तिलक वर्मा की 26 गेंदों में 51*, नीतीश की 26 रनों की पारी — क्राइस्टचर्च टी20 में भारत की यादगार जीत
सारांश
मुख्य बातें
तिलक वर्मा और नीतीश कुमार रेड्डी की 69 रनों की नाबाद साझेदारी ने क्राइस्टचर्च के हेगली ओवल में न्यूज़ीलैंड के खिलाफ दूसरे टी20 अंतरराष्ट्रीय मैच में भारत को 181 रनों के लक्ष्य तक 19.5 ओवर में पहुँचाया। 25 अक्टूबर को खेले गए इस मुकाबले में तिलक ने 26 गेंदों पर नाबाद 51 रन बनाए, जबकि नीतीश ने 13 गेंदों पर नाबाद 26 रन जोड़े। यह जीत इसलिए और खास रही क्योंकि 10.5 ओवर के बाद भारत का स्कोर 70/5 था और मैच पूरी तरह न्यूज़ीलैंड की पकड़ में लग रहा था।
मुख्य घटनाक्रम
संकट के दौर में नमन धीर ने 17 गेंदों पर 31 रन की तूफानी पारी खेलकर भारत की उम्मीदें जिंदा रखीं। उनके आउट होने के बाद तिलक और नीतीश ने पारी को अंजाम तक पहुँचाया। दूसरा टी20 उसी पिच पर खेला गया जिस पर पहला मैच हुआ था — पिच टूटी हुई थी, गेंद ग्रिप हो रही थी और बाउंड्री काफी बड़ी थीं, जिससे बल्लेबाजों के लिए छक्के लगाना आसान नहीं था।
तिलक वर्मा ने क्या कहा
जीत के बाद तिलक ने कहा, 'मुश्किल हालात और बड़े मैदान की वजह से आज विकेट काफी चुनौतीपूर्ण था। गेंद धीमी आ रही थी और बाउंसर तेज। पहले मैच में छक्के लगाना आसान था, लेकिन इस मुकाबले में समझदारी से खेलना ज़रूरी था।' उन्होंने यह भी बताया कि उन्होंने हेड कोच गौतम गंभीर और बैटिंग कोच सितांशु कोटक से वादा किया है कि वे आगे से खेल को गहराई तक ले जाएंगे। तिलक ने कहा कि जब नमन धीर बड़े शॉट खेल रहे थे, तब उन्होंने खुद को शांत रखा और पारी को संभाला — 'उसके बाद जो हुआ वह भगवान की योजना थी।'
नीतीश कुमार रेड्डी की प्रतिक्रिया
नीतीश ने बीसीसीआई द्वारा शेयर किए गए एक वीडियो में बातचीत की शुरुआत तिलक को 'प्लेयर ऑफ द मैच' बुलाते हुए की, जिस पर तिलक ने नीतीश को 'गेम चेंजर ऑफ द मैच' कहा। नीतीश ने तिलक की तारीफ करते हुए कहा, 'जब नमन धीर बहुत अच्छी बल्लेबाजी कर रहे थे, तब तिलक ने बिल्कुल जोखिम नहीं लिया — बस सिंगल देते रहे और नमन को स्ट्राइक पर रखा।'
हैदराबाद हार से क्राइस्टचर्च जीत तक
गौरतलब है कि हैदराबाद के ये दोनों क्रिकेटर हाल ही में वेस्टइंडीज के खिलाफ हैदराबाद में खेले गए टी20 में 248 रनों के लक्ष्य का पीछा करते हुए टीम को जीत नहीं दिला सके थे। उसी हार के संदर्भ में तिलक ने दर्शन दिया — 'ईश्वर के पास हमारे लिए हमेशा सही समय होता है। हमें बस अपनी प्रक्रिया का पालन करते रहना है।' यह पहली बार नहीं है जब दोनों तेलुगु खिलाड़ियों ने एक साथ भारत के लिए मैच पलटा हो — उनकी जोड़ी भारतीय मध्यक्रम में नई उम्मीद की किरण बन रही है।
आगे क्या
तीन मैचों की इस टी20 सीरीज़ में भारत की स्थिति अब मज़बूत है। तीसरा और निर्णायक टी20 मैच भी न्यूज़ीलैंड में ही खेला जाएगा। तिलक और नीतीश के इस प्रदर्शन ने चयनकर्ताओं को भी उनकी मध्यक्रम में नियमित भूमिका को लेकर एक मज़बूत संकेत दे दिया है।