क्या भारतीय शेयर बाजार हफ्ते के पहले कारोबारी दिन लाल निशान में खुला?

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क्या भारतीय शेयर बाजार हफ्ते के पहले कारोबारी दिन लाल निशान में खुला?

सारांश

सोमवार को भारतीय शेयर बाजार ने लाल निशान में शुरुआत की, जिसमें प्रमुख बेंचमार्कों में गंभीर गिरावट देखी गई। निफ्टी और सेंसेक्स में भारी गिरावट के कारण निवेशकों में चिंता बढ़ गई है। जानिए, बाजार के मौजूदा हालात और विशेषज्ञों की राय।

Key Takeaways

  • सोमवार को भारतीय शेयर बाजार लाल निशान में खुला।
  • बीएसई सेंसेक्स में 348 अंक की गिरावट आई।
  • निफ्टी मिडकैप और स्मॉलकैप इंडेक्स में गिरावट देखी गई।
  • विशेषज्ञों का मानना है कि 25,800–25,850 से ऊपर ब्रेकआउट जरूरी है।
  • निवेशकों को सतर्कता बरतने की सलाह दी गई है।

मुंबई, 12 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। सप्ताह के पहले कारोबारी दिन, सोमवार को भारतीय शेयर बाजार लाल निशान में खुला। इस समय घरेलू बाजार के प्रमुख बेंचमार्कों में महत्वपूर्ण गिरावट देखी गई और निफ्टी के सभी इंडेक्स लाल रंग में कारोबार करते दिखाई दिए।

30 शेयरों वाला बीएसई सेंसेक्स गिरावट के साथ सपाट खुला, लेकिन जल्द ही यह गिरावट का सिलसिला जारी रहा और यह 300 से अधिक अंक गिर गया। इस समय बीएसई सेंसेक्स 348 अंक या 0.42 प्रतिशत की गिरावट के साथ 83,228 स्तर पर कारोबार कर रहा था। वहीं, निफ्टी 106.50 अंक या 0.41 प्रतिशत गिरकर 25,576.80 पर ट्रेड कर रहा था।

व्यापक बाजार में निफ्टी मिडकैप इंडेक्स में 0.18 प्रतिशत और निफ्टी स्मॉलकैप इंडेक्स में 0.33 प्रतिशत की गिरावट देखी गई।

सेक्टरवार देखें तो, निफ्टी रियल्टी इंडेक्स में 1.6 प्रतिशत, निफ्टी फार्मा इंडेक्स में 0.97 प्रतिशत, निफ्टी ऑटो इंडेक्स में 0.6 प्रतिशत और निफ्टी आईटी एवं बैंक इंडेक्स में 0.5 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई।

सेंसेक्स पैक में हिंदुस्तान यूनिलीवर लिमिटेड, एशियन पेंट्स, एक्सिस बैंक, टाटा स्टील और एसबीआई के शेयर टॉप गेनर्स में शामिल रहे। जबकि इटरनल, बीईएल, एलएंडटी, पावर ग्रिड, रिलायंस, इंफोसिस, बजाज फाइनेंस के शेयरों में सबसे ज्यादा कमजोरी देखी गई।

चॉइस ब्रोकिंग के टेक्निकल रिसर्च एनालिस्ट आकाश शाह ने कहा कि निफ्टी50 पर अभी भी दबाव बना हुआ है, क्योंकि बाजार को कोई नया मजबूत तेजी का संकेत नहीं मिल रहा है। तकनीकी रूप से देखें तो गिरावट को रोकने के लिए निफ्टी को 25,500-25,600 के सपोर्ट जोन के ऊपर बने रहना जरूरी है। वहीं, बाजार में स्थिरता और सुधार के लिए 25,800–25,850 से ऊपर लगातार ब्रेकआउट आवश्यक है।

एक्सपर्ट ने आगे कहा कि बैंक निफ्टी भी फिलहाल नकारात्मक रुझान के साथ सीमित दायरे में कारोबार कर रहा है। इसका इमीडिएट सपोर्ट 59,000 के पास है। यदि यह स्तर टूटता है तो इंडेक्स 58,900–58,800 तक फिसल सकता है। दूसरी ओर, 59,500-59,600 का दायरा एक मजबूत रेजिस्टेंस बना हुआ है। इस स्तर के ऊपर मजबूती से निकलने पर ही तेजी की उम्मीद की जा सकती है।

आकाश शाह ने कहा कि बीते 9 जनवरी को विदेशी संस्थागत निवेशक (एफआईआई) करीब 3,367 करोड़ रुपए की बिकवाली के साथ लगातार चौथे सत्र में नेट सेलर रहे। वहीं, घरेलू संस्थागत निवेशकों (डीआईआई) ने बाजार को सपोर्ट देते हुए लगभग 3,701 करोड़ रुपए की शुद्ध खरीदारी की।

मार्केट एक्सपर्ट शाह के मुताबिक, मौजूदा हालात को देखते हुए निवेशकों और ट्रेडर्स को सलाह है कि वे चुनिंदा और मजबूत शेयरों पर ही ध्यान दें, गिरावट पर गुणवत्ता वाले शेयरों में अवसर तलाशें और किसी भी आक्रामक पोजीशन से पहले स्पष्ट ब्रेकआउट का इंतजार करें।

Point of View

मैं यह कहना चाहूंगा कि वर्तमान में भारतीय शेयर बाजार में गंभीर गिरावट एक महत्वपूर्ण संकेत है। निवेशकों को चाहिए कि वे सतर्क रहें और केवल मजबूत और विश्वसनीय शेयरों में निवेश करें।
NationPress
12/01/2026

Frequently Asked Questions

भारतीय शेयर बाजार में गिरावट का मुख्य कारण क्या है?
गिरावट का मुख्य कारण विदेशी संस्थागत निवेशकों द्वारा की गई बिकवाली और तकनीकी दबाव है।
क्या निफ्टी और सेंसेक्स में सुधार की संभावना है?
यदि निफ्टी 25,800-25,850 के स्तर से ऊपर निकलता है तो सुधार की संभावना है।
निवेशकों को क्या करना चाहिए?
निवेशकों को चुनिंदा और मजबूत शेयरों पर ध्यान देना चाहिए और गिरावट पर अवसर तलाशना चाहिए।
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