राजनाथ सिंह ने सेबू में दिया 'JAI' का संदेश: भारत-जापान-ऑस्ट्रेलिया के साथ हिंद-प्रशांत सुरक्षा पर बड़ी बैठक
सारांश
मुख्य बातें
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने 29 अक्टूबर 2026 को फिलीपींस के सेबू में आयोजित 13वीं आसियान रक्षा मंत्रियों की बैठक-प्लस (ADMM-Plus) के दौरान जापान और ऑस्ट्रेलिया के रक्षा नेतृत्व के साथ द्विपक्षीय वार्ता की और इस त्रिपक्षीय समीकरण को 'JAI' — यानी जापान, ऑस्ट्रेलिया और इंडिया — का नाम दिया। इन बैठकों में हिंद-प्रशांत क्षेत्र में समुद्री सुरक्षा, रक्षा तकनीक और संयुक्त उत्पादन को केंद्र में रखा गया।
'JAI' का संदेश: तीन देशों की रणनीतिक एकजुटता
राजनाथ सिंह ने जापान, ऑस्ट्रेलिया और भारत के इस त्रिपक्षीय सहयोग को 'JAI' के रूप में परिभाषित कर एक स्पष्ट कूटनीतिक संदेश दिया — कि हिंद-प्रशांत में तीनों लोकतांत्रिक देश एकजुट हैं। यह ऐसे समय में आया है जब दक्षिण चीन सागर में तनाव और क्षेत्रीय शक्ति संतुलन को लेकर वैश्विक ध्यान बढ़ा हुआ है।
गौरतलब है कि सेबू में गुरुवार को बैठक का अंतिम दिन था, और भारत ने इस अवसर का उपयोग कई देशों के साथ द्विपक्षीय रक्षा संबंधों को गहरा करने के लिए किया।
ऑस्ट्रेलिया के साथ सैन्य तालमेल और क्षेत्रीय स्थिरता पर चर्चा
राजनाथ सिंह ने ऑस्ट्रेलिया के उप प्रधानमंत्री एवं रक्षा मंत्री रिचर्ड मार्ल्स के साथ द्विपक्षीय बैठक की। दोनों नेताओं ने भारत-ऑस्ट्रेलिया रक्षा सहयोग की समीक्षा की और दोनों देशों की सेनाओं के बीच परिचालन तालमेल बढ़ाने पर सहमति जताई।
दोनों पक्षों ने हिंद-प्रशांत क्षेत्र में शांति, स्थिरता और सुरक्षा सुनिश्चित करने की अपनी साझा प्रतिबद्धता दोहराई। सेबू में यह बैठक भारत-ऑस्ट्रेलिया की बढ़ती रक्षा साझेदारी में एक नई कड़ी के रूप में देखी जा रही है।
जापान के साथ नौसैनिक जहाज निर्माण और माइन काउंटरमेजर्स पर सहयोग
राजनाथ सिंह ने जापान के रक्षा मंत्री शिंजिरो कोइजुमी से मुलाकात की और अगस्त 2026 की पिछली वार्ता के बाद द्विपक्षीय रक्षा सहयोग में हुई प्रगति पर संतोष व्यक्त किया।
बैठक में समुद्र में बिछाई गई बारूदी सुरंगों का पता लगाने और उन्हें निष्क्रिय करने की संयुक्त क्षमता विकसित करने पर विशेष चर्चा हुई। इसके अलावा, जापान की तकनीकी विशेषज्ञता और भारत की उत्पादन क्षमता का लाभ उठाकर नौसैनिक जहाजों के संयुक्त डिजाइन और निर्माण की संभावनाओं पर भी विचार-विमर्श हुआ। दोनों देशों ने भारत-जापान विशेष रणनीतिक एवं वैश्विक साझेदारी को और मजबूत करने पर सहमति व्यक्त की।
फिलीपींस के साथ समुद्री सुरक्षा और संयुक्त रक्षा उत्पादन पर चर्चा
राजनाथ सिंह ने फिलीपींस के राष्ट्रीय रक्षा सचिव गिल्बर्टो सी. टेओडोरो जूनियर से ADMM-Plus से इतर अलग बैठक की। रक्षा मंत्री ने इस बैठक को उपयोगी बताया और कहा कि दोनों पक्षों ने जारी रक्षा सहयोग की समीक्षा की तथा रणनीतिक साझेदारी को मजबूत करने के तरीकों पर चर्चा की।
समुद्री सुरक्षा और संयुक्त रक्षा उत्पादन बैठक के मुख्य एजेंडा रहे। भारत ने हिंद-प्रशांत क्षेत्र को स्वतंत्र, खुला और समावेशी बनाए रखने की अपनी प्रतिबद्धता दोहराई।
हिंद-प्रशांत रणनीति में भारत की बढ़ती भूमिका
सेबू में राजनाथ सिंह की इन बहुस्तरीय बैठकों से स्पष्ट होता है कि भारत हिंद-प्रशांत क्षेत्र में अपनी रणनीतिक उपस्थिति को व्यवस्थित रूप से विस्तार दे रहा है। ऑस्ट्रेलिया के साथ सैन्य तालमेल, जापान के साथ रक्षा तकनीक और नौसैनिक निर्माण में संयुक्त विकास, तथा फिलीपींस के साथ समुद्री सुरक्षा और रक्षा उत्पादन — ये तीनों मिलकर भारत की व्यापक इंडो-पैसिफिक रणनीति का खाका खींचते हैं।
आने वाले महीनों में इन द्विपक्षीय वार्ताओं के ठोस परिणाम — विशेष रूप से जापान के साथ नौसैनिक जहाज निर्माण के क्षेत्र में — सामने आने की उम्मीद है, जो 'JAI' की साझेदारी को कागज़ से ज़मीन पर उतारने की असली परीक्षा होगी।