दिन पुलिस ने ₹37.5 लाख की मनगढ़ंत डकैती का 24 घंटे में भंडाफोड़ कर तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया।

दिल्ली पुलिस ने 10 जुलाई 2026 को इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय (IGI) हवाई अड्डे के घरेलू टर्मिनल से ₹60 लाख की धोखाधड़ी के मामले में एक घोषित भगोड़े अपराधी को गिरफ्तार किया। आरोपी की पहचान मुकेश कुमार (39) के रूप में हुई है, जो उत्तर प्रदेश के ग्रेटर नोएडा के टेकजोन-4 का निवासी है।

मुख्य घटनाक्रम

यह गिरफ्तारी केंद्रीय जिला पुलिस द्वारा घोषित अपराधियों और फरार आरोपियों के विरुद्ध चलाए जा रहे विशेष अभियान के अंतर्गत की गई। आईपी एस्टेट पुलिस स्टेशन के एसएचओ की देखरेख और कमला मार्केट के एसीपी के समग्र मार्गदर्शन में सब-इंस्पेक्टर गौरव दलाल, हेड कांस्टेबल ललित, कांस्टेबल प्रकाश और कांस्टेबल रामजीलाल की एक विशेष टीम गठित की गई थी।

पुलिस के अनुसार, टीम ने तकनीकी इनपुट और गुप्त मुखबिरों के माध्यम से सूचना जुटाते हुए आरोपी के आवास पर कई बार दबिश दी, किंतु वह हर बार फरार रहा। निगरानी लगातार बनाए रखी गई।

गिरफ्तारी कैसे हुई

10 जुलाई को पुलिस को विश्वसनीय सूचना मिली कि मुकेश कुमार IGI हवाई अड्डे के घरेलू टर्मिनल पर उपस्थित है। सूचना मिलते ही टीम तत्काल मौके पर पहुँची और छापेमारी कर आरोपी को सफलतापूर्वक दबोच लिया।

कानूनी पृष्ठभूमि

जाँच में सामने आया कि आईपी एस्टेट पुलिस स्टेशन में भारतीय दंड संहिता (IPC) की धारा 420, 468, 471 और 34 के तहत दर्ज एफआईआर में मुकेश कुमार को भगोड़ा घोषित किया जा चुका था। दिल्ली के तीस हजारी कोर्ट में न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी (JMFC) प्रीति की अदालत ने उसे 25 जुलाई 2025 को भगोड़ा घोषित किया था।

पुलिस का कहना है कि आरोपी जानबूझकर न्यायिक कार्रवाई से बचता रहा। अब कानून के अनुसार आगे की विधिक प्रक्रिया जारी है।

उसी दिन एक और सफलता

इसी दिन दिल्ली पुलिस ने ₹37.5 लाख की एक कथित मनगढ़ंत डकैती का 24 घंटे के भीतर भंडाफोड़ किया। पीड़ित कंपनी के दो कर्मचारियों सहित तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया गया और लगभग पूरी राशि बरामद कर ली गई।

आगे क्या होगा

मुकेश कुमार को न्यायिक हिरासत में भेजा जाएगा और मामले की आगे की जाँच जारी है। यह गिरफ्तारी दिल्ली पुलिस के उस अभियान की कड़ी है जिसके तहत घोषित अपराधियों को न्याय के कटघरे में लाने के प्रयास तेज किए गए हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

जो दर्शाता है कि तकनीकी निगरानी अब परंपरागत दबिश से अधिक कारगर साबित हो रही है। हालाँकि यह सवाल भी उठता है कि आरोपी को 2025 में भगोड़ा घोषित होने के बाद भी एक वर्ष से अधिक समय तक फरार रहने का मौका कैसे मिला। एक ही दिन में दो अलग-अलग वित्तीय अपराधों में सफलता दिल्ली पुलिस के विशेष अभियान की प्रभावशीलता को रेखांकित करती है, लेकिन न्यायिक प्रक्रिया में तेज़ी और फरार आरोपियों की समय पर पहचान की ज़रूरत भी उजागर करती है।
RashtraPress
11 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

दिल्ली पुलिस ने IGI हवाई अड्डे से किसे और क्यों गिरफ्तार किया?
दिल्ली पुलिस ने ₹60 लाख की धोखाधड़ी के आरोपी मुकेश कुमार (39) को IGI हवाई अड्डे के घरेलू टर्मिनल से गिरफ्तार किया। वह IPC की धारा 420, 468, 471 और 34 के तहत दर्ज मामले में तीस हजारी कोर्ट द्वारा घोषित भगोड़ा था।
मुकेश कुमार को भगोड़ा कब और किसने घोषित किया था?
दिल्ली के तीस हजारी कोर्ट में JMFC प्रीति की अदालत ने 25 जुलाई 2025 को मुकेश कुमार को भगोड़ा घोषित किया था। इसके बाद से वह न्यायिक कार्रवाई से बचने के लिए फरार था।
दिल्ली पुलिस ने आरोपी का पता कैसे लगाया?
पुलिस की विशेष टीम ने तकनीकी इनपुट और गुप्त मुखबिरों की मदद से लगातार निगरानी की। 10 जुलाई को विश्वसनीय सूचना मिली कि आरोपी IGI हवाई अड्डे पर है, जिसके बाद तत्काल छापेमारी कर उसे पकड़ा गया।
इस मामले में किस पुलिस टीम ने कार्रवाई की?
आईपी एस्टेट पुलिस स्टेशन के एसएचओ की देखरेख और कमला मार्केट के एसीपी के मार्गदर्शन में सब-इंस्पेक्टर गौरव दलाल, हेड कांस्टेबल ललित, कांस्टेबल प्रकाश और कांस्टेबल रामजीलाल की विशेष टीम ने यह कार्रवाई की।
उसी दिन दिल्ली पुलिस की और क्या उपलब्धि रही?
उसी दिन दिल्ली पुलिस ने ₹37.5 लाख की एक कथित मनगढ़ंत डकैती का 24 घंटे के भीतर भंडाफोड़ किया। पीड़ित कंपनी के दो कर्मचारियों सहित तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया गया और लगभग पूरी रकम बरामद कर ली गई।
राष्ट्र प्रेस
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