22 जुलाई 2026
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जयशंकर की मनीला में कनाडाई विदेश मंत्री अनीता आनंद से मुलाकात, भारत-कनाडा सहयोग पर बनी सहमति

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जयशंकर की मनीला में कनाडाई विदेश मंत्री अनीता आनंद से मुलाकात, भारत-कनाडा सहयोग पर बनी सहमति

सारांश

मनीला में आसियान बैठकों के इतर विदेश मंत्री जयशंकर ने एक ही दिन में कनाडा, रूस, अमेरिका और सिंगापुर के विदेश मंत्रियों से मुलाकात की — भारत-कनाडा संबंधों की बहाली से लेकर यूक्रेन क्षेत्र में भारतीय नाविकों की सुरक्षा तक, यह दौरा भारत की बहुध्रुवीय कूटनीति का स्पष्ट संकेत है।

मुख्य बातें

जयशंकर ने 22 जुलाई 2026 को मनीला में कनाडाई विदेश मंत्री अनीता आनंद से मुलाकात की।
दोनों ने PM मोदी और कनाडाई PM मार्क कार्नी द्वारा निर्धारित लक्ष्यों को साकार करने पर चर्चा की।
जयशंकर ने रूसी विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव से मिलकर यूक्रेन क्षेत्र में भारतीय नाविकों की सुरक्षा पर चिंता जताई।
अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रूबियो के साथ व्यापार, रक्षा, ऊर्जा, महत्वपूर्ण खनिज और AI पर रणनीतिक समीक्षा हुई।
सिंगापुर के विदेश मंत्री विवियन बालाकृष्णन के साथ क्षेत्रीय और वैश्विक घटनाक्रमों पर विचार साझा किए गए।

विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने 22 जुलाई 2026 को मनीला में कनाडा की विदेश मंत्री अनीता आनंद से द्विपक्षीय वार्ता की, जिसमें भारत-कनाडा संबंधों को नई गति देने और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी तथा कनाडाई प्रधानमंत्री मार्क कार्नी द्वारा निर्धारित लक्ष्यों को साकार करने पर ध्यान केंद्रित किया गया। यह बैठक आसियान ढाँचे के अंतर्गत आयोजित बहुपक्षीय कूटनीतिक गतिविधियों के बीच हुई, जिसके लिए जयशंकर दो दिवसीय फिलीपींस दौरे पर हैं।

भारत-कनाडा वार्ता: मुख्य घटनाक्रम

बैठक के बाद जयशंकर ने एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर लिखा, 'कनाडा की विदेश मंत्री अनीता आनंद के साथ हुई बातचीत बहुत अच्छी रही। भारत-कनाडा के बीच सहयोग लगातार मजबूत हो रहा है। हमारी चर्चा प्रधानमंत्री मोदी और पीएम कार्नी द्वारा तय किए गए लक्ष्यों को हासिल करने पर केंद्रित रही।' यह ऐसे समय में आया है जब दोनों देशों के संबंध हाल के वर्षों में कूटनीतिक उतार-चढ़ाव के बाद पुनः सामान्य होने की राह पर हैं।

लावरोव से मुलाकात: नाविकों की सुरक्षा पर भारत की चिंता

जयशंकर ने मनीला में रूस के विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव से भी मुलाकात की और यूक्रेन संघर्ष क्षेत्र में भारतीय नाविकों की सुरक्षा को लेकर भारत की गंभीर चिंता दोहराई। दोनों नेताओं ने व्यापार एवं निवेश, ऊर्जा एवं कनेक्टिविटी, विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी तथा आवागमन सहित द्विपक्षीय साझेदारी के विभिन्न आयामों पर विचार-विमर्श किया। खाड़ी क्षेत्र की मौजूदा स्थिति पर भी दोनों पक्षों के बीच विचारों का आदान-प्रदान हुआ।

अमेरिकी विदेश मंत्री रूबियो से रणनीतिक समीक्षा

विदेश मंत्री जयशंकर ने अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रूबियो के साथ भी बैठक की, जिसमें भारत-अमेरिका व्यापक वैश्विक रणनीतिक साझेदारी के तहत प्रमुख प्राथमिकता वाले क्षेत्रों की समीक्षा की गई। इस वार्ता में व्यापार एवं शुल्क (टैरिफ), ऊर्जा, रक्षा एवं सुरक्षा, महत्वपूर्ण खनिज और कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) जैसे विषय केंद्र में रहे। गौरतलब है कि भारत-अमेरिका व्यापार वार्ता इस समय एक निर्णायक दौर से गुज़र रही है।

सिंगापुर के विदेश मंत्री से क्षेत्रीय मुद्दों पर चर्चा

इससे पहले जयशंकर ने सिंगापुर के विदेश मंत्री विवियन बालाकृष्णन से भी मुलाकात की। उन्होंने एक्स पर लिखा, 'आज दोपहर मनीला में सिंगापुर के विदेश मंत्री विवियन बालाकृष्णन के साथ अच्छी बातचीत हुई। क्षेत्रीय और वैश्विक घटनाक्रमों पर उनके विचारों और आकलन को हमेशा महत्व देता हूँ।' यह बैठक भारत-आसियान जुड़ाव के व्यापक संदर्भ में महत्वपूर्ण मानी जा रही है।

आसियान दौरे का महत्व

जयशंकर का यह फिलीपींस दौरा भारत की 'एक्ट ईस्ट' नीति के तहत दक्षिण-पूर्व एशियाई देशों के साथ सक्रिय कूटनीतिक जुड़ाव की कड़ी है। एक ही दौरे में कनाडा, रूस, अमेरिका और सिंगापुर जैसे विविध देशों के विदेश मंत्रियों से मुलाकात यह दर्शाती है कि भारत बहुध्रुवीय कूटनीति में अपनी भूमिका को सक्रिय रूप से विस्तार दे रहा है।

संपादकीय दृष्टिकोण

रूस, अमेरिका और सिंगापुर — यह भारत की 'रणनीतिक स्वायत्तता' की नीति का व्यावहारिक प्रदर्शन है, जो पश्चिम और रूस दोनों के साथ एक साथ संवाद बनाए रखती है। भारत-कनाडा संबंधों की 'मजबूती' की बात उल्लेखनीय है, क्योंकि दोनों देशों के बीच हाल के वर्षों में कूटनीतिक तनाव रहा है — इस सुधार की गति और ठोस परिणाम अभी देखे जाने बाकी हैं। यूक्रेन क्षेत्र में भारतीय नाविकों की सुरक्षा का मुद्दा लावरोव के साथ उठाना दर्शाता है कि भारत अपने नागरिकों के हितों को भू-राजनीतिक जटिलताओं के बावजूद प्राथमिकता देता है। बहुपक्षीय मंचों का उपयोग द्विपक्षीय एजेंडा आगे बढ़ाने के लिए करना जयशंकर की कूटनीतिक शैली की पहचान बनती जा रही है।
RashtraPress
22 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

जयशंकर और अनीता आनंद की मनीला बैठक में क्या हुआ?
22 जुलाई 2026 को मनीला में हुई बैठक में दोनों विदेश मंत्रियों ने भारत-कनाडा सहयोग को मजबूत करने और PM मोदी तथा कनाडाई PM मार्क कार्नी द्वारा निर्धारित लक्ष्यों को हासिल करने पर चर्चा की। जयशंकर ने इसे 'बहुत अच्छी बातचीत' बताया।
जयशंकर ने लावरोव से किस मुद्दे पर बात की?
जयशंकर ने रूसी विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव के साथ यूक्रेन संघर्ष क्षेत्र में भारतीय नाविकों की सुरक्षा पर गंभीर चिंता जताई। इसके अलावा व्यापार, ऊर्जा, कनेक्टिविटी, विज्ञान-प्रौद्योगिकी और खाड़ी क्षेत्र की स्थिति पर भी चर्चा हुई।
जयशंकर मनीला किस उद्देश्य से गए थे?
विदेश मंत्री जयशंकर आसियान ढाँचे के तहत आयोजित बहुपक्षीय बैठकों में भाग लेने के लिए दो दिवसीय फिलीपींस दौरे पर थे। इस दौरे में उन्होंने कनाडा, रूस, अमेरिका और सिंगापुर के विदेश मंत्रियों से अलग-अलग द्विपक्षीय वार्ता की।
जयशंकर और अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रूबियो की बैठक में क्या विषय रहे?
दोनों नेताओं ने भारत-अमेरिका व्यापक वैश्विक रणनीतिक साझेदारी के तहत व्यापार एवं टैरिफ, ऊर्जा, रक्षा एवं सुरक्षा, महत्वपूर्ण खनिज और कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) जैसे प्रमुख मुद्दों की समीक्षा की। क्षेत्रीय और बहुपक्षीय मुद्दों पर भी विचार साझा किए गए।
भारत-कनाडा संबंध अभी किस स्थिति में हैं?
हाल के वर्षों में कूटनीतिक तनाव के बाद दोनों देशों के संबंध सामान्य होने की दिशा में बढ़ रहे हैं। मनीला में जयशंकर और अनीता आनंद की बैठक इसी पुनर्निर्माण प्रक्रिया की एक कड़ी मानी जा रही है, हालाँकि ठोस परिणाम अभी सामने आने बाकी हैं।
राष्ट्र प्रेस
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