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क्या भारत-कनाडा साझेदारी पर लगी मुहर, एआई से लेकर साइबर सुरक्षा तक बनी बात?

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क्या भारत-कनाडा साझेदारी पर लगी मुहर, एआई से लेकर साइबर सुरक्षा तक बनी बात?

सारांश

भारत और कनाडा के विदेश मंत्रियों ने नई दिल्ली में मिलकर द्विपक्षीय संबंधों को बढ़ाने के लिए एक महत्वाकांक्षी सहयोग रोडमैप पर सहमति जताई। यह बैठक दोनों देशों के बीच तकनीकी और जलवायु मुद्दों पर गहन चर्चा का हिस्सा थी, जिससे भविष्य की साझेदारी में मजबूती आएगी।

मुख्य बातें

भारत-कनाडा की साझेदारी को आगे बढ़ाने के लिए एक महत्वाकांक्षी सहयोग रोडमैप पर सहमति।
जलवायु परिवर्तन और तकनीकी सहयोग पर जोर।
शिक्षा और सांस्कृतिक आदान-प्रदान को मजबूत करने की योजना।

नई दिल्ली, 13 अक्टूबर (राष्ट्र प्रेस)। भारत के विदेश मंत्री एस जयशंकर और उनकी कनाडाई समकक्ष अनीता आनंद ने सोमवार को नई दिल्ली में द्विपक्षीय बैठक का आयोजन किया। दोनों नेताओं ने भारत-कनाडा की साझेदारी को आगे बढ़ाने के लिए आवश्यक तंत्रों को ‘पुनर्स्थापित और पुनर्जीवित’ करने पर चर्चा की और एक महत्वाकांक्षी सहयोग रोडमैप पर सहमति व्यक्त की।

भारत-कनाडा के द्वारा जारी किए गए संयुक्त बयान में, विदेश मंत्री एस जयशंकर और अनीता आनंद ने सहयोग, सूचना और विशेषज्ञता का आदान-प्रदान करने तथा विभिन्न क्षेत्रों में अपनी जलवायु महत्वाकांक्षाओं का समर्थन करने पर सहमति जताई।

इसमें नवीकरणीय ऊर्जा क्षमता, भारी उद्योगों का कार्बन-मुक्तिकरण, प्लास्टिक प्रदूषण में कमी, रसायनों के सुदृढ़ प्रबंधन का समर्थन और सतत उपभोग सुनिश्चित करना शामिल है।

इसके साथ ही, दोनों देशों ने एआई और डिजिटल अवसंरचना सहित विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी के नए आयाम खोलने के लिए सहयोग बढ़ाने पर जोर दिया है।

संयुक्त बयान में उल्लेख किया गया है, "लोगों के बीच संबंध, आपसी समझ को बढ़ावा देने और दीर्घकालिक सहयोग के निर्माण के लिए, दोनों पक्ष शिक्षा, पर्यटन, सांस्कृतिक आदान-प्रदान और व्यावसायिक गतिशीलता में सहयोग को मजबूत करने पर सहमत हुए। उभरती प्रौद्योगिकियों (जैसे एआई, साइबर सुरक्षा और फिनटेक) में अनुसंधान साझेदारी पर जोर दिया जाएगा और विदेशी परिसरों के माध्यम से भारत में कनाडाई शैक्षणिक उपस्थिति का विस्तार किया जाएगा। इसमें कनाडा-भारत शैक्षणिक नेटवर्क और संस्थागत संबंधों को विस्तारित करने के लिए उच्च शिक्षा पर संयुक्त कार्य समूह को पुनर्जीवित करना भी शामिल है।"

दोनों नेताओं ने वैश्विक मुद्दों पर सहयोग बढ़ाने पर जोर दिया, जिसके तहत अधिक प्रभावी और समावेशी बहुपक्षीय संस्थाओं को सुनिश्चित करने के लिए कार्य किया जाएगा। बातचीत के बाद, जयशंकर ने कहा कि उन्होंने और अनीता आनंद ने वैश्विक घटनाक्रमों और साझा चुनौतियों के प्रति अपनी प्रतिक्रियाओं पर चर्चा की।

भारत के विदेश मंत्री एस जयशंकर ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट किया, "आज नई दिल्ली में कनाडा की विदेश मंत्री अनीता आनंद का स्वागत करते हुए मुझे खुशी हुई। हमारी साझेदारी को आगे बढ़ाने के लिए आवश्यक तंत्रों को पुनर्स्थापित और पुनर्जीवित करने हेतु रचनात्मक चर्चा हुई। वैश्विक घटनाक्रमों और साझा चुनौतियों के प्रति हमारी प्रतिक्रियाओं पर भी विचारों का आदान-प्रदान हुआ। हम एक महत्वाकांक्षी सहयोग रोडमैप पर भी सहमत हुए और अपने सहयोग के पुनर्निर्माण की प्रक्रिया का नेतृत्व करने पर सहमत हुए ताकि यह हमारे नेताओं की अपेक्षाओं और हमारे लोगों के हितों को पूरा कर सके।"

संपादकीय दृष्टिकोण

यह स्पष्ट है कि भारत-कनाडा साझेदारी में बढ़ती रुचि और सहयोग का नया दौर हमारे लिए महत्वपूर्ण है। इस प्रकार के द्विपक्षीय संबंध न केवल आर्थिक विकास में सहायक होते हैं बल्कि वैश्विक चुनौतियों का सामना करने में भी मदद करते हैं।
RashtraPress
6 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

भारत और कनाडा के बीच क्या नए संपर्क स्थापित हुए हैं?
भारत और कनाडा के बीच द्विपक्षीय बैठक में कई नए संपर्क स्थापित किए गए हैं, जिनमें एआई , साइबर सुरक्षा , और जलवायु परिवर्तन के मुद्दों पर सहयोग शामिल है।
साझेदारी का मुख्य उद्देश्य क्या है?
साझेदारी का मुख्य उद्देश्य दोनों देशों के बीच तकनीकी, शैक्षणिक और सांस्कृतिक सहयोग को मजबूत करना है।
बैठक में किन मुद्दों पर चर्चा हुई?
बैठक में नवीकरणीय ऊर्जा, भारी उद्योगों का कार्बन-मुक्तिकरण , प्लास्टिक प्रदूषण और रसायनों के प्रबंधन जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा हुई।
राष्ट्र प्रेस
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