22 जुलाई 2026
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जयशंकर की मनीला में बहुपक्षीय कूटनीति: न्यूजीलैंड, रूस, कनाडा समेत 5 देशों के विदेश मंत्रियों से मुलाकात

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जयशंकर की मनीला में बहुपक्षीय कूटनीति: न्यूजीलैंड, रूस, कनाडा समेत 5 देशों के विदेश मंत्रियों से मुलाकात

सारांश

मनीला में आसियान बैठकों के दौरान विदेश मंत्री जयशंकर ने एक ही दिन में पाँच देशों के शीर्ष राजनयिकों से मुलाकात की — न्यूजीलैंड से हिंद-प्रशांत सुरक्षा, रूस से नाविकों की सुरक्षा और यूक्रेन संघर्ष, कनाडा से द्विपक्षीय संबंधों की बहाली। यह भारत की बहुध्रुवीय कूटनीति का स्पष्ट प्रदर्शन है।

मुख्य बातें

जयशंकर ने 22 जुलाई 2026 को मनीला में एक दिन में 5 देशों के विदेश मंत्रियों से द्विपक्षीय वार्ता की।
न्यूजीलैंड के विदेश मंत्री विंस्टन पीटर्स के साथ हिंद-प्रशांत सुरक्षा और समुद्री सहयोग पर चर्चा हुई।
रूस के विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव से मुलाकात में जयशंकर ने भारतीय नाविकों की सुरक्षा पर भारत की गंभीर चिंता दोहराई और यूक्रेन संघर्ष पर भी चर्चा हुई।
कनाडा की विदेश मंत्री अनीता आनंद से बातचीत में दोनों देशों के प्रधानमंत्रियों द्वारा तय संबंध-लक्ष्यों को आगे बढ़ाने पर सहमति बनी।
जयशंकर आसियान-भारत , ईस्ट एशिया समिट (EAS) और आसियान रीजनल फोरम (ARF) बैठकों में भाग लेने दो दिवसीय फिलीपींस दौरे पर हैं।

विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने 22 जुलाई 2026 को मनीला में आसियान बैठकों के दौरान एक ही दिन में पाँच देशों के विदेश मंत्रियों से द्विपक्षीय वार्ता की। इनमें न्यूजीलैंड, थाईलैंड, कनाडा, सिंगापुर और रूस के शीर्ष राजनयिक शामिल रहे। इस गहन कूटनीतिक दिन का केंद्र हिंद-प्रशांत सुरक्षा, समुद्री सहयोग और यूक्रेन संघर्ष जैसे वैश्विक मुद्दे रहे।

न्यूजीलैंड: हिंद-प्रशांत सुरक्षा पर साझा दृष्टिकोण

जयशंकर ने न्यूजीलैंड के विदेश मंत्री विंस्टन पीटर्स के साथ हिंद-प्रशांत क्षेत्र की सुरक्षा स्थिति पर विचार साझा किए और समुद्री सहयोग के नए रास्ते तलाशे। जयशंकर ने एक्स पर लिखा, "हमने हिंद-प्रशांत क्षेत्र की सुरक्षा स्थिति पर अपने विचार साझा किए और समुद्री सहयोग बढ़ाने के तरीकों पर चर्चा की।" यह बैठक ऐसे समय में हुई जब हिंद-प्रशांत में शक्ति-संतुलन को लेकर क्षेत्रीय देशों की चिंताएँ बढ़ रही हैं।

थाईलैंड और म्यांमार: द्विपक्षीय एवं क्षेत्रीय स्थिरता पर जोर

इससे पहले जयशंकर ने थाईलैंड के उपप्रधानमंत्री एवं विदेश मंत्री सिहासक फुआंगकेटकेओ से भी मुलाकात की। दोनों देशों के बीच सहयोग गहरा करने के साथ-साथ म्यांमार की बिगड़ती स्थिति पर भी विचारों का आदान-प्रदान हुआ। गौरतलब है कि म्यांमार में जारी संघर्ष थाईलैंड और भारत दोनों के लिए एक साझा सीमावर्ती चिंता का विषय बना हुआ है।

कनाडा: प्रधानमंत्रियों द्वारा तय लक्ष्यों पर आगे बढ़ने की पुष्टि

कनाडा की विदेश मंत्री अनीता आनंद के साथ बैठक में जयशंकर ने भारत-कनाडा संबंधों की प्रगति की समीक्षा की। उन्होंने कहा कि दोनों देशों के प्रधानमंत्रियों द्वारा तय किए गए संबंधों के लक्ष्यों को पूरा करने पर चर्चा केंद्रित रही। यह बैठक उल्लेखनीय है क्योंकि भारत-कनाडा संबंध हाल के वर्षों में कूटनीतिक तनाव से गुजरे हैं और यह वार्ता सामान्यीकरण की दिशा में एक सकारात्मक संकेत मानी जा रही है।

रूस के लावरोव से मुलाकात: नाविकों की सुरक्षा पर भारत की चिंता

रूस के विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव के साथ बैठक में जयशंकर ने क्षेत्र में भारतीय नाविकों की सुरक्षा को लेकर भारत की गंभीर चिंता दोहराई। दोनों नेताओं ने व्यापार, निवेश, ऊर्जा, संपर्क, विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी सहित द्विपक्षीय साझेदारी के कई पहलुओं की विस्तृत समीक्षा की। साथ ही यूक्रेन संघर्ष और खाड़ी क्षेत्र की स्थिति पर भी चर्चा हुई — जो भारत की 'सभी पक्षों से संवाद' की नीति को रेखांकित करता है।

आसियान के मंच पर भारत की सक्रिय उपस्थिति

जयशंकर दो दिवसीय फिलीपींस दौरे पर हैं और आसियान-भारत, ईस्ट एशिया समिट (EAS) तथा आसियान रीजनल फोरम (ARF) की बैठकों में भाग ले रहे हैं। उन्होंने सिंगापुर के विदेश मंत्री विवियन बालाकृष्णन से भी लंच बैठक में क्षेत्रीय एवं वैश्विक घटनाक्रम पर विचार-विमर्श किया। यह बहुपक्षीय कूटनीतिक सक्रियता भारत की इंडो-पैसिफिक रणनीति और 'एक्ट ईस्ट' नीति का व्यावहारिक विस्तार है, जो संकेत देती है कि नई दिल्ली इस क्षेत्र में अपनी भूमिका को और व्यापक बनाने की दिशा में आगे बढ़ रही है।

संपादकीय दृष्टिकोण

रणनीतिक संदेश है। भारत यह दिखाना चाहता है कि वह किसी एक खेमे का हिस्सा नहीं है। लेकिन असली परीक्षा यह है कि इन बैठकों से ठोस परिणाम क्या निकलते हैं — खासकर कनाडा के साथ, जहाँ कूटनीतिक तनाव की पृष्ठभूमि में 'सहयोग आगे बढ़ रहा है' जैसे वाक्य काफी नहीं हैं। रूस के साथ नाविकों की सुरक्षा का मुद्दा उठाना सराहनीय है, पर यूक्रेन संघर्ष पर भारत की 'तटस्थता' पश्चिमी भागीदारों के साथ संबंधों में एक अनसुलझा विरोधाभास बनी हुई है।
RashtraPress
22 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

जयशंकर ने मनीला में किन-किन नेताओं से मुलाकात की?
विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने 22 जुलाई 2026 को मनीला में न्यूजीलैंड के विंस्टन पीटर्स, थाईलैंड के सिहासक फुआंगकेटकेओ, कनाडा की अनीता आनंद, सिंगापुर के विवियन बालाकृष्णन और रूस के सर्गेई लावरोव से द्विपक्षीय बैठकें कीं। ये सभी बैठकें आसियान बैठकों के दौरान मनीला में हुईं।
जयशंकर और विंस्टन पीटर्स की बैठक में क्या हुआ?
भारत के विदेश मंत्री एस. जयशंकर और न्यूजीलैंड के विदेश मंत्री विंस्टन पीटर्स ने हिंद-प्रशांत क्षेत्र की सुरक्षा स्थिति पर विचार साझा किए और समुद्री सहयोग बढ़ाने के तरीकों पर चर्चा की। जयशंकर ने इस बैठक को 'उपयोगी बातचीत' बताया।
जयशंकर और लावरोव की बैठक में भारतीय नाविकों का मुद्दा क्यों उठा?
जयशंकर ने रूस के विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव के साथ बैठक में क्षेत्र में भारतीय नाविकों की सुरक्षा को लेकर भारत की गंभीर चिंता दोहराई। इसके अलावा दोनों नेताओं ने व्यापार, ऊर्जा, संपर्क, यूक्रेन संघर्ष और खाड़ी क्षेत्र की स्थिति पर भी विस्तृत चर्चा की।
जयशंकर मनीला किस उद्देश्य से गए हैं?
विदेश मंत्री एस. जयशंकर दो दिवसीय फिलीपींस दौरे पर हैं, जहाँ वे आसियान-भारत, ईस्ट एशिया समिट (EAS) और आसियान रीजनल फोरम (ARF) की विदेश मंत्री स्तरीय बैठकों में भाग ले रहे हैं। इन बैठकों के दौरान उन्होंने कई देशों के साथ द्विपक्षीय वार्ता भी की।
कनाडा की विदेश मंत्री से जयशंकर की बैठक में क्या चर्चा हुई?
जयशंकर और कनाडा की विदेश मंत्री अनीता आनंद की बैठक दोनों देशों के प्रधानमंत्रियों द्वारा तय संबंध-लक्ष्यों को आगे बढ़ाने पर केंद्रित रही। जयशंकर ने कहा कि भारत और कनाडा के बीच सहयोग लगातार मजबूत हो रहा है।
राष्ट्र प्रेस
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