तिलक वर्मा का खुलासा: 'उप-कप्तानी में मजा आ रहा है, श्रेयस से हर बात साझा करता हूं'
सारांश
मुख्य बातें
भारत के टी20 उप-कप्तान तिलक वर्मा ने कहा है कि वह अपनी नेतृत्व भूमिका का भरपूर आनंद उठा रहे हैं और ऑकलैंड के ईडन पार्क में न्यूजीलैंड के खिलाफ चौथे टी20 से पहले प्रेस कॉन्फ्रेंस में उन्होंने बताया कि वह मैदान पर कप्तान श्रेयस अय्यर तक अपने सुझाव तुरंत पहुँचाते हैं। 29 अक्टूबर 2026 को आयोजित इस प्रेस कॉन्फ्रेंस में तिलक ने फील्डिंग के एक नए कैलेंडर-वर्ष रिकॉर्ड की भी जानकारी दी।
नेतृत्व भूमिका और श्रेयस के साथ तालमेल
टी20 विश्व कप 2026 के बाद हुए नेतृत्व परिवर्तन में श्रेयस अय्यर को कप्तान और तिलक वर्मा को भारतीय टी20 टीम का उप-कप्तान नियुक्त किया गया था। तिलक ने कहा, 'मैंने अपनी राज्य टीम के लिए हर प्रारूप में कप्तानी की है। पिछले एक साल से मैं भारत ए के लिए भी कप्तानी कर रहा हूं। इसी वजह से मेरे पास वह अनुभव और जानकारी है। मैं जो भी सुझाव दे सकता हूं, वह हमेशा मैदान पर श्रेयस तक पहुंचाता हूं।'
गौरतलब है कि तिलक अपनी राज्य टीम हैदराबाद के लिए सभी प्रारूपों में कप्तानी कर चुके हैं, जो उनकी सामरिक परिपक्वता को दर्शाता है। यह अनुभव उन्हें मैदान पर एक सक्षम सहायक नेता के रूप में स्थापित करता है।
टी20 के दबाव में उप-कप्तान की भूमिका
तिलक ने टी20 क्रिकेट में बढ़ते दबाव का जिक्र करते हुए कहा, 'टी20 एक दबाव वाला खेल है। आजकल तो हमेशा ही दबाव रहता है क्योंकि मैच बहुत हाई-स्कोरिंग होते हैं। ऐसे में एक कप्तान के लिए हर चीज पर नजर रखना मुश्किल होता है।' उन्होंने आगे कहा कि वह अय्यर से बातचीत करते हैं और जहां भी हो सके, उनकी मदद करते हैं।
तिलक के अनुसार, 'वह भी मुझसे पूछते हैं, तो मैं अपनी इन छोटी-छोटी भूमिकाओं का आनंद ले रहा हूं।' यह दो-तरफा संवाद दर्शाता है कि भारतीय टी20 टीम में नेतृत्व का ढांचा साझेदारी पर आधारित है।
फील्डिंग में नया कैलेंडर-वर्ष रिकॉर्ड
न्यूजीलैंड के खिलाफ चल रही टी20 सीरीज के दौरान तिलक ने एक कैलेंडर वर्ष में एक फील्डर द्वारा सर्वाधिक कैच पकड़ने का रिकॉर्ड अपने नाम किया। 2026 में उन्होंने अब तक 26 कैच पकड़े हैं, जो पिछले साल इंडोनेशिया के डैनिलसन हावो द्वारा बनाए गए 25 कैच के रिकॉर्ड को पीछे छोड़ देता है।
तिलक ने इस रिकॉर्ड के बारे में कहा, 'मैं बचपन से ही एक अच्छा फील्डर रहा हूं। जब भी मैं फील्डिंग की प्रैक्टिस करता हूं, तो मुझे यह कभी बोझ नहीं लगता।' उन्होंने विदेशी परिस्थितियों — हवा और ठंड — का उल्लेख करते हुए बताया कि इन चुनौतियों के बावजूद उन्हें फील्डिंग में हमेशा आनंद आया है।
टीम का भरोसा और दर्शकों का प्यार
तिलक ने बताया कि टीम को उनकी कैच पकड़ने की क्षमता पर पूरा भरोसा है, इसीलिए उन्हें अहम पोजीशन पर तैनात किया जाता है। उन्होंने कहा, 'इससे मुझे रन रोकने और कैच पकड़ने के ज्यादा मौके मिलते हैं। जब आप शानदार कैच पकड़ते हैं, तो दर्शकों और फैंस को भी बहुत आनंद आता है।'
यह ऐसे समय में आया है जब भारतीय टी20 टीम न्यूजीलैंड दौरे पर अपनी फील्डिंग संस्कृति को नई ऊँचाइयों पर ले जाने की कोशिश में है। तिलक की यह दोहरी भूमिका — एक सक्रिय उप-कप्तान और एक रिकॉर्ड-तोड़ फील्डर — उन्हें टीम के लिए अमूल्य सिद्ध करती है।