जयशंकर की मनीला में राष्ट्रपति मार्कोस से मुलाकात, भारत-फिलीपींस रणनीतिक साझेदारी को नई मजबूती
सारांश
मुख्य बातें
विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर ने 24 जुलाई 2026 को मनीला में फिलीपींस के राष्ट्रपति फर्डिनेंड आर. मार्कोस जूनियर से मुलाकात की और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की शुभकामनाएँ उन तक पहुँचाईं। इस बैठक में भारत-फिलीपींस कार्ययोजना 2025-2029 के प्रभावी क्रियान्वयन और आसियान की अध्यक्षता में फिलीपींस को भारत के पूर्ण समर्थन पर विशेष ज़ोर दिया गया।
मुख्य घटनाक्रम
जयशंकर फिलीपींस की आधिकारिक यात्रा पर हैं, जहाँ वे आसियान ढाँचे के अंतर्गत आयोजित विदेश मंत्रियों की बैठकों में भाग ले रहे हैं। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा कि राष्ट्रपति मार्कोस जूनियर से मुलाकात कर उन्हें प्रसन्नता हुई। उन्होंने कहा, "प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की शुभकामनाएँ राष्ट्रपति मार्कोस जूनियर तक पहुँचाईं और आसियान की अध्यक्षता के सफल संचालन के लिए हरसंभव सहयोग का भरोसा दिया। भारत-फिलीपींस कार्ययोजना 2025-2029 के प्रभावी क्रियान्वयन के साथ दोनों देशों की रणनीतिक साझेदारी लगातार मजबूत हो रही है।"
द्विपक्षीय वार्ता और सहयोग के क्षेत्र
इससे एक दिन पूर्व, बुधवार को जयशंकर ने फिलीपींस की विदेश मंत्री मारिया थेरेसा पी. लाजारो से भी मुलाकात की। दोनों नेताओं ने इंडो-पैसिफिक क्षेत्र के हालिया घटनाक्रमों की समीक्षा की और रणनीतिक साझेदारी को और सुदृढ़ करने के उपायों पर चर्चा की।
जयशंकर ने बताया कि व्यापार एवं निवेश, शिक्षा, रक्षा और सुरक्षा, समुद्री सहयोग, क्षमता निर्माण तथा विकास सहयोग जैसे प्रमुख क्षेत्रों में सहयोग को और विस्तार देने पर आपसी सहमति बनी। विदेश मंत्री लाजारो ने भी पुष्टि करते हुए कहा, "दोनों देशों ने फिनटेक, व्यापार एवं निवेश, उच्च शिक्षा, दवा उद्योग, रक्षा, समुद्री सुरक्षा और महत्वपूर्ण बुनियादी ढाँचे जैसे क्षेत्रों में सहयोग को और मजबूत करने की अपनी प्रतिबद्धता दोहराई।"
राजनयिक निरंतरता का संकेत
भारत में फिलीपींस के राजदूत जोसेल एफ. इग्नासियो ने जयशंकर की इस यात्रा को अत्यंत महत्वपूर्ण बताया। उन्होंने कहा, "विदेश मंत्री वर्ष 2022, 2024 और अब 2026 में लगातार फिलीपींस का दौरा कर चुके हैं। इस नियमित संवाद से दोनों देशों के बीच आपसी हितों से जुड़े मुद्दों पर गहन चर्चा का अवसर मिलता है।" यह ऐसे समय में आया है जब इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में भू-राजनीतिक तनाव बढ़ रहे हैं और भारत अपनी 'एक्ट ईस्ट' नीति को और धार देने में जुटा है।
क्वाड और आसियान की भूमिका
मनीला में आसियान-भारत पोस्ट-मिनिस्ट्रियल कॉन्फ्रेंस के साथ-साथ क्वाड देशों के विदेश मंत्रियों की बैठक का भी आयोजन हुआ, जिसे क्षेत्रीय सहयोग की दिशा में एक सकारात्मक कदम माना जा रहा है। गौरतलब है कि यह बैठक ऐसे समय में हो रही है जब दक्षिण चीन सागर में तनाव की स्थिति बनी हुई है और भारत तथा फिलीपींस दोनों समुद्री सुरक्षा के मुद्दे पर समान दृष्टिकोण रखते हैं।
आगे की राह
भारत-फिलीपींस कार्ययोजना 2025-2029 के तहत दोनों देशों के बीच संस्थागत संवाद को और नियमित किए जाने की उम्मीद है। रक्षा, समुद्री सुरक्षा और फिनटेक जैसे उभरते क्षेत्रों में सहयोग के नए अध्याय खुलने की संभावना है, जो दोनों देशों की साझेदारी को व्यापक आर्थिक और सामरिक आधार देगा।