तिलक वर्मा का खुलासा: नंबर 5 पर पहली गेंद बाउंड्री लायक हो तो शॉट खेलता हूं, वरना मैच आगे ले जाता हूं
सारांश
मुख्य बातें
भारत के उप-कप्तान तिलक वर्मा ने 29 अक्टूबर 2026 को ऑकलैंड में चौथे टी20 से पूर्व खुलासा किया कि बैटिंग ऑर्डर में नंबर 3 से नंबर 5 या 6 पर आने के बाद उनकी बल्लेबाज़ी की सोच में बुनियादी बदलाव आया है। बाएं हाथ के इस आक्रामक बल्लेबाज़ ने कहा कि फिनिशर की भूमिका में वह पहली गेंद से ही स्थिति का आकलन करते हैं और उसी हिसाब से अपना खेल तय करते हैं।
बदली हुई भूमिका, बदली हुई सोच
तिलक ने स्पष्ट किया, 'मेरे पास पहले से ही पावर-हिटिंग की क्षमता है, मैंने नंबर 3 पर भी रन बनाए हैं। अब, नंबर 5 या 6 पर बल्लेबाज़ी करते हुए अगर पहली गेंद ही बाउंड्री मारने लायक होती है, तो मैं उस पर शॉट खेलने के बारे में सोचता हूं। वरना, मेरा ध्यान मैच को आगे तक ले जाने पर होता है।' उन्होंने आगे जोड़ा कि शुरुआत में सिंगल और डबल लेकर पारी बनाना और फिर गैप ढूंढकर चौके या दो रन निकालना उनकी नई रणनीति का हिस्सा है। यह ऐसे समय में आया है जब भारतीय टीम सीरीज में 3-0 से आगे है और क्लीन स्वीप की दहलीज़ पर खड़ी है।
क्राइस्टचर्च में मैच पलटने वाली पारी
न्यूजीलैंड के खिलाफ दूसरे टी20 में तिलक ने 26 गेंदों पर नाबाद 51 रन बनाकर मैच का रुख पलट दिया था। क्राइस्टचर्च में 181 रनों के कठिन लक्ष्य का पीछा करते हुए भारत ने एक गेंद शेष रहते चार विकेट से जीत दर्ज की। इस पारी में तिलक ने नीतीश रेड्डी के साथ सातवें विकेट के लिए 69 रनों की नाबाद साझेदारी की, जो मैच की निर्णायक कड़ी रही।
उस साझेदारी को याद करते हुए तिलक ने कहा, 'मैंने बस नीतीश से कहा, 'अगर हम यहां से मैच निकाल लेते हैं, तो बहुत मजा आएगा। चलो बस क्रीज पर टिके रहते हैं, मैच को आगे तक ले जाते हैं और देखते हैं कि क्या होता है।'' यह मानसिक शांति और टीम भावना का प्रदर्शन था जो अनुभवी खिलाड़ियों की पहचान होती है।
दबाव में गेंदबाज़, न बल्लेबाज़
तिलक की मानसिकता एक अनूठे नज़रिए पर टिकी है — अंतिम ओवरों में वह खुद को दबाव में नहीं, बल्कि गेंदबाज़ को दबाव में मानते हैं। उन्होंने कहा, 'अंतिम ओवरों में एक बल्लेबाज़ के तौर पर गेंदबाज़ मुझ पर नहीं, बल्कि खुद कहीं ज़्यादा दबाव महसूस कर रहा होता है। मेरे दिमाग में हमेशा यही सकारात्मक सोच रहती है कि गेंदबाज़ ज़्यादा दबाव में है, इसलिए उनसे रन ज़रूर निकलेंगे।' यह मनोवैज्ञानिक दृष्टिकोण आधुनिक टी20 क्रिकेट में फिनिशर की सबसे ज़रूरी खूबी मानी जाती है।
व्यस्त शेड्यूल को बहाना नहीं बनाते
वेस्टइंडीज के खिलाफ घरेलू टी20 सीरीज के तुरंत बाद भारतीय टीम न्यूजीलैंड पहुंची, जहां अलग टाइम जोन और मौसम में ढलना आसान नहीं था। बावजूद इसके तिलक ने कहा कि इस स्तर पर बहाने नहीं चलते। उन्होंने मुख्य कोच गौतम गंभीर ('गौतम सर') का हवाला देते हुए बताया, 'गौतम सर ने टीम मीटिंग में साफ कर दिया था कि यह एक लंबा दौरा है। एक टी20 टीम के तौर पर हम जो मानक तय करेंगे, उससे वनडे और टेस्ट टीमों को भी अच्छी लय मिलेगी।'
सीरीज की स्थिति और आगे का लक्ष्य
तीसरे टी20 में वेलिंगटन में ओपनर अभिषेक शर्मा ने 113 रन और वैभव सूर्यवंशी ने 45 रन बनाते हुए पावरप्ले में 118 रन की रिकॉर्ड साझेदारी की। भारत ने 199 रनों का लक्ष्य महज़ 13.2 ओवर में हासिल कर लिया और सीरीज में 3-0 की अजेय बढ़त बना ली। अब शुक्रवार को ऑकलैंड में चौथे टी20 में भारत क्लीन स्वीप की दिशा में उतरेगा। तिलक ने कहा, 'हम इसे क्लीन स्वीप के एक बेहतरीन मौके के रूप में देख रहे हैं और भारतीय फैंस को 5-0 से सीरीज जीतने का शानदार नज़ारा देखने को मिल सके, यही हमारा लक्ष्य है।'