21 सितंबर 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

आईएनएस सह्याद्रि और कुलिश फिलीपींस की सुबिक खाड़ी पहुँचे, ADMM-Plus जेसीए में लेंगे भाग

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
आईएनएस सह्याद्रि और कुलिश फिलीपींस की सुबिक खाड़ी पहुँचे, ADMM-Plus जेसीए में लेंगे भाग

सारांश

भारतीय नौसेना के आईएनएस सह्याद्रि और कुलिश का फिलीपींस की सुबिक खाड़ी पहुँचना महज एक पोर्ट कॉल नहीं — यह अगस्त 2025 में स्थापित भारत-फिलीपींस रणनीतिक साझेदारी की पहली बड़ी नौसैनिक परीक्षा है, और हिंद-प्रशांत में भारत की बढ़ती सामरिक उपस्थिति का ठोस संकेत।

मुख्य बातें

आईएनएस सह्याद्रि और आईएनएस कुलिश 21 सितंबर 2026 को फिलीपींस की सुबिक खाड़ी पहुँचे।
दोनों युद्धपोत ADMM-Plus जेसीए में हिस्सा लेंगे, जिसमें 10 आसियान और 8 साझेदार देशों की नौसेनाएँ शामिल हैं।
यह तैनाती भारत की 'एक्ट ईस्ट पॉलिसी' और 'महासागर' विजन के अनुरूप है।
अगस्त 2025 में स्थापित भारत-फिलीपींस रणनीतिक साझेदारी के बाद यह पहली बड़ी नौसैनिक तैनाती है।
तैनाती का उद्देश्य समुद्री तालमेल बढ़ाना और साझा समुद्री चुनौतियों पर सामूहिक क्षमता निर्माण करना है।

भारतीय नौसेना के स्वदेशी युद्धपोत आईएनएस सह्याद्रि और आईएनएस कुलिश फिलीपींस की सुबिक खाड़ी पहुँच गए हैं। 21 सितंबर 2026 को हुई इस तैनाती के तहत दोनों जहाज आसियान रक्षा मंत्रियों की बैठक (ADMM)-प्लस, संयुक्त सहयोग गतिविधि (JCA) में भारत का प्रतिनिधित्व करेंगे। यह भारतीय नौसेना की ऑपरेशनल तैनाती का हिस्सा है, जो भारत सरकार की 'एक्ट ईस्ट पॉलिसी' और 'महासागर' विजन के अनुरूप है।

ADMM-Plus जेसीए क्या है और भारत की क्या भूमिका है

ADMM-Plus जेसीए एक बहुपक्षीय समुद्री अभ्यास मंच है जिसमें 10 आसियान देशों और 8 साझेदार देशों की नौसेनाएँ एकत्रित होती हैं। इस मंच का उद्देश्य पेशेवर एवं परिचालनिक गतिविधियों के माध्यम से सदस्य देशों के बीच आपसी तालमेल बढ़ाना, समझ को गहरा करना और समुद्री क्षेत्र में सहयोग को सुदृढ़ करना है।

भारतीय नौसेना की इस अभ्यास में भागीदारी कोई नई पहल नहीं है — यह क्षेत्रीय समुद्री साझेदारों के साथ भारत की लगातार और संस्थागत जुड़ाव की नीति का विस्तार है। गौरतलब है कि हिंद-प्रशांत क्षेत्र में चीन की बढ़ती समुद्री उपस्थिति के मद्देनजर भारत का इस मंच पर सक्रिय होना रणनीतिक दृष्टि से भी महत्त्वपूर्ण माना जा रहा है।

भारत-फिलीपींस संबंधों में बढ़ता समुद्री सहयोग

यह पोर्ट कॉल भारत और फिलीपींस के बीच तेज़ी से गहरे होते समुद्री संबंधों का प्रतीक है। अगस्त 2025 में दोनों देशों के बीच रणनीतिक साझेदारी की औपचारिक स्थापना के बाद यह पहली बड़ी नौसैनिक तैनाती है। द्विपक्षीय जुड़ाव के इस नए चरण में नौसैनिक सहयोग, समुद्री सुरक्षा और साझा हितों की रक्षा को केंद्रीय स्थान दिया गया है।

दक्षिण चीन सागर में फिलीपींस के सामने आने वाली चुनौतियों को देखते हुए भारत की यह उपस्थिति द्विपक्षीय संबंधों में एक सांकेतिक और व्यावहारिक दोनों ही मायनों में अहम मानी जा रही है।

एक्ट ईस्ट पॉलिसी और महासागर विजन से जुड़ाव

भारत सरकार की 'एक्ट ईस्ट पॉलिसी' के तहत दक्षिण-पूर्व एशियाई देशों के साथ रणनीतिक, आर्थिक और सामरिक संबंधों को प्राथमिकता दी जा रही है। इसी नीति के अंतर्गत भारतीय नौसेना की प्रशांत और हिंद-प्रशांत क्षेत्र में ऑपरेशनल उपस्थिति लगातार बढ़ाई जा रही है।

'महासागर' विजन (Maritime Action for Global, Ocean and Resilience) भी इसी रणनीतिक ढाँचे का हिस्सा है, जो बहुपक्षीय समुद्री सहयोग को भारत की विदेश नीति के केंद्र में रखता है। आईएनएस सह्याद्रि और आईएनएस कुलिश की यह तैनाती उसी प्रतिबद्धता की व्यावहारिक अभिव्यक्ति है।

तैनाती का महत्त्व और आगे की संभावनाएँ

इस तैनाती के दौरान भारतीय नौसेना के दोनों युद्धपोत भाग लेने वाली अन्य नौसेनाओं के साथ पेशेवर आदान-प्रदान और परिचालनिक अभ्यासों में शामिल होंगे। इससे साझा समुद्री चुनौतियों — जैसे समुद्री डकैती, मानवतावादी सहायता, आपदा राहत और तटीय सुरक्षा — पर सामूहिक क्षमता निर्माण को बल मिलेगा।

विशेषज्ञों के अनुसार, इस तरह के बहुपक्षीय नौसैनिक जुड़ाव भारत को हिंद-प्रशांत क्षेत्र में एक जिम्मेदार और सक्रिय सुरक्षा साझेदार के रूप में स्थापित करने की व्यापक रणनीति का हिस्सा हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

या सिर्फ राजनयिक प्रदर्शन तक सीमित रहेगा; दक्षिण चीन सागर में फिलीपींस को जिस तरह की निरंतर चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है, उसे देखते हुए भारत की भूमिका केवल प्रतीकात्मक नहीं रह सकती।
RashtraPress
21 सितंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

आईएनएस सह्याद्रि और आईएनएस कुलिश फिलीपींस क्यों गए हैं?
दोनों युद्धपोत फिलीपींस की सुबिक खाड़ी में ADMM-Plus जेसीए (संयुक्त सहयोग गतिविधि) में भाग लेने के लिए पहुँचे हैं। यह भारतीय नौसेना की ऑपरेशनल तैनाती का हिस्सा है, जो भारत की एक्ट ईस्ट पॉलिसी और महासागर विजन के अनुरूप है।
ADMM-Plus जेसीए क्या है?
ADMM-Plus जेसीए आसियान रक्षा मंत्रियों की बैठक का बहुपक्षीय समुद्री सहयोग मंच है, जिसमें 10 आसियान देशों और 8 साझेदार देशों की नौसेनाएँ शामिल होती हैं। इसका उद्देश्य आपसी तालमेल बढ़ाना, पेशेवर आदान-प्रदान करना और समुद्री क्षेत्र में सहयोग मज़बूत करना है।
भारत और फिलीपींस के बीच रणनीतिक साझेदारी कब स्थापित हुई?
भारत और फिलीपींस के बीच रणनीतिक साझेदारी अगस्त 2025 में औपचारिक रूप से स्थापित की गई थी। आईएनएस सह्याद्रि और कुलिश की यह तैनाती उस साझेदारी के बाद की पहली बड़ी नौसैनिक उपस्थिति है।
एक्ट ईस्ट पॉलिसी और इस तैनाती का क्या संबंध है?
भारत सरकार की एक्ट ईस्ट पॉलिसी के तहत दक्षिण-पूर्व एशियाई देशों के साथ रणनीतिक और समुद्री संबंधों को प्राथमिकता दी जाती है। ADMM-Plus जेसीए में भागीदारी इसी नीति की व्यावहारिक अभिव्यक्ति है, जो बहुपक्षीय समुद्री सहयोग के प्रति भारत की प्रतिबद्धता को दर्शाती है।
इस तैनाती से भारतीय नौसेना को क्या लाभ होगा?
इस तैनाती से भारतीय नौसेना को भाग लेने वाली अन्य नौसेनाओं के साथ परिचालनिक अभ्यास और पेशेवर आदान-प्रदान का अवसर मिलेगा। इससे समुद्री डकैती, आपदा राहत और तटीय सुरक्षा जैसी साझा चुनौतियों पर सामूहिक क्षमता निर्माण को बल मिलेगा।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 1 सप्ताह पहले
  2. 1 महीना पहले
  3. 1 महीना पहले
  4. 11 महीने पहले
  5. 11 महीने पहले
  6. 1 साल पहले
  7. 1 साल पहले
  8. 1 साल पहले