6 सितंबर 2026
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जयशंकर की मनीला में राष्ट्रपति मार्कोस से मुलाकात, भारत-फिलीपींस रणनीतिक साझेदारी को नई मजबूती

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जयशंकर की मनीला में राष्ट्रपति मार्कोस से मुलाकात, भारत-फिलीपींस रणनीतिक साझेदारी को नई मजबूती

सारांश

विदेश मंत्री जयशंकर की मनीला यात्रा महज़ एक राजनयिक औपचारिकता नहीं — यह इंडो-पैसिफिक में भारत की बढ़ती सक्रियता का संकेत है। आसियान अध्यक्षता समर्थन, क्वाड बैठक और भारत-फिलीपींस कार्ययोजना 2025-2029 — तीनों मिलकर 'एक्ट ईस्ट' नीति को नई ऊँचाई दे रहे हैं।

मुख्य बातें

जयशंकर ने मनीला में फिलीपींस के राष्ट्रपति फर्डिनेंड आर.
मार्कोस जूनियर से मुलाकात की और PM मोदी की शुभकामनाएँ पहुँचाईं।
भारत ने आसियान की अध्यक्षता में फिलीपींस को पूर्ण समर्थन देने का भरोसा दिलाया।
भारत-फिलीपींस कार्ययोजना 2025-2029 के तहत व्यापार, रक्षा, समुद्री सुरक्षा, फिनटेक और उच्च शिक्षा में सहयोग बढ़ाने पर सहमति बनी।
फिलीपींस की विदेश मंत्री मारिया थेरेसा पी.
लाजारो से बुधवार को अलग द्विपक्षीय बैठक हुई।
जयशंकर 2022, 2024 और 2026 में लगातार तीसरी बार फिलीपींस की यात्रा पर हैं — राजनयिक निरंतरता का स्पष्ट संकेत।
मनीला में आसियान-भारत पोस्ट-मिनिस्ट्रियल कॉन्फ्रेंस और क्वाड विदेश मंत्रियों की बैठक भी एक साथ आयोजित हुई।

विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर ने 24 जुलाई 2026 को मनीला में फिलीपींस के राष्ट्रपति फर्डिनेंड आर. मार्कोस जूनियर से मुलाकात की और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की शुभकामनाएँ उन तक पहुँचाईं। इस बैठक में भारत-फिलीपींस कार्ययोजना 2025-2029 के प्रभावी क्रियान्वयन और आसियान की अध्यक्षता में फिलीपींस को भारत के पूर्ण समर्थन पर विशेष ज़ोर दिया गया।

मुख्य घटनाक्रम

जयशंकर फिलीपींस की आधिकारिक यात्रा पर हैं, जहाँ वे आसियान ढाँचे के अंतर्गत आयोजित विदेश मंत्रियों की बैठकों में भाग ले रहे हैं। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा कि राष्ट्रपति मार्कोस जूनियर से मुलाकात कर उन्हें प्रसन्नता हुई। उन्होंने कहा, "प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की शुभकामनाएँ राष्ट्रपति मार्कोस जूनियर तक पहुँचाईं और आसियान की अध्यक्षता के सफल संचालन के लिए हरसंभव सहयोग का भरोसा दिया। भारत-फिलीपींस कार्ययोजना 2025-2029 के प्रभावी क्रियान्वयन के साथ दोनों देशों की रणनीतिक साझेदारी लगातार मजबूत हो रही है।"

द्विपक्षीय वार्ता और सहयोग के क्षेत्र

इससे एक दिन पूर्व, बुधवार को जयशंकर ने फिलीपींस की विदेश मंत्री मारिया थेरेसा पी. लाजारो से भी मुलाकात की। दोनों नेताओं ने इंडो-पैसिफिक क्षेत्र के हालिया घटनाक्रमों की समीक्षा की और रणनीतिक साझेदारी को और सुदृढ़ करने के उपायों पर चर्चा की।

जयशंकर ने बताया कि व्यापार एवं निवेश, शिक्षा, रक्षा और सुरक्षा, समुद्री सहयोग, क्षमता निर्माण तथा विकास सहयोग जैसे प्रमुख क्षेत्रों में सहयोग को और विस्तार देने पर आपसी सहमति बनी। विदेश मंत्री लाजारो ने भी पुष्टि करते हुए कहा, "दोनों देशों ने फिनटेक, व्यापार एवं निवेश, उच्च शिक्षा, दवा उद्योग, रक्षा, समुद्री सुरक्षा और महत्वपूर्ण बुनियादी ढाँचे जैसे क्षेत्रों में सहयोग को और मजबूत करने की अपनी प्रतिबद्धता दोहराई।"

राजनयिक निरंतरता का संकेत

भारत में फिलीपींस के राजदूत जोसेल एफ. इग्नासियो ने जयशंकर की इस यात्रा को अत्यंत महत्वपूर्ण बताया। उन्होंने कहा, "विदेश मंत्री वर्ष 2022, 2024 और अब 2026 में लगातार फिलीपींस का दौरा कर चुके हैं। इस नियमित संवाद से दोनों देशों के बीच आपसी हितों से जुड़े मुद्दों पर गहन चर्चा का अवसर मिलता है।" यह ऐसे समय में आया है जब इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में भू-राजनीतिक तनाव बढ़ रहे हैं और भारत अपनी 'एक्ट ईस्ट' नीति को और धार देने में जुटा है।

क्वाड और आसियान की भूमिका

मनीला में आसियान-भारत पोस्ट-मिनिस्ट्रियल कॉन्फ्रेंस के साथ-साथ क्वाड देशों के विदेश मंत्रियों की बैठक का भी आयोजन हुआ, जिसे क्षेत्रीय सहयोग की दिशा में एक सकारात्मक कदम माना जा रहा है। गौरतलब है कि यह बैठक ऐसे समय में हो रही है जब दक्षिण चीन सागर में तनाव की स्थिति बनी हुई है और भारत तथा फिलीपींस दोनों समुद्री सुरक्षा के मुद्दे पर समान दृष्टिकोण रखते हैं।

आगे की राह

भारत-फिलीपींस कार्ययोजना 2025-2029 के तहत दोनों देशों के बीच संस्थागत संवाद को और नियमित किए जाने की उम्मीद है। रक्षा, समुद्री सुरक्षा और फिनटेक जैसे उभरते क्षेत्रों में सहयोग के नए अध्याय खुलने की संभावना है, जो दोनों देशों की साझेदारी को व्यापक आर्थिक और सामरिक आधार देगा।

संपादकीय दृष्टिकोण

आलोचकों का कहना है कि समुद्री सुरक्षा और रक्षा सहयोग के ठोस समझौतों की घोषणा अभी भी लंबित है। असली परीक्षा यह होगी कि कार्ययोजना के लक्ष्य वास्तविक व्यापार और निवेश वृद्धि में कितने तब्दील होते हैं।
RashtraPress
6 सितंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

विदेश मंत्री जयशंकर की फिलीपींस यात्रा का मुख्य उद्देश्य क्या था?
जयशंकर आसियान ढाँचे के तहत मनीला में आयोजित विदेश मंत्रियों की बैठकों में भाग लेने गए थे। इसके साथ ही उन्होंने राष्ट्रपति मार्कोस जूनियर और विदेश मंत्री लाजारो से द्विपक्षीय वार्ता की तथा भारत-फिलीपींस रणनीतिक साझेदारी को और मजबूत करने पर चर्चा की।
भारत-फिलीपींस कार्ययोजना 2025-2029 क्या है?
यह दोनों देशों के बीच एक संरचित द्विपक्षीय रोडमैप है जो व्यापार, निवेश, रक्षा, समुद्री सुरक्षा, उच्च शिक्षा, फिनटेक और विकास सहयोग जैसे क्षेत्रों में सहयोग को दिशा देता है। इस कार्ययोजना के प्रभावी क्रियान्वयन पर जयशंकर की मनीला यात्रा में विशेष ज़ोर दिया गया।
क्वाड विदेश मंत्रियों की मनीला बैठक में क्या हुआ?
मनीला में आसियान-भारत पोस्ट-मिनिस्ट्रियल कॉन्फ्रेंस के साथ-साथ क्वाड देशों के विदेश मंत्रियों की बैठक भी हुई। इसे इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में सहयोग की दिशा में एक सकारात्मक कदम माना जा रहा है, हालाँकि बैठक के विस्तृत निष्कर्ष अभी सार्वजनिक नहीं किए गए हैं।
जयशंकर की फिलीपींस यात्राएँ कितनी बार हो चुकी हैं?
जयशंकर 2022, 2024 और अब 2026 में लगातार तीसरी बार फिलीपींस की आधिकारिक यात्रा पर हैं। फिलीपींस के राजदूत जोसेल एफ. इग्नासियो के अनुसार, इस नियमित संवाद से दोनों देशों के बीच आपसी हितों पर गहन चर्चा का अवसर मिलता है।
भारत और फिलीपींस के बीच किन क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने पर सहमति बनी?
दोनों देशों ने फिनटेक, व्यापार एवं निवेश, उच्च शिक्षा, दवा उद्योग, रक्षा, समुद्री सुरक्षा और महत्वपूर्ण बुनियादी ढाँचे जैसे क्षेत्रों में सहयोग को और मजबूत करने की प्रतिबद्धता दोहराई। यह सहमति विदेश मंत्री लाजारो के साथ बुधवार की बैठक में भी पुष्ट की गई।
राष्ट्र प्रेस
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