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आईएनएस सह्याद्रि और कुलिश की सुबिक बे में 6 देशों के साथ संयुक्त समुद्री सुरक्षा अभ्यास

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आईएनएस सह्याद्रि और कुलिश की सुबिक बे में 6 देशों के साथ संयुक्त समुद्री सुरक्षा अभ्यास

सारांश

भारतीय नौसेना के आईएनएस सह्याद्रि और कुलिश ने फिलीपींस के सुबिक बे में 6 देशों के साथ ADMM-Plus समुद्री अभ्यास में हिस्सा लिया। खोज-बचाव से लेकर डेक लैंडिंग तक के मिशन पूरे हुए — यह भारत की 'एक्ट ईस्ट नीति' की इंडो-पैसिफिक में मज़बूत होती उपस्थिति का ठोस संकेत है।

मुख्य बातें

आईएनएस सह्याद्रि और आईएनएस कुलिश ने 21 सितंबर 2026 से फिलीपींस के सुबिक बे में संयुक्त समुद्री सुरक्षा अभ्यास में भाग लिया।
अभ्यास में भारत, फिलीपींस, ऑस्ट्रेलिया, न्यूज़ीलैंड, जापान और अमेरिका — छह देशों की नौसेनाएं शामिल रहीं।
यह गतिविधि 23वें ADMM-Plus समुद्री सुरक्षा विशेषज्ञ कार्य समूह के तहत हुई; मेज़बानी फिलीपींस , सह-अध्यक्षता जापान ने की।
अभ्यास में खोज-बचाव, चिकित्सा निकासी, जल सर्वेक्षण और डेक लैंडिंग सहित कई समुद्री मिशन पूरे किए गए।
भारत की यह भागीदारी 'एक्ट ईस्ट नीति' और 'महासागर' रणनीति के अनुरूप इंडो-पैसिफिक में सहयोग को मज़बूत करती है।

भारतीय नौसेना के युद्धपोत आईएनएस सह्याद्रि और आईएनएस कुलिश ने 21 सितंबर 2026 से फिलीपींस के सुबिक बे में आयोजित संयुक्त समुद्री सुरक्षा अभ्यास में सक्रिय भागीदारी की। इस बहु-देशीय अभ्यास में भारत, फिलीपींस, ऑस्ट्रेलिया, न्यूज़ीलैंड, जापान और अमेरिका — कुल छह देशों की नौसेनाएं एक साथ उतरीं। इसका उद्देश्य इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में समुद्री सुरक्षा, बहुपक्षीय समन्वय और साझा परिचालन क्षमता को और सुदृढ़ करना था।

अभ्यास की पृष्ठभूमि और आयोजन

यह गतिविधि 23वें आसियान रक्षा मंत्रियों की बैठक-प्लस (ADMM-Plus) के अंतर्गत समुद्री सुरक्षा विशेषज्ञ कार्य समूह के तत्वावधान में संपन्न हुई। फिलीपींस की नौसेना ने इसकी मेज़बानी की, जबकि जापान ने सह-अध्यक्ष की ज़िम्मेदारी निभाई। गौरतलब है कि ADMM-Plus एक महत्वपूर्ण बहुपक्षीय मंच है जो आसियान देशों और उनके संवाद भागीदारों के बीच रक्षा सहयोग को बढ़ावा देता है।

मुख्य घटनाक्रम: चार दिनों की गतिविधियाँ

अभ्यास के पहले बंदरगाह चरण में विभिन्न देशों के नौसैनिकों ने शांति और सुरक्षा, समुद्री संपर्क, वरिष्ठ नौसैनिक नेतृत्व और समुद्री पर्यावरण संरक्षण जैसे अहम विषयों पर विचार-विमर्श किया। 22 सितंबर को भारतीय नौसैनिकों ने परिचालन तालमेल और मेज-अभ्यास (Table-Top Exercise) में हिस्सा लिया।

इसी दौरान जाम्बालेस के शेफर्ड्स ऑफ द हिल सेंटर में एक सामुदायिक संपर्क कार्यक्रम भी आयोजित किया गया, जो नौसैनिक कूटनीति का एक महत्वपूर्ण पहलू रहा।

समुद्री चरण: साझा मिशन और अभ्यास

समुद्री चरण में छहों देशों के युद्धपोत एक साथ समुद्र में उतरे और विविध परिस्थितियों का अभ्यास किया। इनमें खोज और बचाव अभियान, चिकित्सा निकासी, जल सर्वेक्षण, समुद्र में संकटग्रस्त जहाज़ की सहायता और डेक लैंडिंग अभ्यास शामिल थे। नौसेना के अनुसार, इन अभ्यासों का मुख्य ज़ोर अलग-अलग देशों की नौसेनाओं के बीच वास्तविक परिस्थितियों में आपसी तालमेल और पेशेवर संवाद की क्षमता बढ़ाने पर था।

अंततः सुबिक बे में आयोजित एक समापन समारोह के साथ यह बहु-देशीय गतिविधि सफलतापूर्वक संपन्न हुई।

भारत की 'एक्ट ईस्ट नीति' और 'महासागर' की भावना

भारतीय नौसेना की इस अभ्यास में भागीदारी 'एक्ट ईस्ट नीति' और 'महासागर' (MAHASAGAR) की व्यापक रणनीतिक भावना के अनुरूप है। यह ऐसे समय में आया है जब इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में समुद्री सुरक्षा और बहुपक्षीय नौसैनिक सहयोग की माँग तेज़ी से बढ़ रही है। भारत इस क्षेत्र में एक विश्वसनीय साझेदार के रूप में अपनी उपस्थिति लगातार सुदृढ़ कर रहा है।

आगे क्या

इस अभ्यास से प्राप्त परिचालन अनुभव और आपसी समन्वय की क्षमता भविष्य के ADMM-Plus अभ्यासों और द्विपक्षीय नौसैनिक सहयोग को और प्रगाढ़ बनाने में सहायक होगी। भारत की बढ़ती नौसैनिक पहुँच इंडो-पैसिफिक में उसकी रणनीतिक भूमिका को नई ऊँचाई देती रहेगी।

संपादकीय दृष्टिकोण

जहाँ अमेरिका, जापान और ऑस्ट्रेलिया जैसे Quad साझेदारों के साथ एक ही मंच पर काम करना कूटनीतिक संदेश भी देता है। ध्यान देने योग्य बात यह है कि ADMM-Plus एक बहुपक्षीय ढाँचा है जिसमें भारत की सक्रियता हाल के वर्षों में स्पष्ट रूप से बढ़ी है। जहाँ चीन का दक्षिण चीन सागर में दबदबा बढ़ रहा है, वहाँ सुबिक बे में भारत की मौजूदगी उसकी 'फ्री और ओपन इंडो-पैसिफिक' के प्रति प्रतिबद्धता को रेखांकित करती है — बिना किसी सीधे टकराव के, पर स्पष्ट रणनीतिक इरादे के साथ।
RashtraPress
27 सितंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

आईएनएस सह्याद्रि और आईएनएस कुलिश ने किस अभ्यास में हिस्सा लिया?
इन दोनों युद्धपोतों ने फिलीपींस के सुबिक बे में 23वें ADMM-Plus समुद्री सुरक्षा विशेषज्ञ कार्य समूह के तहत आयोजित संयुक्त समुद्री सुरक्षा अभ्यास में भाग लिया। यह गतिविधि 21 सितंबर 2026 से शुरू हुई और सुबिक बे में समापन समारोह के साथ संपन्न हुई।
इस संयुक्त नौसेना अभ्यास में कौन-कौन से देश शामिल थे?
इस अभ्यास में भारत, फिलीपींस, ऑस्ट्रेलिया, न्यूज़ीलैंड, जापान और अमेरिका — कुल छह देशों की नौसेनाएं शामिल थीं। फिलीपींस ने मेज़बानी की और जापान ने सह-अध्यक्ष की भूमिका निभाई।
इस अभ्यास में कौन-से समुद्री मिशन पूरे किए गए?
अभ्यास में खोज और बचाव अभियान, चिकित्सा निकासी, जल सर्वेक्षण, समुद्र में संकटग्रस्त जहाज़ की सहायता और विमान की डेक लैंडिंग जैसे विविध मिशन पूरे किए गए। बंदरगाह चरण में शांति, सुरक्षा और समुद्री पर्यावरण संरक्षण पर विमर्श भी हुआ।
भारत की इस अभ्यास में भागीदारी का रणनीतिक महत्व क्या है?
भारतीय नौसेना की यह भागीदारी 'एक्ट ईस्ट नीति' और 'महासागर' रणनीति के तहत इंडो-पैसिफिक में बहुपक्षीय समुद्री सहयोग को बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। यह क्षेत्र में भारत की विश्वसनीय उपस्थिति और साझेदारों के साथ परिचालन तालमेल को मज़बूत करती है।
ADMM-Plus क्या है और भारत इससे कैसे जुड़ा है?
ADMM-Plus यानी आसियान रक्षा मंत्रियों की बैठक-प्लस एक बहुपक्षीय मंच है जो आसियान देशों और उनके संवाद भागीदारों — जिनमें भारत, अमेरिका, जापान, ऑस्ट्रेलिया आदि शामिल हैं — के बीच रक्षा और सुरक्षा सहयोग को बढ़ावा देता है। भारत इस मंच पर समुद्री सुरक्षा, मानवीय सहायता और आपदा राहत जैसे क्षेत्रों में सक्रिय भूमिका निभाता है।
राष्ट्र प्रेस
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