चक्रवात 'अर्नब' से श्रीकाकुलम में भारी तबाही, NH-16 डूबा, ट्रेनें रद्द
सारांश
मुख्य बातें
चक्रवात 'अर्नब' के कारण हुई मूसलाधार बारिश ने आंध्र प्रदेश के श्रीकाकुलम जिले में भारी तबाही मचाई है। 29 अक्टूबर 2026 को कई गाँव जलमग्न हो गए, नेशनल हाईवे-16 पूरी तरह पानी में डूब गया और सड़क व रेल संपर्क ठप हो गया। फसलों को भारी नुकसान पहुँचा है और राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल (NDRF) तथा राज्य आपदा प्रतिक्रिया बल (SDRF) की टीमें बचाव एवं राहत कार्यों में जुटी हैं।
नदियों में उफान और बाढ़ का संकट
गुरुवार को वमसाधारा, नागावली, महेंद्रतनया और बहुदा नदियाँ उफान पर रहीं। भारी बारिश के साथ-साथ पड़ोसी राज्य ओडिशा से आए बाढ़ के पानी ने स्थिति को और गंभीर बना दिया।
ओडिशा के अधिकारियों द्वारा बघलाती बाँध के गेट खोले जाने के बाद ऊपरी इलाकों से आए भारी जलप्रवाह ने इचापुरम में बहुदा नदी को विकराल रूप दे दिया। इस कारण श्रीकाकुलम जिले में नदी का जलस्तर अप्रत्याशित रूप से बढ़ गया और अधिकारियों ने बहुदा नदी के लिए तीसरी खतरे की चेतावनी जारी की। यह ऐसे समय में आया है जब पहले से ही पिछले तीन दिनों की भारी बारिश ने ज़मीन को जल-संतृप्त कर दिया था।
सड़क और रेल संपर्क पूरी तरह बाधित
तीन दिनों की अविराम बारिश और बहुदा नदी में आई बाढ़ के कारण नेशनल हाईवे-16 पानी में डूब गया, जिससे इस महत्वपूर्ण मार्ग पर यातायात पूरी तरह ठप हो गया। उत्तरी तटीय आंध्र प्रदेश में कई जगहों पर सड़कें तालाब में तब्दील हो गईं।
सोमपेटा मंडल के तल्लाभद्र में रेलवे ट्रैक पानी में डूब गया और कांचीली मंडल के जादुपुडी में भी रेलवे ट्रैक जलमग्न हो गया। इसके चलते साउथ कोस्ट रेलवे ने श्रीकाकुलम और विशाखापत्तनम जिलों से गुज़रने वाली कई ट्रेनों को रद्द कर दिया या उनके मार्ग बदल दिए।
चक्रवात 'अर्नब' की स्थिति और मौसम विभाग का अपडेट
बुधवार की तड़के तट से टकराने वाला चक्रवात 'अर्नब' भूस्खलन के बाद कमज़ोर होकर एक निम्न दबाव के क्षेत्र में बदल गया। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के अनुसार, 29 अक्टूबर की सुबह 8.30 बजे यह दबाव दक्षिण छत्तीसगढ़ और उससे सटे दक्षिण ओडिशा के ऊपर स्थित था।
विभाग ने बताया कि यह प्रणाली जगदलपुर से लगभग 40 किमी उत्तर-उत्तरपश्चिम, टिटलागढ़ (ओडिशा) से 180 किमी दक्षिण-पश्चिम और रायपुर (छत्तीसगढ़) से 200 किमी दक्षिण में केंद्रित थी। IMD के अनुसार, इसके उत्तर की ओर बढ़ते रहने और 29 अक्टूबर की शाम तक उत्तरी छत्तीसगढ़ व उससे सटे उत्तर-पश्चिमी ओडिशा के ऊपर 'वेल-मार्क्ड लो-प्रेशर एरिया' में कमज़ोर हो जाने की प्रबल संभावना है।
गौरतलब है कि पिछले 24 घंटों में उत्तरी आंध्र प्रदेश, पूर्वोत्तर तेलंगाना, छत्तीसगढ़, ओडिशा, झारखंड और गांगेय पश्चिम बंगाल में व्यापक बारिश दर्ज की गई। दक्षिण ओडिशा और उत्तरी आंध्र प्रदेश के कुछ इलाकों में अत्यधिक भारी बारिश दर्ज की गई।
राहत और बचाव अभियान
बाढ़ प्रभावित गाँवों में NDRF और SDRF की टीमें राहत व बचाव कार्य में सक्रिय हैं। बाढ़ के कारण जिले के कई गाँवों का संपर्क मुख्यधारा से कट गया है। फसलों को हुए भारी नुकसान का अभी तक पूर्ण आकलन नहीं हो सका है।
जैसे-जैसे दबाव प्रणाली उत्तर की ओर खिसकेगी, प्रभावित जिलों में जलस्तर में धीरे-धीरे कमी आने की उम्मीद है — हालाँकि आने वाले दिनों में भी कुछ क्षेत्रों में भारी बारिश की आशंका बनी हुई है।