क्या चक्रवात ‘दितवाह’ ने श्रीलंका में तबाही मचाई है?

Click to start listening
क्या चक्रवात ‘दितवाह’ ने श्रीलंका में तबाही मचाई है?

सारांश

चक्रवात ‘दितवाह’ ने श्रीलंका में व्यापक तबाही का मंजर पेश किया है। भारतीय वायुसेना और राहतकर्मियों की तत्परता से जानें बचाई जा रही हैं। जानें इस संकट में भारत की सहायता की कहानी।

Key Takeaways

  • चक्रवात ‘दितवाह’ ने श्रीलंका में भारी तबाही मचाई।
  • भारतीय वायुसेना ने राहत कार्य में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
  • ‘ऑपरेशन सागर बंधु’ के तहत लोगों की जानें बचाई गईं।
  • वायुसेना ने बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में राशन वितरित किया।
  • भारत ने अपने पड़ोसी देश की मदद में तत्परता दिखाई।

नई दिल्ली, 1 दिसंबर (राष्ट्र प्रेस)। चक्रवात ‘दितवाह’ ने श्रीलंका में भयंकर तबाही का मंजर पेश किया है। इस चक्रवात के चलते ना केवल जान-माल का नुकसान हुआ है, बल्कि कई स्थानों पर सड़कें भी पूरी तरह से नष्ट हो गई हैं। चक्रवात के कारण आई बाढ़ में कई लोगों के घर डूब गए हैं। ऐसे कठिन समय में भारतीय वायुसेना और भारतीय राहतकर्मियों ने लोगों की जान बचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।

श्रीलंका में राहत और बचाव कार्य के लिए भारत द्वारा ‘ऑपरेशन सागर बंधु’ का संचालन किया जा रहा है। सोमवार को भी यह ऑपरेशन तेजी से जारी रहा। संकटग्रस्त क्षेत्रों में भारतीय वायुसेना, एनडीआरएफ और मेडिकल टीमें लगातार लोगों की मदद में जुटी रहीं।

चक्रवात ‘दितवाह’ और भारी बारिश के कारण उत्पन्न आपदा के मद्देनजर भारत ने अपने मानवीय सहायता और आपदा राहत अभियान ‘ऑपरेशन सागर बंधु’ को और अधिक गति दी है। सोमवार को यह जानकारी मिली कि प्रभावित क्षेत्रों में फंसे भारतीय नागरिकों के लिए एक अतिरिक्त आपातकालीन हेल्पलाइन भी शुरू की गई है।

नए आपातकालीन नंबर- 94 77 372 7832 और 94 77 122 9026 व्हाट्सऐप पर उपलब्ध हैं।

कोलंबो स्थित भारतीय उच्चायोग फंसे हुए सभी भारतीय नागरिकों को हरसंभव सहायता प्रदान कर रहा है। इसी बीच, भारतीय वायुसेना की मदद से श्रीलंका के पुत्तलम में एनडीआरएफ की टीम पहुंच चुकी है। यह इलाका पूरी तरह से क्षेत्रों से कट गया है, और यहां सामान्य आवाजाही के लिए कोई रास्ता नहीं बचा है। ऐसे में भारतीय दलों ने यहां से 38 लोगों को सुरक्षित निकाला है।

पुत्तलम के थुम्मदोरा गांव में, जहां सड़क मार्ग पूरी तरह बाधित है, एनडीआरएफ की विशेष टीम ने गर्भवती महिलाओं, बच्चों, शिशुओं और पालतू जानवरों सहित 38 लोगों को सुरक्षित निकाला। टीम ने घर-घर जाकर मदद की और कठिन परिस्थितियों के बावजूद जीवनरक्षक अभियान जारी रखा।

यह अभियान भारतीय आपदा प्रतिक्रिया बल की विशेषज्ञता और तत्परता का प्रमाण है। वहीं, भारतीय वायुसेना की मेडिकल टीम ने श्रीलंकाई वायुसेना को क्यूब अस्पतालों का प्रशिक्षण दिया है, जिससे स्वास्थ्य सेवाएं तुरंत उपलब्ध कराई जा सकें।

भारतीय वायुसेना की मेडिकल क्रिटिकल केयर टीम ने कटनायके में श्रीलंकाई वायुसेना कर्मियों को क्यूब्स यानी तेजी से स्थापित किए जा सकने वाले मॉड्यूलर फील्ड अस्पताल का उपयोग सिखाया। ये अस्पताल प्रभावित क्षेत्रों में मंगलवार से तैनात किए जाएंगे, जिससे आपातकालीन चिकित्सा सेवाएं तुरंत उपलब्ध कराई जा सकें।

इसके अलावा वायुसेना ने अन्य क्षेत्रों में 57 और लोगों को सुरक्षित निकाला। वायुसेना ने बाढ़ और प्रभावित इलाकों में फंसे लोगों के लिए 2.5 टन राशन भी पहुंचाया है। ‘ऑपरेशन सागर बंधु’ के तहत भारतीय वायुसेना के आईएफसी 1875 हेलीकॉप्टर ने सोमवार को इरुंगुवट्टा से जिन 57 लोगों को बचाया है, उनमें 10 बच्चे भी शामिल थे।

वायुसेना के मुताबिक इन सभी लोगों को सुरक्षित निकालकर माताले पहुंचाया गया है। इसी मिशन में हेलीकॉप्टर ने 2.5 टन राहत सामग्री भी प्रभावित क्षेत्रों में पहुंचाई, जहां स्थानीय टीमें वितरण कार्य में लगी हुई हैं। वहीं कोटमले में भारतीय वायुसेना का बड़ा अभियान जारी रहा। यहां 45 लोगों की हवाई अभियान के जरिए जान बचाई गई। श्रीलंका के कोटमले क्षेत्र में भी सड़क संपर्क पूरी तरह टूट चुका है।

गौरतलब है कि यहां भारतीय वायुसेना ने श्रीलंकाई अधिकारियों के साथ समन्वय कर बड़े पैमाने पर बचाव अभियान चलाया था। विभिन्न मिशनों में भारतीय वायुसेना के हेलीकॉप्टरों ने 6 गंभीर रूप से घायल व्यक्तियों और 4 शिशुओं सहित कुल 45 लोगों को सुरक्षित निकालकर कोलंबो पहुंचाया था। बचाए गए लोगों में 12 भारतीय नागरिक शामिल थे, जबकि अन्य यात्रियों में जर्मनी, दक्षिण अफ्रीका, स्लोवेनिया, यूके, पोलैंड, बेलारूस, ईरान, ऑस्ट्रेलिया, पाकिस्तान, बांग्लादेश और श्रीलंका के नागरिक थे।

ग्राउंड ऑपरेशंस को मजबूत करने के लिए भारतीय वायुसेना ने 57 श्रीलंकाई सैनिकों को भी प्रभावित क्षेत्र में एयरलिफ्ट किया है। भारत द्वारा निरंतर चलाए जा रहे इन राहत अभियानों ने न केवल समय पर पीड़ितों तक सहायता पहुंचाई है, बल्कि यह भी प्रदर्शित किया है कि भारत कठिन परिस्थितियों में हमेशा अपने पड़ोसी देशों के साथ खड़ा रहता है।

चुनौतियों भरे मौसम, बाधित मार्गों और जोखिमपूर्ण इलाकों के बावजूद भारतीय वायुसेना और एनडीआरएफ ने त्वरित, संगठित और संवेदनशील तरीके से राहत कार्य करते हुए अब तक श्रीलंका में सैकड़ों लोगों की जानें बचाई हैं। वायुसेना के मुताबिक ‘ऑपरेशन सागर बंधु’ अभी भी जारी है। भारत श्रीलंका की इस आपदा की घड़ी में पूरी क्षमता से सहायता कर रहा है।

Point of View

बल्कि यह दर्शाती है कि भारत हमेशा अपने पड़ोसी देशों के साथ खड़ा रहता है। भारतीय वायुसेना और राहतकर्मियों की तत्परता इस संकट में प्रेरणादायक है।
NationPress
06/02/2026

Frequently Asked Questions

चक्रवात ‘दितवाह’ कब आया?
चक्रवात ‘दितवाह’ 1 दिसंबर को श्रीलंका में आया।
भारत की मदद कैसे पहुंचाई जा रही है?
भारत ने ‘ऑपरेशन सागर बंधु’ के तहत वायुसेना और एनडीआरएफ के माध्यम से राहत कार्य शुरू किया है।
क्या राहतकर्मियों ने लोगों को बचाया?
हां, राहतकर्मियों ने सैकड़ों लोगों की जानें बचाई हैं।
Nation Press