आईएनएस तरकश ने मोम्बासा यात्रा पूरी की, भारत-केन्या समुद्री सहयोग हुआ मजबूत
सारांश
मुख्य बातें
भारतीय नौसेना का गाइडेड-मिसाइल युद्धपोत आईएनएस तरकश केन्या के मोम्बासा बंदरगाह पर अपनी सफल यात्रा पूरी करने के बाद 3 अक्टूबर 2026 को रवाना हो गया। इस दौरे ने भारत और पूर्वी अफ्रीकी देश केन्या के बीच समुद्री सहयोग, प्रशिक्षण और जन-संपर्क को नई ऊर्जा दी।
पाससेक्स अभ्यास और नौसैनिक तालमेल
मोम्बासा से रवाना होते समय आईएनएस तरकश ने केन्याई नौसेना के जहाज केएनएस जसीरी के साथ 'पैसेज एक्सरसाइज' (पाससेक्स) में भाग लिया। नैरोबी स्थित भारतीय उच्चायोग ने इस जानकारी को अपनी एक्स पोस्ट में साझा किया।
इस संयुक्त अभ्यास से दोनों देशों की नौसेनाओं की अंतर-संचालन क्षमता यानी मिलकर काम करने की कुशलता में उल्लेखनीय सुधार हुआ और पश्चिमी हिंद महासागर में साझा समुद्री सुरक्षा के प्रति उनकी प्रतिबद्धता और दृढ़ हुई।
प्रशिक्षण और ज्ञान-साझेदारी
यात्रा के दौरान भारतीय और केन्याई नौसेना के अधिकारियों एवं नौसैनिकों के बीच व्यापक पेशेवर बातचीत और प्रशिक्षण सत्र आयोजित किए गए। प्रशिक्षण के विषयों में जहाज पर अधिकारियों की जिम्मेदारियाँ, सुरक्षा प्रक्रियाएँ, इलेक्ट्रिकल तथा इंजीनियरिंग रखरखाव शामिल थे।
आईएनएस तरकश के प्रमुख चिकित्सा अधिकारी ने केन्या नौसेना के मेडिकल अधिकारियों को जहाज पर उपलब्ध टेलीमेडिसिन सुविधा से परिचित कराया। मोम्बासा में भारत के सहायक उच्चायोग ने एक्स पर बताया कि केन्याई नौसेना कर्मियों को एफएमपी ड्यूटी और इंजीनियरिंग रखरखाव की बारीकियों से भी अवगत कराया गया।
उच्च-स्तरीय भेंट और डेक रिसेप्शन
आईएनएस तरकश के कमांडिंग ऑफिसर ने केन्या नेवी बेस मटोंगवे के कमांडर ब्रिगेडियर विलियम किपरोटिच से भेंट की। इससे पहले, केन्या में भारत के उच्चायुक्त आदर्श स्वैका और कैप्टन रोहित मिश्रा ने मोम्बासा में जहाज पर डेक रिसेप्शन की मेजबानी की।
इस कार्यक्रम में केन्या नौसेना के डिप्टी फ्लीट कमांडर, विभिन्न देशों के राजनयिक और भारतीय समुदाय के सदस्य सम्मिलित हुए। केन्या नौसेना ने भारतीय युद्धपोत के अधिकारियों और नौसैनिकों के सम्मान में एक विशेष डिनर का भी आयोजन किया।
जन-संपर्क और सामुदायिक पहल
आईएनएस तरकश ने मटवापा के सहजानंद स्पेशल चिल्ड्रन स्कूल के करीब 100 बच्चों और अन्य नागरिकों को जहाज पर आमंत्रित किया। युद्धपोत को आम जनता के लिए भी खोला गया, जिससे भारत और केन्या के लोगों के बीच आपसी जुड़ाव को नई मजबूती मिली।
क्षेत्रीय समुद्री सुरक्षा में भारत की भूमिका
भारतीय उच्चायोग के अनुसार, आईएनएस तरकश की इस बंदरगाह यात्रा ने पश्चिमी हिंद महासागर में भारत-केन्या समुद्री सहयोग को आगे बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। यह यात्रा ऐसे समय में हुई जब भारत अपनी 'सागर' (SAGAR — Security and Growth for All in the Region) नीति के तहत हिंद महासागरीय क्षेत्र में अपनी साझेदारियाँ सक्रिय रूप से विस्तारित कर रहा है।
गौरतलब है कि भारत और केन्या के बीच समुद्री संपर्क का एक लंबा इतिहास है, और इस तरह की नियमित बंदरगाह यात्राएँ दोनों देशों के रणनीतिक संबंधों को परिचालन स्तर पर जीवंत बनाए रखती हैं। आने वाले समय में दोनों नौसेनाओं के बीच इस तरह के संयुक्त अभ्यासों और आदान-प्रदान के और विस्तार की संभावना है।