23 जुलाई 2026
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जयशंकर की मनीला में पापुआ न्यू गिनी और ब्रुनेई के विदेश मंत्रियों से द्विपक्षीय वार्ता, FIPIC और एक्ट ईस्ट पर बनी सहमति

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जयशंकर की मनीला में पापुआ न्यू गिनी और ब्रुनेई के विदेश मंत्रियों से द्विपक्षीय वार्ता, FIPIC और एक्ट ईस्ट पर बनी सहमति

सारांश

मनीला में ARF की आड़ में जयशंकर ने एक साथ दो मोर्चे साधे — पापुआ न्यू गिनी के साथ FIPIC के जरिए प्रशांत द्वीपों में पैठ मज़बूत की, और ब्रुनेई के साथ AI-ड्रोन-डिजिटल तकनीक को नई साझेदारी की धुरी बनाया। इंडो-पैसिफिक में भारत की कूटनीतिक बढ़त का यह ताज़ा अध्याय है।

मुख्य बातें

विदेश मंत्री जयशंकर ने मनीला में ARF के दौरान पापुआ न्यू गिनी और ब्रुनेई के विदेश मंत्रियों से अलग-अलग द्विपक्षीय बैठकें कीं।
पापुआ न्यू गिनी के विदेश मंत्री जस्टिन डब्ल्यू.
तकाचेंको के साथ FIPIC के जरिए विकास, क्षमता निर्माण और समुद्री सुरक्षा सहयोग पर सहमति।
ब्रुनेई के विदेश मंत्री प्रिंस अब्दुल मतीन के साथ AI , ड्रोन और डिजिटल तकनीक में नए सहयोग और एक्ट ईस्ट पॉलिसी को आगे बढ़ाने पर सहमति।
33वीं ARF मंत्रिस्तरीय बैठक में जयशंकर ने व्यापारिक जहाजों पर हमलों को 'पूरी तरह अस्वीकार्य' बताया और समुद्री मार्गों की स्वतंत्रता पर बल दिया।
भारत, मलेशिया के साथ ADMM+ के आतंकवाद-रोधी विशेषज्ञ कार्य समूह की सह-अध्यक्षता कर रहा है।
जयशंकर ने CDRI के समर्थन की पुष्टि की और श्रीलंका, फिलीपींस, म्यांमार सहित कई देशों में भारत की आपदा राहत भूमिका गिनाई।

विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर ने 24 जुलाई 2025 को मनीला, फिलीपींस में आयोजित आसियान रीजनल फोरम (ARF) की मंत्रिस्तरीय बैठक के दौरान पापुआ न्यू गिनी और ब्रुनेई के विदेश मंत्रियों के साथ अलग-अलग द्विपक्षीय बैठकें कीं। इन वार्ताओं में समुद्री सुरक्षा, नई तकनीक में सहयोग और भारत की एक्ट ईस्ट पॉलिसी को आगे बढ़ाने पर केंद्रित चर्चा हुई।

पापुआ न्यू गिनी के साथ बैठक: FIPIC और समुद्री सुरक्षा

जयशंकर ने पापुआ न्यू गिनी के विदेश मंत्री जस्टिन डब्ल्यू. तकाचेंको से मुलाकात की। इस दौरान भारत ने प्रशांत द्वीपीय देश की विकास प्राथमिकताओं और क्षमता निर्माण में साझेदारी की अपनी तत्परता दोहराई। दोनों पक्षों ने फोरम फॉर इंडिया-पैसिफिक आइलैंड्स कोऑपरेशन (FIPIC) के माध्यम से सहयोग को और गहरा करने पर सहमति जताई।

जयशंकर ने एक्स पर लिखा, 'फोरम फॉर इंडिया-पैसिफिक आइलैंड्स कोऑपरेशन के जरिए द्विपक्षीय सहयोग के बारे में बात की। भारत पैसिफिक आइलैंड देशों के विकास और कैपेसिटी बिल्डिंग प्राथमिकता के लिए उनके साथ साझेदारी करने के लिए तैयार है, साथ ही उनकी समुद्री सुरक्षा को भी समर्थन करेगा।'

ब्रुनेई के साथ वार्ता: AI, ड्रोन और डिजिटल तकनीक

जयशंकर ने ब्रुनेई के विदेश मंत्री प्रिंस अब्दुल मतीन से भी गर्मजोशी भरी मुलाकात की। दोनों नेताओं ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), ड्रोन और डिजिटल क्षेत्र में तेज़ी से बदलती तकनीक को नए सहयोग के अवसर के रूप में रेखांकित किया। भारत की एक्ट ईस्ट पॉलिसी के तहत द्विपक्षीय एजेंडे को आगे बढ़ाने और आसियान के माध्यम से बहुपक्षीय जुड़ाव को मज़बूत करने पर दोनों पक्ष सहमत हुए।

ARF मंत्रिस्तरीय बैठक: समुद्री सुरक्षा और आतंकवाद पर भारत का रुख

33वीं आसियान रीजनल फोरम मंत्रिस्तरीय बैठक को संबोधित करते हुए जयशंकर ने कहा कि व्यापारिक जहाजों और नागरिक बुनियादी ढाँचे पर हमले पूरी तरह अस्वीकार्य हैं। उन्होंने ज़ोर देकर कहा कि अंतरराष्ट्रीय समुद्री मार्गों से व्यापार सुरक्षित, निर्बाध और स्वतंत्र रूप से जारी रहना चाहिए। जयशंकर ने मनीला प्लान ऑफ एक्शन का स्वागत किया, जिसके पाँचों प्रमुख स्तंभ भारत के इंडो-पैसिफिक दृष्टिकोण के अनुरूप हैं।

आतंकवाद पर जीरो टॉलरेंस की नीति दोहराते हुए जयशंकर ने आतंकी गतिविधियों के वित्तपोषण पर रोक लगाने की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने बताया कि भारत, मलेशिया के साथ मिलकर आसियान रक्षा मंत्रियों की बैठक प्लस (ADMM+) के आतंकवाद-रोधी विशेषज्ञ कार्य समूह की सह-अध्यक्षता कर रहा है।

आपदा राहत में भारत की भूमिका

जयशंकर ने कोएलिशन फॉर डिजास्टर रेजिलिएंट इंफ्रास्ट्रक्चर (CDRI) के प्रति भारत के समर्थन को रेखांकित किया। उन्होंने कहा कि भारत आपदा राहत में सहयोगात्मक दृष्टिकोण, साझा मानक संचालन प्रक्रियाएँ (SOP) और वास्तविक समय अभ्यास का समर्थन करता है। उन्होंने बताया कि हाल के वर्षों में भारत ने श्रीलंका, फिलीपींस, जमैका में चक्रवात तथा म्यांमार, वेनेजुएला और अफगानिस्तान में भूकंप के बाद राहत एवं पुनर्वास कार्यों में सक्रिय सहयोग दिया है।

आगे की दिशा

मनीला में इन बैठकों के ज़रिए भारत ने इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में अपनी कूटनीतिक सक्रियता का स्पष्ट संकेत दिया है। यह ऐसे समय में आया है जब दक्षिण चीन सागर में तनाव और क्षेत्रीय सुरक्षा चुनौतियाँ बढ़ रही हैं। आने वाले महीनों में FIPIC और ADMM+ के तहत ठोस सहयोग की रूपरेखा तय होने की उम्मीद है।

संपादकीय दृष्टिकोण

या केवल संयुक्त बयानों तक सीमित रह जाएँगी।
RashtraPress
23 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

जयशंकर ने मनीला में किन देशों के विदेश मंत्रियों से मुलाकात की?
विदेश मंत्री जयशंकर ने मनीला में ARF के दौरान पापुआ न्यू गिनी के विदेश मंत्री जस्टिन डब्ल्यू. तकाचेंको और ब्रुनेई के विदेश मंत्री प्रिंस अब्दुल मतीन से अलग-अलग द्विपक्षीय बैठकें कीं। दोनों बैठकों में क्षेत्रीय सहयोग और भारत की एक्ट ईस्ट पॉलिसी को मज़बूत करने पर चर्चा हुई।
FIPIC क्या है और भारत-पापुआ न्यू गिनी संबंधों में इसकी क्या भूमिका है?
फोरम फॉर इंडिया-पैसिफिक आइलैंड्स कोऑपरेशन (FIPIC) भारत और प्रशांत द्वीपीय देशों के बीच विकास, क्षमता निर्माण और सहयोग का मंच है। मनीला बैठक में जयशंकर और तकाचेंको ने FIPIC के ज़रिए समुद्री सुरक्षा और विकास प्राथमिकताओं में साझेदारी को और गहरा करने पर सहमति जताई।
भारत और ब्रुनेई के बीच किन नए क्षेत्रों में सहयोग पर सहमति बनी?
भारत और ब्रुनेई ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), ड्रोन और डिजिटल तकनीक में सहयोग के नए रास्ते खोलने पर सहमति जताई। साथ ही आसियान के माध्यम से बहुपक्षीय जुड़ाव और एक्ट ईस्ट पॉलिसी के तहत द्विपक्षीय एजेंडे को आगे बढ़ाने पर भी दोनों पक्ष राज़ी हुए।
ARF मंत्रिस्तरीय बैठक में जयशंकर ने समुद्री सुरक्षा पर क्या कहा?
जयशंकर ने 33वीं ARF मंत्रिस्तरीय बैठक में कहा कि व्यापारिक जहाजों और नागरिक बुनियादी ढाँचे पर हमले पूरी तरह अस्वीकार्य हैं। उन्होंने ज़ोर दिया कि अंतरराष्ट्रीय समुद्री मार्गों से व्यापार सुरक्षित, निर्बाध और स्वतंत्र रूप से जारी रहना चाहिए।
आतंकवाद के मुद्दे पर भारत की आसियान में क्या भूमिका है?
भारत, मलेशिया के साथ मिलकर ADMM+ के आतंकवाद-रोधी विशेषज्ञ कार्य समूह की सह-अध्यक्षता कर रहा है। जयशंकर ने जीरो टॉलरेंस की नीति दोहराते हुए आतंकी वित्तपोषण पर रोक और सर्वोत्तम कार्यप्रणालियों के संकलन पर बल दिया।
राष्ट्र प्रेस
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